अंतरिक्ष में मिला स्वर्ग का दरवाज़ा ! नासा की बड़ी खोज?

स्वर्ग और नर्क की बातें अब तक सिर्फ धार्मिक किताबों और कहानियों तक सीमित थी। लेकिन क्या होगा अगर कोई टॉप वैज्ञानिक आपसे कहे कि स्वर्ग की एक सटीक लोकेशन है। हावर्ड के पूर्व प्रोफेसर डॉक्टर माइकल गुलन ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं।

उन्होंने दावा किया है कि स्वर्ग कोई काल्पनिक जगह नहीं बल्कि ब्रह्मांड के एक खास कोने में मौजूद है। और जनाब यह दूरी कोई छोटी-मोटी नहीं धरती से पूरे 273 बिलियन ट्रिलियन मील दूर है।

आज हम आपको दिखाएंगे उस रहस्यमई कॉस्मिक होराइजन की दुनिया जहां पहुंचते ही वक्त थम जाता है। क्या यह वाकई गॉड का घर है या सिर्फ साइंस का एक चमत्कार? आइए जानते हैं डॉक्टर माइकल गोयलन जिनके पास फिजिक्स, मैथ्स और एस्ट्रो एस्ट्रोनॉमी में पीएचडी है और जो हावर्ड जैसे बड़े संस्थान में पढ़ा चुके हैं। उन्होंने इस खोज को साइंस की थ्योरी से जोड़ा है। डॉक्टर गोयलन का कहना है कि स्वर्ग कॉस्मिक होराइजन पर स्थित है।

यानी हमारे ब्रह्मांड की वो आखिरी सीमा जहां से आगे हम कुछ भी देख नहीं सकते। उन्होंने एडविन हबल की 1929 की खोज का हवाला देते हुए बताया कि ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है और जितनी दूर कोई गैलेक्सी है वो उतनी ही तेजी से हमसे दूर भाग रही है।

अब यहां आता है असली ट्विस्ट। आइंस्टाइन की थ्योरी कहती है कि लाइट की स्पीड पर समय रुक जाता है। डॉक्टर गुलन की कैलकुलेशन के मुताबिक धरती से 273 बिलियन ट्रिलियन मील की दूरी पर एक ऐसी जगह है जहां गैलेक्सी लाइट की स्पीड से दूर जा रही है। इस पॉइंट पर समय ठहर जाता है।

ना बीता हुआ कल ना आने वाला कल। बस एक टाइमलेस दुनिया और यही वह जगह है जिसे डॉक्टर गोयलन स्वर्ग यानी कि हेवन कह रहे हैं। प्रोफेसर साहब ने इसे धर्म से भी बड़े मजेदार तरीके से जोड़ा है। वो कहते हैं कि बाइबल में स्वर्ग को तीन लेवल में बांटा गया है और उनका यह हाईएस्ट लेवल जो उनका हाईएस्ट लेवल है सीधे तौर पर गॉड के घर से वह मैच करता है।

उनका मानना है कि जैसे-जैसे ब्रह्मांड फैल रहा है वैसे-वैसे स्वर्ग का दायरा भी बढ़ रहा है क्योंकि वहां जाने वाली आत्माओं की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर गोयलन जो पहले एक नास्तिक थे और अब ईसाई बन चुके हैं। उनका मानना है कि साइंस और फेथ अलग-अलग नहीं है। हालांकि मुख्यधारा मुख्यधारा के साइंटिस्ट इसे सिर्फ एक स्पेकुलेशन या कल्पना मान रहे हैं।

उनके लिए कॉस्मिक होराइजन सिर्फ वह दूरी है जहां से रोशनी हम तक पहुंचती है। उसके आगे क्या है यह कोई नहीं जानता। लेकिन डॉक्टर गोयलन के इस दावे ने एक बहस तो छेड़ दी है कि क्या पता वाकई में स्वर्ग का रास्ता फिजिक्स की इन्हीं जटिल इन्वेंशनंस से होकर गुजरता हो। तो क्या आप भी 273 बिलियन ट्रिलियन मील दूर उस टाइमलेस दुनिया की सैर करना चाहेंगे?

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