क्या महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजीत पवार का विमान हादसा सिर्फ एक दुर्घटना था या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है? अजीत पवार के भतीजे और एनसीपी शरद पवार के विधायक रोहित पवार ने जांच पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि पिछले कई दिनों में जुटाई गई जानकारी से इस घटना में साजिश की संभावनाएं दिखाई देती हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में प्लेन हादसा हुआ था। जिसमें तत्कालीन उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की निधन हो गई थी। 10 फरवरी को रोहित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कई सारे सवाल खड़े किए।
उन्होंने इस घटना की जांच कर रही क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट यानी कि सीआईडी की क्षमता पर भी सवाल उठाए। रोहित ने मांग की है कि इस विमान हादसे की जांच किसी स्वतंत्र थर्ड पार्टी एजेंसी से कराई जानी चाहिए। जैसे कि नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड फ्रांस का ब्यूरो ऑफ इंक्वायरी एंड एनालिसिस फॉर सिविल एिएशन सेफ्टी या ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच रोहित पवार ने कहा कि जिस कंपनी ने फ्लाइट उपलब्ध कराई थी उसके बारे में जानकारी मेन पायलट का पिछला रिकॉर्ड और उड़ान के आखिरी मिनटों की बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट देखने के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के साथ मैंने भी यह निष्कर्ष निकाला है कि इसमें साजिश की संभावना हो हो सकती है जिसमें हमारे नेता अजीत पवार की निधन हुई।
इस घटना की गहराई से जांच होनी चाहिए और मुझे नहीं लगता कि इस मामले की जांच के लिए सीआईडी पर्याप्त रूप से सक्षम है। इसके लिए किसी थर्ड पार्टी एजेंसी की जरूरत है। रोहित पवार ने करीब 1 घंटे की प्रेजेंटेशन दी जिसमें 54 स्लाइड के जरिए 27 जनवरी से अजीत पवार की गतिविधियों का पूरा ब्यौरा दिया। इस प्रेजेंटेशन में उन स्क्रीनशॉट को भी शामिल किया गया जिन्हें उन्होंने विमान के मालिक कंपनी वीएसआर के आंतरिक WhatsApp चैट बताया। इन चैट्स में पायलट की कथित शराब पीने की समस्या का जिक्र होने का दावा किया गया है। विमान हादसे के बाद यह पहली बार है जब परिवार यानी कि पवार परिवार के किसी भी सदस्य ने खुले तौर पर साजिश की आशंका जताई हो।
रोहित पवार ने यह भी कहा कि वेसआर समूह के संचालन वाले विमानों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने वीवीआईपी यात्रा के लिए विमान उपलब्ध कराने वाली कंपनी एरो एयरक्राफ्ट सेल्स एंड कैरेक्टर प्राइवेट लिमिटेड को राज्य सरकार के नियुक्त करने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि हादसे के वक्त भी गाहे बगाहे राजनीतिक हलकों में साजिश की बात उठी थी। लेकिन तब शरद पवार ने किसी भी तरह की साजिश से इंकार किया था।
इस पर रोहित ने कहा कि उस समय मौजूद जानकारी के आधार पर शरद पवार ने बयान दिया था और अगले दिन बारामती में बड़ी भीड़ आने वाली थी। इस वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उनका फैसला सही था।
रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने 13 दिनों तक अलग-अलग सोर्सेस से जानकारी जुटाने के बाद अपनी यह राय बनाई है कि घटना में साजिश की संभावना हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने पार्थ पवार और जय पवार दोनों ही अजीत पवार के बेटे हैं। उनसे बात की है। हालांकि उन्होंने यह प्रेजेंटेशन शरद पवार को नहीं दिखाई है। लेकिन वो मानते हैं कि शरद पवार भी ऐसा ही सोचते होंगे जैसा कि रोहित पवार सोचते हैं।
रोहित पवार ने दावा किया कि हादसे से पहले अजीत पवार का ट्रैवल प्लान आखिरी समय में बदला गया था। उनके मुताबिक कैबिनेट बैठक के बाद अजीत पवार को शाम करीब 5 या 5:30 बजे पुणे से मुंबई कार से जाना था। लेकिन एक बड़े नेता के देर से पहुंचने और लंबी बातचीत के कारण यात्रा में देरी हुई। इसके बाद कार से जाने का प्लान रद्द कर दिया गया और आखिरी समय में हवाई जहाज बुक किया गया। रोहित पवार ने कई ऐसी बातों का जिक्र किया है जिस वजह से उनके मन में शक पैदा हो रहा है। में अजीत पवार के सफर प्लान में बदलाव, फ्लाइट शेड्यूल में फेरबदल, कम विजिबिलिटी के बावजूद पायलट का विमान लैंड कराना, रनवे 11 का इस्तेमाल करने पर जोर देना, विमान को समय से पहले कम ऊंचाई पर लाना, आखिरी मिनटों में पायलट का शांत रहना, केंद्रीय नागरिक उड्डन मंत्रालय की रिपोर्ट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ट्रांसक्रिप्ट में अंतर और क्रैश से 1 मिनट पहले फ्लाइट रडार डाटा का बंद हो जाना शामिल है। रोहित पवार ने कहा कि यह सभी बातें आपस में जुड़ी हुई हैं और इनकी गहराई से जांच होना जरूरी है। इस दौरान रोहित पवार ने कुछ WhatsApp मैसेज के स्क्रीनशॉट भी दिखाए जिन्हें उन्होंने वीएसआर कंपनी के एक इंटरनल ग्रुप का बताया। उनके मुताबिक इन मैसेज में कैप्टन वी के सिंह पायलटों को जिनमें अजीत पवार की फ्लाइट के पायलट भी शामिल थे। शराब पीने से सावधान रहने की बात कह रहे थे।
रोहित पवार ने कहा कि पायलट को पीने की आदत के कारण 3 साल तक उड़ान से हटाया गया था। यानी कि हवाई जहाज चलाने से। अमेरिका में ट्रेनिंग के दौरान भी उसे की हालत में पाए जाने पर बीच में ही वापस आना पड़ा था। मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा, लेकिन मैंने अपने नेता और अपने चाचा को खोया है। इसलिए उनकी मौत किन हालत में हुई यह सवाल पूछने और जांच की मांग करने का मुझे पूरा अधिकार है।
डीजीसीए यानी कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने वीएसआर वेंचर्स की जांच के लिए छह सदस्यों की एक टीम से विशेष ऑडिट शुरू कर दिया है। इसके साथ ही डीजीसीए देश में सभी नॉन रेगुलेटर विमान ऑपरेटर्स का दो स्टेज में ऑडिट भी कर रहा है।
