इंदौर के डांसिंग कॉप रंजीत सिंह पर महिला से चैट करने का लगा आरोप।

डीएसपी इंदौर के डांसिंग कॉप रंजीत सिंह का डिमोशन हो गया है। एक महिला से गंदी चैट करने के आरोप में फंसे रंजीत को एक्टिंग हेड कास्टेबल से डिमोट करके कांस्टेबल बना दिया गया। यानी कि महिला ने उनके ऊपर जो आरोप लगाए थे, जांच में वह सारे सही पाए गए हैं।

पिछले साल सितंबर महीने में एक महिला ने रंजीत पर आपत्तिजनक मैसेजेस भेजने का आरोप लगाया था। महिला ने सोशल मीडिया पर चैट्स की तस्वीरें शेयर की थी। आरोप था कि रंजीत सिंह उन्हें बार-बार इंदौर आने के लिए कह रहे थे। यही नहीं उनके लिए होटल और फ्लाइट टिकट्स भी बुक करने का ऑफर दे रहे थे। महिला के मुताबिक रंजीत से उनकी पहचान तब हुई जब इस फेमस कॉप ने पहले उन्हें मैसेज किया। उनकी बहादुरी को सराहा और सल्यूट किया। इस पर वो काफी खुश हुई।

इसके बाद दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई। लेकिन कुछ वक्त के बाद रंजीत उनसे इंदौर आने को कहने लगे। महिला का कहना था कि दोनों के बीच इससे पहले कोई खास बातचीत नहीं हुई थी। लेकिन रंजीत उन्हें अपना दोस्त बता रहे थे। इसके बाद महिला के पोस्ट पर दूसरी महिलाओं ने भी आकर दावा किया कि रंजीत ने उन्हें भी इसी तरह के मैसेजेस भेजे हैं। यह खबर जब तेजी से फैलने लगी तो रंजीत सामने आए और सभी आरोपों का खंडन किया।

उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि महिला ने ही उनसे मिलने की इच्छा जताई थी। इसके जवाब में रंजीत ने हंसीज़ाक में कह दिया था कि होटल और फ्लाइट का इंतजाम वह कर देंगे। रंजीत ने दावा किया कि उनकी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है और इसके चलते वो बहुत परेशान हैं। हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ विभागीय कारवाई बैठा दी गई।

रंजीत को पहले फील्ड ड्यूटी से हटाया गया और पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया। रंजीत को साल 2021 में एक्टिंग हेड कास्टेबल बनाया गया था। लेकिन अब जांच के बाद उन्हें वापस कांस्टेबल बना दिया गया। डीसीपी हेड क्वार्टर प्रकाश परिहार ने अनुशासन हीनता के चलते यह एक्शन लिया है। जांच के नतीजों को लेकर ज्यादा डिटेल फिलहाल सामने नहीं आई है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर सामने आई रील्स और मैसेजेस को लेकर जांच अभी चल रही है। डीसीपी हेड क्वार्टर प्रकाश के द्वारा एक आदेश जारी किया गया जिसमें जो प्रधान आरक्षक 146 रंजीत सिंह जिनको कि 2021 में कार्यवाहिक प्रधान आरक्षक बनाया गया था। उनको उनको मूल पद आरक्षक में वापस लेते हुए उनको आरक्षक बनाया गया। देखिए इसमें कुछ अनुशासनता की बात सामने आई थी। कुछ सोशल मीडिया का प्लेटफार्म पे कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पे कुछ इस तरह की रील्स आई थी। कुछ इस तरह के मैसेज आए थे। उसकी ऑलरेडी पत्थर से विभाग की जांच चल रही है। रंजीत अपने यूनिक स्टाइल को लेकर काफी वायरल हुए थे। कई रील्स में वो मून वॉकिंग करते हुए ट्रैफिक कंट्रोल करते दिखे थे। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 5 लाख फॉलोवर्स हैं। रंजीत के पिता शिव सिंह इंदौर पुलिस में थे। पिता को देखकर ही उन्होंने पुलिस डिपार्टमेंट में जाने का सपना देखा। 4 जून 1999 को उन्होंने क्राइम ब्रांच से नौकरी की शुरुआत की।

डांसिंग उनका बचपन से ही शौक रहा था जिसे उन्होंने अपने ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी के दौरान भी जिया। चौराहों पर उनके डांसिंग स्टेप से ट्रैफिक संभालने का अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि उन्हें रजनी, रोबोट और बाद में सिंघम नाम दिया गया। रंजीत सिंह को अब तक 150 से ज्यादा बार सम्मानित किया जा चुका है। 3 जून 2022 को दिल्ली में केरल के राज्यपाल ने उन्हें भारत गौरव अवार्ड से नवाजा। उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।

एक प्रेग्नेंट महिला की मदद करने पर उन्हें पहली बार तत्कालीन एसपी ने सम्मानित किया था। पुलिस विभाग ने भी कई बार कैश अवार्ड दिए। इसके अलावा साल 2015 में हाई कोर्ट के एक जजमेंट में लिखा गया अगर अपने कर्तव्य को समझना है तो ट्रैफिक संभालते जवान रंजीत को देखिए। इसके बाद रंजीत और ज्यादा सुर्खियों में आए। लेकिन एक महिला से गंदी चैट के आरोप के बाद अब उनका डिमोशन हो गया है।

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