गोविंदा के पास गाड़ी नहीं है। गाड़ियां है। गोविंदा जी बेकार हो गए तो भिखारी जैसा हो गए तो टैक्सी में घूम रहे। सुपरस्टार गोविंदा को क्यों छोटे-मोटे इवेंट्स करने पड़ रहे हैं। क्यों गोविंदा छोटी-मोटी कार्स में घूम रहे हैं?
जहां हम एक तरफ देखते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री के सारे स्टार्स लग्जरी कार्स के नीचे तो बात ही नहीं करते हैं। वहीं गोविंदा जो इतने बड़े लेजेंड हैं उनकी लाइफ में आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें अब पैसों के लिए या इनकम के लिए इस तरह के इवेंट्स पर डिपेंड होना पड़ा है। यह सवाल पब्लिक अब तक पूछ रही थी उनके पिछले कुछ वीडियोस देखकर। और अब इन सवालों का जवाब दिया है गोविंदा ने नहीं बल्कि उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने।
शशि 33 साल से गोविंदा को संभाल रहे हैं और शशि ने मीडिया के लोगों के जो भी सवाल थे उनका जवाब दिया। शशि ने कहा कि गोविंदा के ऊपर कर्जा था। गोविंदा जिस वक्त पॉलिटिक्स में थे तब उन्होंने काफी लोगों की मदद की। जब उन्हें पैसा सरकार की तरफ से नहीं भी मिला तो उन्होंने खुद का घर गिरवी रखकर लोगों की मदद की। बेचारे का एक टाइम ऐसा आया पैसे नहीं थे और पैसे के लिए घर गिरवी रखना पड़ा था। उनका जल दर्शन में जो फ्लैट था वह गिरवी था। गोविंदा को अपने उस फ्लैट को गिरवी से छुड़वाने के लिए बैंक से लोन लेना पड़ा। तब जाकर उनका घर मॉडगेज फ्री हुआ। हालांकि इसके बाद बैंक लोन की ईएमआई शुरू हो गई थी और बाकी जो घर के खर्चे हैं, बच्चों की लाइफस्टाइल है, बीवी के जो खर्चे हैं और एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जो कुछ भी पैसा चाहिए उस पैसे को कमाने के लिए गोविंदा के पास जब फिल्में नहीं थी तो उन्हें इस तरह के इवेंट्स करने पड़े।
शी ने कहा कि चाहे लोग कुछ भी कहे कि गोविंदा ऐसे इवेंट्स क्यों कर रहे हैं? लेकिन यही इवेंट्स करके गोविंदा ने अपना कर्जा खत्म किया है। इज्जत के साथ वो शो नहीं करेगा तो कर्जा कैसे चुका? मकान फ्री हुआ है गिरवी से। उनका घर जो जलदर्शन वाला है वो अब लोन फ्री हो चुका है। उस पर अब एक भी पैसा बकाया नहीं है। गोविंदा फिल्में भी करना चाहते हैं। उनके पास स्क्रिप्ट भी आ रही है। ऑफर्स भी आ रहे हैं। लेकिन जब कोई स्क्रिप्ट उन्हें नहीं जमती है तो वह नहीं करते हैं। गोविंदा यह काम करके खुश है तो फिर पब्लिक को इस पर सवाल नहीं खड़ा करना चाहिए। खैर यह बात सही है कि गोविंदा को अगर इस तरह का काम करने में दिक्कत नहीं है तो लोगों को भी उंगली खड़ी नहीं करनी चाहिए। लेकिन गोविंदा की टीम को पब्लिक के पर्सपेक्टिव से सोचना होगा।
यह वो पब्लिक है जिन्होंने गोविंदा पर पैसा लुटाया था। थिएटर में गोविंदा का एक डांस, एक इमोशनल सीन देखकर इस पब्लिक ने भी अपने इमोशंस जाया किए हैं। उसी गोविंदा को जब ऐसी स्थिति में वो पब्लिक देखती है तो उनका दिल टूट जाता है और फिल्म इंडस्ट्री की एक इमेज सामने आती है कि यह इंडस्ट्री है कभी भी किसी को उठा लेती है और कभी भी किसी को फर्श पर छोड़ देती है। बस ऐसा ही कुछ हुआ है गोविंदा के साथ। वी होप कि गोविंदा एक बार फिर से शानदार कमबैक करें। गोविंदा क्या इन दिनों तो इंडस्ट्री का दौर ही खराब चल रहा है। अब इंडस्ट्री को टैलेंट की वैल्यू करना सीखना पड़ेगा और जिस दिन टैलेंट की वैल्यू इंडस्ट्री करने लग जाएगी उस दिन गोविंदा को ऐसे इवेंट्स नहीं करने पड़ेंगे क्योंकि यही इंडस्ट्री उन्हें काम देगी। की
