दोनों बहनों की उम्र में सिर्फ 6 महीने का फासला कैसे?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी और उनकी बड़ी बहन खुशबू पाटनी के बीच उम्र का डिफरेंस सिर्फ 203 दिन यानी करीब 6 महीने का है। पोस्ट में दिशा पाटनी की डेट ऑफ बर्थ 13 जून 1992 और उनकी बहन खुशबू की डेट ऑफ बर्थ 23 नवंबर 1991 बताई जा रही है। जैसे ही लोगों ने यह डेट्स देखी, इंटरनेट पर एक ही सवाल गूंजने लगा कि क्या यह मेडिकलली पॉसिबल है?

और अगर हां, तो क्या यह डेंजरस नहीं होता? अब पहले फैक्ट्स को थोड़ा कामली समझते हैं। अगर हम दोनों डेट ऑफ बर्थ के बीच का अंतर निकालें, तो यह वाकई करीब 6 से 7 महीने के आसपास बैठता है। यानी अगर यह डेट सही है तो इसका मतलब यह हुआ कि दूसरी प्रेगनेंसी बहुत जल्दी हुई और दूसरा बच्चा 9 महीने से पहला पैदा हुआ।

यानी मेडिकलली उसे प्रीटर्म बेबी कहा जाएगा। विकपीडिया भी यही मानता है जब आप दिशा पाटनी की डेट ऑफ बर्थ और खुशबू पाटनी की डेट ऑफ बर्थ नेट पर सर्च करते हैं तो आपको उनके एग्जैक्ट डेट ऑफ बर्थ के इयर्स भी मिल जाएंगे। अब सवाल यह है कि 9 महीने से पहले बच्चा हो जाए तो क्या होता है? मेडिकल साइंस के हिसाब से नॉर्मल प्रेगनेंसी करीब 38 से 40 हफ्ते की होती है।

अगर बच्चा 37 हफ्तों में पैदा हो जाए तो उसे प्रीमेच्योर या प्रीटर्म बेबी कहा जाता है। ऐसे बच्चों का वजन अक्सर कम होता है। उनके फेफड़े पूरी तरह डेवलप नहीं होते और उन्हें शुरू के दिनों में एक्स्ट्रा मेडिकल केयर की जरूरत पड़ती है। कई मामलों में ऐसे बच्चों को एनआईसीयू में भी रखा जाता है। लेकिन यहां एक बहुत जरूरी बात समझने वाली है। प्रीटर्म बेबी होना हमेशा डेंजरस नहीं होता। मेडिकल टेक्नोलॉजी पहले जैसी नहीं रही। आज के समय में 6 से 7 महीने में जन्मे कई बच्चे सही इलाज और देखभाल से बिल्कुल नॉर्मल और हेल्दी जिंदगी जी रहे हैं।

हां, रिस्क जरूर बढ़ जाता है, लेकिन यह कहना कि ऐसा होना इंपॉसिबल या हमेशा खतरनाक ही होगा, यह गलत है। अब दूसरा सवाल दो बच्चों के बीच इतना कम एज गैप हो सकता है। मेडिकल तौर पर अगर पहली डिलीवरी के तुरंत बाद महिला फिर से कंसीव कर ले और दूसरा बच्चा प्रीटर्म पैदा हो जाए तो टेक्निकली ऐसा एज गैप पॉसिबल है। यह रेयर जरूर है लेकिन इंपॉसिबल नहीं। खासकर पहले के जमाने में जब फैमिली प्लानिंग और मेडिकल अवेयरनेस आज जैसी नहीं थी, ऐसे केसेस सामने आते रहे हैं। वहां एक और एंगल भी है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट हमेशा 100% वेरीिफाइड हो ऐसा जरूरी नहीं है। सेलिब्रिटीज की डेट ऑफ बर्थ को लेकर पहले भी कई बार कंफ्यूजन, गलत जानकारी या जानबूझकर फैलाए गए दावे सामने आ चुके हैं। जब तक खुद परिवार या कोई ऑफिशियल सोर्स इसे कंफर्म ना कर दे तब तक इसे सिर्फ एक वायरल क्लेम की तरह ही देखना चाहिए ना कि फाइनल ट्रुथ की तरह।

तो बॉटम लाइन यह है कि 9 महीने से पहले बच्चा पैदा होना मेडिकल पॉसिबल है। उसमें रिस्क नहीं है। लेकिन यह कोई मिरेकल या स्कैंडल वाली बात नहीं है। और दिशा पाटनी और उनकी बहन के एज गैप को लेकर जो दावे वायरल हो रहे हैं उनमें मेडिकल पॉसिबिलिटीज तो हैं लेकिन सच्चाई कितनी है यह बिना ऑफिशियल कंफर्मेशन के कहना थोड़ा सा मुश्किल है।

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