मुझे मनमोहन सिंह जैसा नहीं बनना। क्या आपको वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह तीखा बयान याद है? आज 1 फरवरी 2026 को जब देश का नौवां बजट पेश हुआ तो सोशल मीडिया पर अचानक से 30 जुलाई 2024 का वो पुराना वीडियो किसी तूफान की तरह दोबारा वायरल हो गया है।
उस वक्त लोकसभा के भीतर विपक्ष पर गरजते हुए निर्मला सीतारमण ने जो कहा था आज वही शब्द उनके लिए गले की फांस बन गए हैं। जैसे ही वित्त मंत्री ने संसद में बजट 2026 की घोषणाएं शुरू की, इंटरनेट पर यूज़र्स ने उन्हें बुरी तरह ट्रोल करना शुरूकर दिया।
लोग पूछ रहे हैं कि क्या वाकई यह बजट उस वादे पर खरा उतरता है जो उन्होंने2 साल पहले संसद में सीना ठोक कर किया था। आज जब संसद की सीढ़ियों पर कदम रखते हुए वित्त मंत्री ने लाल पोटली की जगह डिजिटल टैबलेट निकाला तो देश की नजरें उन 10 बड़ी बातों पर टिकी थी जो मिडिल क्लास की किस्मत बदलने वाली थी। इस बजट में एक तरफ जहां सोना और चांदी लाखों रुपए सस्ता करने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इनकम टैक्स स्लैब को लेकर टैक्स पेयर्सकी सांसे अटकी हुई हैं।
सरकार ने रेलवे के लिए रिकॉर्ड तोड़ बजट और एमएसएमई सेक्टर को नई संजीवनी देने की बात तो कही है लेकिन जनता के मन में 30 जुलाई 2024 वाला वो वीडियो घूम रहा है।
ट्रोलर्स सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला चुके हैं और सवाल कर रहे हैं कि क्या डॉक्टर मनमोहन सिंह जैसा ना बनने की ज़िद में कहीं आम आदमी की जेब पर बोझ तो नहीं बढ़ गया। यह बजट [संगीत] ऐसे वक्त में आया है जब पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची है। एक तरफ अमेरिकी टेरिफ नीतियों [संगीत] ने वैश्विक बाजार में खलबली मचा रखी है तो दूसरी तरफ भू-राजनैतिक तनावों के बीच कच्चा तेल और विदेशी निवेश अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में निवेशक टकटकी लगाए बैठे हैं कि क्या मोदी सरकार आर्थिक विकासऔर वित्तीय संतुलन के बीच वो बारीक तालमेल बिठा पाएगी जिसकी देश को सख्त जरूरत है। गांव, गरीब और किसान की उम्मीदें भी इस बार सरकार की ओर है। क्योंकि घरेलू मांग को मजबूत बनाए बिना अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करना मुमकिन नहीं है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस तुलना की हो रही है जो खुद निर्मला सीतारमण ने शुरू की थी। वायरल वीडियो में उन्होंने अपनी कार्यशैली को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नीतियों से बिल्कुल अलग बताया था।आज जब देश महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जवाब मांग रहा है तब वही पुराना बयान उनके खिलाफ एक हथियार बन गया है।
सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या [संगीत] गोल्ड ड्यूटी में कटौती और रेलवे के आधुनिकीकरण से आम आदमी की थाली में राहत आएगी या फिर यह बजट सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी बनकर रह जाएगा। बजट 2026 की इन 10 बड़ी बातों के पीछे छिपे असली सच को समझना जरूरीlहै। एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। वहीं दूसरी तरफ वैश्विक मंदी का साया हर घोषणा पर मंडरा रहा है।
क्या सीतारमण का यह नौवां बजट उन्हें तमाम आलोचनाओं से बचा पाएगा जो इस वक्त वायरल वीडियो के जरिए उन पर की जा रही हैं? क्या वाकई यह बजट भारत को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएगा या फिर विपक्षी दलों को एक बार फिर सरकार को घेरने का मौका मिल जाएगा? इस पूरे सियासी और आर्थिक घमासान के बीच आम आदमी आज भी वही सवाल पूछ रहा है कि आखिर मेरे हाथ में क्या आया?
