कौन थी कैप्टन शाम्भवी पाठक ? जो उड़ा रही थी अजित पवार का विमान !

महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आई जहां पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के जाने-माने नेता अजीत पवार का निधन हो गया है। आपको बता दें कि इस वीडियो में हम बात करेंगे कि आखिर अजीत पवार का प्लेन उड़ाने वाली जो कैप्टन शंभवी पाठक है, उनके बारे में क्या जानकारी मिली है और उनका क्या करियर रहा है। कहां का कितना एक्सपीरियंस रहा है, उसके बारे में बात करेंगे। इसके साथ ही बात करेंगे। कैप्टन सुमित कुमार बता दें कि ये दोनों पायलट वहां पर कैप्टन जो है वो मौजूद थे। सुमित कुमार थे। सांभवी पाठक थी। कमान सांभवी पाठक ने ही संभाले हुए था और इसी दरमियान फ्लाइट मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से टेक ऑफ करती है और जाकर बारामती में हो जाती है।

आपको बता दें पूरी टाइमलाइन की बात करेंगे हम इस वीडियो में। इसके साथ ही कुछ चश्मदीदों ने जो बयान बताया उसके बारे में भी बात करेंगे और बात हम करेंगे मेनली तो कैप्टन शंभवी पाठक की और कैप्टन सुमित कुमार की। आइए आपको बताते हैं कि आखिर कैप्टन शंभवी पाठक उन्होंने कहां से क्या पढ़ाई की थी और इसके बाद उनका करियर कैसे स्टार्ट हुआ था और इसके साथ ही हम बताएंगे कि क्या उन्होंने सिर्फ और सिर्फ भारत में ही ट्रेनिंग ली थी या फिर बाहर भी गई थी।

तो आपको बता दें कि शंभवी पाठक जो है आपने यह हादसा सुना ही होगा। विमान हादसा जो हुआ जिसमें अजीत पवार यानी महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम नहीं रहे। इसके साथ ही जब खबरें सामने आई तो पैसेंजर का नाम निकाला गया कि कौन-कौन पैसेंजर वहां पर उस फ्लाइट में थे। तो इसकी जानकारी मैं दे दूं आपको कि पहला नाम अजीत पवार का है। इसके बाद विडीप जाधव का सामने आ रहा है। पिंकी माली जो फ्लाइट अटेंडेंट बताई जा रही है। यह तीनों भी इंडियन रेजिडेंट है। इसके बाद जो कैप्टन सुमित कपूर है वो और कैप्टन शंभवी पाठक ये दोनों भी इंडियन बताए जा रहे हैं। जिसके बाद ये ऑथोराइज्ड जो कॉपी है हमारे पास सामने आई है जिसमें बताया ये जा रहा है कि ये लोग अब नहीं रहे।

तो प्लेन दुर्घटना जो हुई उसमें यह सभी अपनी जान गवा चुके हैं। आपको बता दें कैप्टन शंभवी पाठक जिन्होंने उस प्लेन का कमान संभाली हुई थी जो उनकी अगर हम बात करें तो शुरुआती जो इनकी पढ़ाई थी वो मुंबई में हुई है। मुंबई यूनिवर्सिटी से उन्होंने एयररोनॉटिक्स और एिएशन साइंस में बीएससी कंप्लीट किया था। यानी अपना ग्रेजुएशन उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से किया था। इसके बाद पायलट बनने के लिए शंभवी पाठक ने विदेश का रुख किया और विदेश में आपको बता दें कि न्यूजीलैंड का दौरा किया। वहां पर जाकर इन्होंने इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट जो होते हैं अह वहां के एकेडमी से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली और साल 2018 2019 के बीच में उन्होंने वहां पर प्रोफेशनल फ्लाइंग की बारीकियां सीखी।

यानी जो भी टेक्निकल ग्लिचेस होते हैं एक पायलट एक कैप्टन के लिए फ्लाइट उड़ाने की जो कैपेसिटी होती है जो वहां की टेक्नोलॉजिकल एरर्स होते हैं उन तमाम बारीकियों को क्योंकि इन्होंने ग्रेजुएशन तो कर ही लिया था एयररोनॉटिक्स में इसके बाद आगे की पढ़ाई आगे की बारीकियां जो उड़ाने के लिए फ्लाइंग कैप्टन के लिए जरूरी है वो उन्होंने न्यूजीलैंड से जाकर लिया था और जहां से उन्हें आपको बता दें कि एिएशन अथॉरिटी का कमर्शियल पायलट लाइसेंस भी वहां से ही उन्हें मिला। जिला था। यह पढ़ाई उन्होंने कंप्लीट की और इसके बाद वह लौटती है अपने भारत यानी अपने वतन लौटती है।

जिसके बाद डीजीसीए से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करके वो फ्रोजन एटीपीएल भी उन्होंने पूरा कर लिया था। आपको बता दें कि ये यहां की ट्रेनिंग है जिसके बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है और आगे आप एज अ कैप्टन एज अ फ्लाइंग कैप्टन आप आगे उड़ान भर सकते हैं। जिसे एयरलाइन पायलट बनने की दिशा में एक अहम कदम आपको बता दें कि यह बहुत बड़ा कदम था जो उन्होंने भारत आकर हासिल कर लिया था। इसके साथ ही उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग भी थी। यानी वह दूसरों को उड़ान की ट्रेनिंग देने के कैपेसिटी रखती थी।

शंभवी पाठक जो थी वह काफी होनहार थी। होशियार थी। उन्होंने पहले भारत में अपनी ग्रेजुएशन कंप्लीट की। इसके बाद वह जाती है न्यूजीलैंड। वहां से कमर्शियल पायलट बनती है और इसके साथ ही भारत आकर वो डिग्री हासिल करती है जिसके बाद वो आगे ट्रेनिंग भी दे सकती है। ना सिर्फ वो खुद पायलट बनी बल्कि उन्होंने ऐसी ट्रेनिंग ली जिसके बाद वो औरों को भी ट्रेनिंग दे सकती थी बतौर कमर्शियल पायलट बनने की। आगे हम बताते हैं कि इंस्ट्रक्टर के रूप में भी उन्हें काफी बड़ी भूमिका मिली थी। शंभवी पाठक ने असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम किया है। उनके पास। इसकी भी जो एक्सपीरियंस है वह उन्होंने हासिल किया था।

पायलटों को कई ट्रेनिंग दी थी और अपने समझ को और भी गहरा और एकदम एक्सपीरियंस वाला कर लिया ताकि वह आगे अपने करियर में बहुत अच्छा कर सके। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम समेत उस फ्लाइट में जो पांच लोग हैं उनकी जिंदगी इतनी एक हादसे में चली जाएगी और उसका कमान कोई और नहीं बल्कि शंभवी पाठक के हाथों होगा। अगर हम शंभवी की बात करें तो बता दूं कि शंभवी ने एिएशन सिक्योरिटी यानी एवीसेक की ट्रेनिंग स्पाइस जेट से हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने A320 जेट से जुड़ी हुई ओरिएंटेशन ट्रेनिंग की भी पूरी उन्होंने अपनी अह जो वहां की ट्रेनिंग होती है उसे भी पूरी किया पूरा कर लिया था और इसके बाद लेजेट 45 की फर्स्ट ऑफिसर बनी थी।

लेजेट 45 जिसे वो उड़ा रही थी मुंबई टर्मिनल टर्मिनल से उन्होंने उड़ान भरी थी। उसकी कमान उनके पास थी और वह जब लेके उड़ती है तो वह बारामती में जाकर क्रैश हो जाता है। अगस्त साल 2022 से शंभवी पाठक वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में फुल टाइम फर्स्ट ऑफिसर के रूप में बतौर वहां पर वह काम किया करती थी। यानी जिसकी अभी यह फ्लाइट जो थी वहां की वो पायलट थी, कैप्टन थी और इसी दरमियान यह हादसा हुआ है। लियर जेट 45 जैसे हाई परफॉर्मेंस बिजनेस जेट को उड़ाने की जिम्मेदारियां उन्होंने संभाली थी और यही लिट 45 था जिसे लेकर वो मुंबई से उड़ान भरी थी लेकिन बारामती में जाकर वो वहां पर क्रैश हो गया।

आपको बता दें कि लिया जेट की अगर खासियत की मैं बात करूं तो यह आमतौर पर वीआईपी और फिर या तो जो बिजनेस क्लास के लोग होते हैं वो क्योंकि इसके जो पैसे होते हैं वो हाई बजट के होते हैं और ऐसे में वीवीआईपी या फिर बिजनेसमैन या फिर टॉप जो क्लास के लोग होते हैं वही एफोर्ड कर सकते हैं। जिसकी वजह से यह फ्लाइट वो लेकर उड़ान भरती है और उसमें वीआईपी यानी जो अजीत पवार हैं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम वो मौजूद थे और उसे लेकर वह उड़ान भरती है और यह हादसा हो जाता है। अब सवाल आता है कि आखिर शंभवी पाठक की सैलरी कितनी थी? तो आपको बता दें एिएशन सेक्टर में बिजनेस जेट के फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी अनुभव और कंपनी पर डिपेंड करती है। सामान्य तौर पर लेयर जेट जैसे जेट पर काम करने वाले फर्स्ट ऑफिसर की अगर मैं सैलरी की बात करूं तो 3 से ₹4 लाख पर मंथ यह सैलरी आगे जाती है। और वहीं अगर मैं बात करूं कैप्टन शंभवी की तो वह एक होनहार होशियार लड़की थी और इस तरह से वह पढ़ने में पहले से ही काफी समझदार थी मुंबई यूनिवर्सिटी में। वहीं से पढ़ाई लिखाई की इसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने न्यूजीलैंड से की और इसके बाद इस तरह से उनकी जिंदगी का अंत होगा यह उन्होंने भी कभी सोचा नहीं होगा। अब बात कर लेते हैं वीएसआर एिएशन की तरफ से क्योंकि यह वही कंपनी है जिसके पायलट सुमित कुमार थे। शंभवी पाठक थी। उनसे बातचीत की गई जिसमें उन्होंने यह पुष्टि कर दी है कि शंभवी पाठक के हाथ में कमान थी। वही अह प्लेन अह पायलट थी और इसके साथ ही जो टॉप ऑफिशियल वीके सिंह है उनका यह कहना था कि उनका क्राफ्ट 100% सेफ था। 100% वो सिक्योर था। ऐसे में किसी प्रकार का हादसा होना वो उन्हें लगता नहीं है क्योंकि यह लोग समय-समय पर उसकी चेकिंग करते हैं। द क्रू वाज़ फेयरली एक्सपीरियंस्ड। यानी जो भी वहां पर कैप्टन शंभवी की बात कर लूं, चाहे सुमित कुमार की बात कर लूं तो उनके पास प्रोफेशनल ट्रेनिंग मौजूद थी।

उनके पास काफी एक्सपीरियंस था। वेल एक्सपीरियंस्ड वो लोग थे। ऐसे में इस तरह के हादसे होना उनके लिए भी समझ से परे है। हालांकि उनसे बात की गई, पूछा गया तो उनका कहना था कि वन ऑफ द रीज़न अगर इनिशियल बात करें तो पुअर विज़िबिलिटी क्योंकि ठंड का समय है, फ़ग की चीजें होती है। तो ये तमाम ऐसे रीज़ंस जो थे वो उनकी कंपनी के मालिक यानी वीके सिंह के द्वारा बोला गया। हालांकि उन्होंने कहा कि डीजीसीए अब इससे इस चीज को लेकर इस हादसे को लेकर आगे जानकारी इकठा इकट्ठा करेगी। जो मैटर है उसे जांच भी करेगी। लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने अपने होनहार दो पायलट को खो दिया है। इसके साथ ही तीन पैसेंजर जो थे वो जा चुके हैं। इसका उन्हें दुख है। फिलहाल इस खबर को लेके मैं बता दूं कि कई ऐसी खबरें जो होती है आमतौर पर सोचने पर मजबूर कर देती है क्योंकि हादसे हो या फिर एक्सीडेंट हो यह अपने आप में कहीं ना कहीं कुछ काश और लेकिन छोड़ जाता है कि ऐसा क्यों हुआ या फिर कहानी क्या थी। क्योंकि अब बताने वाला वहां पर कोई नहीं है।

अब आगे इसमें प्रोप किया जाएगा। मैटर को जांच किया जाएगा। तब पता चलेगा कि आखिर रियल रीजन क्या था कि इस तरह से मुंबई से ये प्लेन जो है उड़ान भरती है और जाकर बारामती में क्रैश हो जाती है। चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने देखा कि आग का गोला वहां पर है। जो परखच्चे हैं प्लेन के वो दो टुकड़ों में बटे थे। लाशें जो थी वह दो ओर में बिखरी हुई थी। उन्होंने जब देखा तो उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने फौरन इसकी खबर सूचना दी और इसके बाद वहां पर लोग पहुंचे थे।

बता दूं कि हादसा का जो समय बताया जा रहा है सुबह 8:45 से लेकर 9 सवा5 यानी 9:15 के बीच में यह हादसा होने की खबर सामने आ रही है। और वैसे आपको बताओ कि मुंबई से वह बारामती क्यों गए थे अजीत पवार? तो जो जिला परिषद है उसका चुनाव था और जनसभाओं को संबोधित करने के लिए वह जा रहे थे।

तभी रनवे पर लैंड करने की कोशिश करने की वजह कोशिश करती है। यह प्लेन और तकनीकी खराबी आ जाती है जिसके बाद वो क्रैश हो जाती है। फिलहाल आपको बता दें कि इस जो यह खबर है इसमें डेवलपिंग स्टोरीज है। जो कुछ आगे अपडेट होगा हम आप तक जरूर लाएंगे। फिलहाल यही है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम समेत पांच लोगों की निधन हो चुकी है और यह लैंडिंग महाराष्ट्र के बारामती में हुई।

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