वाला ठुमका लगा। पिछले कुछ दिनों में गोविंदा की आई वीडियोस ने उनके फैंस का दिल तोड़ दिया। इनमें से एक वीडियो तो उस स्कूल फंक्शन की थी जिसमें गोविंदा गए और वहां पर वो स्कूल फंक्शन में स्टेज पर डांस करते नजर आए और दूसरी वीडियो वो थी जहां पर गोविंदा कहीं से निकल रहे हैं और एक नॉर्मल सी कार में जाकर वो बैठते हैं।
इन दोनों वीडियोस को देखकर लोगों ने कहा कि क्या दिन आ गए हैं बॉलीवुड के सुपरस्टार गोविंदा के कि इतना शानदार एक्टर जिसने 90ज में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में काम किया। उनका यह हाल है कि आज उन्हें छोटे-मोटेइवेंट्स करके अपना घर चलाना पड़ रहा है। आखिर गोविंदा को ऐसे इवेंट्स क्यों करने पड़ रहे हैं? इसका जवाब तो शायद सभी लोग जानते होंगे कि गोविंदा भी एक आदमी है। उन्हें भी अपना घर चलाना है। हां, सुपरस्टार है।
लेकिन आज उनका समय ऐसा है कि उन्हें उतना काम नहीं मिल रहा है या वैसा काम नहीं मिल रहा है जैसा वो डिर्व करते हैं। यही वजह है कि उन्हें यह इवेंट्स करके अपना घर चलाना पड़ रहा है। लेकिन आखिर गोविंदा के साथ ऐसा हुआ क्यों? क्यों गोविंदा को वैसा काम नहीं मिल रहा है? एक पिक्चर नहीं मिलती है। अब इस सवाल का जवाब तो इंडस्ट्री वाले हीदे सकते हैं। जिस तरह से आम जनता गोविंदा का यह पेन देख रही है, इंडस्ट्री वाले भी बखूबी देख रहे हैं। उन्हें भी समझ आ रहा है कि इसी इंडस्ट्री में काम करता हुआ एक सितारा जिसे एक टाइम पर अमिताभ बच्चन के करियर के कमबैक के लिए यूज़ किया गया।
जिसने दूसरे सुपरस्टार्स के लिए अपनी चलती हुई फिल्में छोड़ी, उस गोविंदा का पेन आज इंडस्ट्री महसूस क्यों नहीं कर रही है? हां, इंडस्ट्री की आदत है इग्नोर करने की। लेकिन जिस तरह के इंडस्ट्री के दिन चल रहे हैं, जिस तरह से फिल्में फ्लॉप हो रही है, कहानियों की कमी है, क्रिएटिविटी नहीं है,रिपीटेड कंटेंट जा रहा है, रिमेक्स और सीक्वल के भरोसे ये इंडस्ट्री चल रही है, उस समय में गोविंदा वो इंसान है जो इस डूबती इंडस्ट्री को बचा सकते हैं। उसके बावजूद भी क्यों प्रोड्यूसर्स गोविंदा को अप्रोच नहीं कर रहे हैं। गोविंदा की सेम ऐज के दूसरे एक्टर्स भी आज तक फिल्मों में काम कर रहे हैं। वो भी 60 प्लस हो चुके हैं। लेकिन बतौर लीड हीरो फिल्में कर रहे हैं। चाहे उनसे डांस नहीं हो रहा हो, चाहे उनसे एक्शन सीक्वेंसेस नहीं हो रहे हो, चाहे उनके धड़ल्ले से पिछली 10 फिल्में फ्लॉप हुई हो या फिर वो डांस के नाम परअपनी उंगलियां ही चला दे रहे हो, उसके बावजूद उन्हें काम मिल रहा है।
लेकिन गोविंदा को काम नहीं मिल रहा है। आखिर ऐसी क्या बात है? क्या इंडस्ट्री गोविंदा के स्टारडम से डरती है? क्या इंडस्ट्री गोविंदा के स्क्रीन प्रेजेंस से आज तक डरती है? या फिर इंडस्ट्री आज भी गोविंदा से इनसिक्योर है कि गोविंदा अगर आ गया तो हम सबका काम खा जाएगा। हमारे 60 प्लस होने के बावजूद यह जो फिल्में हमें मिल रही है यह जो काम हमें मिल रहा है उसका सारा फोकस गोविंदा पर शिफ्ट हो जाएगा। क्या इसीलिए जानबूझकर गोविंदा को आउट रखा जा रहा है?या फिर इंडस्ट्री का अभी भी गोविंदा के लिए वही बहाना है कि गोविंदा लेट आते थे। अरे, लेट आने की बातें गोविंदा की 20 साल पहले की है।
हाल ही में तो गोविंदा के साथ किसी ने काम ही नहीं किया, तो फिर वह बातें अभी तक अप्लाई कैसे होती है? और अगर गोविंदा के लिए बातें अप्लाई होती है, तो लेट तो बहुत सारे स्टार्स आते हैं। उनकी बातें इतनी फैलाई क्यों नहीं जाती है? यह बहुत बड़ा सवाल है। l
