हाईकोर्ट में जीता शाहरुख का बेटासमीर वानखेड़े को तगड़ा झटका !

एनसीपी के पूर्व ऑफिसर और आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के डायरेक्शन में बनी वेब सीरीज बै्स ऑफ बॉलीवुड पर अपनी छवि खराब करने और उनका मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इसी कड़ी में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए शाहरुख खान, गौरी खान, नेटफ्लिक्स इंडिया और रेड चिल्लीज के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

अब खबर है इस केस में समीर वानखेड़े को तगड़ा झटका लगा है। वहीं शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को बड़ी राहत मिली है। खबर के मुताबिक कोर्ट ने गुरुवार को मानहानि का मुकदमा खारिज कर दिया है। अब आपको पूरा मामला बताते हैं। हाल ही में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की वेब सीरीज बैड्स ऑफ बॉलीवुड आई थी। इस वेब सीरीज में उस सीन पर समीर वानखेड़े की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। जिसमें एक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऑफिसर निशा कर रहे डीजे के पास जाता है।

इसके बाद वह उसे दूसरी लड़की की तरफ इशारा करता है। वो कहता है कि वह खुद स्टार किड नहीं है और ऑफिसर मजाक मस्ती कर रहे स्टार किड को अपने साथ ले जाता है। इस सीन को लेकर समीन वानखेड़े ने दावा किया था कि इसके जरिए आर्यन खान ने उनका अपमान किया है। उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। इस बारे में बात करते हुए वानखेड़े ने आरोप लगाया।

यह सीरीज ना केवल मुझे व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाती है बल्कि आर्यन खान की गिरफ्तारी और उसके बाद रिहाई से जुड़ी घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करके नशीली दवाओं के खिलाफ काम करने वाली एजेंसियों में जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाती है। इस केस में समीर वानखेड़े की ओर से रेड चिलीस, नेटफ्लिक्स और अन्य लोगों को मानहानि के मुकदमे में प्रतिवादी बनाया गया था। आपको याद दिला दें समीर वानखेड़े वही ऑफिसर है जिन्होंने अक्टूबर 2021 में क्रूज ड्रग्स मामले में आर्यन खान को अरेस्ट किया था। हालांकि बाद में आर्यन खान ड्रग के आरोपों से बरी हो गए थे।

इस मामले में समीर वानखेड़े की ओर से आरोप लगाया गया था कि समीर और आर्यन के बीच ड्रग के केस से मिलती जुलती कहानी को बैज ऑफ बॉलीवुड में दिखाया गया है। समीर वानखेड़े को लगा कि उनका मजाक बनाया गया है तो इसके बाद उन्होंने मानहानि का केस दायर किया था। इस बारे में बात करते हुए समीर वानखेड़े के वकील ने भी कहा था कि आर्यन खान ने अपनी सीरीज में समीर वानखेड़े जैसा हूबहू शख्स दिखाया है जो कि ऑफिसर के किरदार में था। इस मामले को लेकर ऑफिसर समीर वानखेड़े ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था।

Bअब जस्टिस पुष्पेंद्र कुमार की सिंगल बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई केवल मुंबई की अदालतों में ही हो सकती है। उनके पास सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र ही नहीं है। जहां यह फैसला समीर वानखेड़े के लिए एक झटका साबित हुआ वहीं आर्यन खान के लिए राहत देने वाला है।

आपको बताते चले इस मामले में समीर वानखेड़े ने मानहानि का मुकदमा दर्ज करते हुए आर्यन खान से ₹2000 करोड़ हरजाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि वह इस रकम को टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को दान कर देंगे। समीर वानखेड़े की ओर से कहा गया था कि इस सीन को हटाया जाना चाहिए। इससे ना केवल उनकी बल्कि एजेंसी की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।

अब यह देखना होगा कि क्या इस मामले को लेकर समीर वानखेड़े दूसरी अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।

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