ग्लैमर अपील नहीं..” मुस्लिम एक्ट्रेस पर डाला ‘नाम’ बदलने का दबाव!

मुस्लिम एक्ट्रेस पर डाला नाम बदलने का दबाव। ग्लैमर और सेक्स अपील नहीं है सरेआम की हसीना की बेइज्जती। मां के सामने खूब रोई 16 साल की एक्ट्रेस। जब नाम बदलने से किया इंकार फिर हुआ कुछ ऐसा सब हैरान। फिल्म इंडस्ट्री में नाम बदलना कोई नई बात नहीं है। मीना कुमारी का असली नाम महजवी बानो था। दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद यूसुफ खान। किियारा आडवाणी का असली नाम आलिया था।

ज्यादातर सितारों ने अपने नाम खुद की मर्जी और इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने के लिए बदले थे। जबरदस्ती और बेइज्जती का शिकार शायद ही कोई हुआ होगा। लेकिन आपको बता दें एक ऐसी एक्ट्रेस भी हैं जिन पर नाम बदलने का दबाव बनाया गया।

वह नहीं चाहती थी कि उनका नाम बदला जाए। जिसके चलते उन्होंने सरेआम बेइज्जती का सामना किया। यहां हम बात कर रहे हैं 60ज की फेमस और लेजेंडरी एक्ट्रेस वहीदा रहमान की। जी हांवाहदा रहमान नाम सुनकर शायद आपको भी शॉक लग गया होगा कि एक्ट्रेस पर नाम बदलने का दबाव बनाया गया था। लेकिन यह एकदम सच है और इस बात का खुलासा खुद वहीदा रहमान ने ही किया है।

एक्ट्रेस ने हिंदी सिनेमा को कई क्लासिक फिल्में दी हैं। जैसे प्यासा, गाइड, कागज के फूल और गुलाम। उन्होंने अपने एक्टिंग टैलेंट सेफैंस का दिल खूब जीता। एक्ट्रेस ने सीआईडी फिल्म से डेब्यू किया था।

पांच दशकों से ज्यादा के करियर में वही रहमान ना सिर्फ अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जानी गई बल्कि अपनी मजबूत राय और सेल्फ रिस्पेक्ट को हमेशा आगे रखने वाली महिला के तौर पर भी जानी गई। हाल ही में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में उन्होंने अपनी शुरुआती दिनों की एक कहानी शेयर की जिसने सभी को चौंका कर रख दिया।

वहीदा ने बताया कि जब वो सिर्फ 16 साल की थी और 1956 में सीआईडी फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली थी तो उनसे उनका नाम बदलने के लिए कहा गया था। बता दें उस समय फिल्म इंडस्ट्री में नए एक्टर्स के नाम बदलना आम बात मानी जाती थी।

चेन्नई से मुंबई आने के बाद वह अपनी मां के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के लिए गुरुदत्त के पास गई। इस मुलाकात का जिक्र करते हुए एक्ट्रेस ने बताया जब मैं चेन्नई से मुंबई एक नई एक्ट्रेस के तौर पर आई तो मुझे गुरुदत्त जी ने कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के लिए बुलाया। मेरी मां भी मेरे साथ आई। उन्होंने कहा कि हम तुम्हारा नाम बदलना चाहते हैं क्योंकि यह लंबा है और उतना अच्छा नहीं। जब उन्होंने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं है तो मुझे बहुत बुरा लगा।

यह बहुत रूढ़ था। मेरा नाम मेरे मम्मी पापा ने रखा है। तुम कौन होते हो यह कहने वाले यह अच्छा नहीं है। मैंने इसे बदलने से मना कर दिया। स्क्रीन पर वहीदा रहमान दिख सकता है और काम करते समय आप मुझे वाहिदा कह सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि यह लंबा है। इसी बीच एक्ट्रेस ने कहा कि जब उनसे कहा गया कि उनके नाम में ग्लैमर और अपील नहीं है तो उन्हें बहुत ज्यादा बुरा लग गया था।

कहते हैं गुरुदत्त ने उन्हें मनाने के लिए दिलीप कुमार, मधुबाला और मीना कुमारी जैसे एक्टर्स की मिसाल भी दी थी। जिनके नाम बदले गए थे। लेकिन एक्ट्रेस तस से मस नहीं हुई और आज वहिदा रहमान सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक लेजेंडरी पहचान है।

Leave a Comment