महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के नेता अजीत पवार का आज एक प्लेन हादसे में उनकी निधन हो गई। अह मुंबई से प्लेन जा रहा था बारामती, वहां पर उन्हें कुछ तालुका बारामती में है।
वहां पर उनको प्रोग्राम में शामिल होना था। इसमें अब एक नई जानकारी यह आ रही है कि जब प्लेन लैंड करने वाला था बारामती एयरपोर्ट पर, लैंडिंग से पहले दो अटेम्प्ट किए गए थे। उन दो अटेम्प्ट में क्या हुआ था? तमाम जानकारी के साथ कुलदीप जी हमारे साथ मौजूद हैं। सर ये दो अटेम्प्ट वाली जो बात आई है क्या-क्या हुआ था?
देखिए इसमें अ फ्लाइट रडार के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप इस पर बात करें तो ये पता चलता है कनेडियन कंपनी है बॉम्बार्डियर बहुत चर्चित कंपनी है। भारत में बहुत तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से बॉम्बियर जुड़ी रही है मेट्रो से लेकर के तमाम जगहों के कंस्ट्रक्शन में वो प्लेन भी बनाती है एिएशन की चर्चित कंपनी है। लियर जेट ब्रांड का प्लेन था। लयर जेट 45 वीटीएसएस के उसका कोड वो 8:10 बजे से अगर मैं यहां पीछे देखें तो यह मुंबई एयरपोर्ट है। 8:10 पे वो यहां से उड़ान भरता है बारामती के लिए। यह उसका यहां पर यह ऑल्टीट्यूड लेता है।
फिर यह बारामती एयरपोर्ट है। लगभग अगर आप सड़क मार्ग से इसकी दूरी देखेंगे तो 256 250 कि.मी. के लगभग ये दूरी है। आमतौर पर एयरक्राफ्ट के लिए ये दूरी तय करने में आधे घंटे से ज्यादा समय नहीं लगता है। पर विजिबिलिटी का इशू था। तो 8:10 पर वो प्लेन मुंबई से एयरक्राफ्ट अजीत पवार समेत चार अन्य लोगों को लेकर के उड़ान भरता है। जिसमें दो क्रू मेंबर हैं और दो उनके जो एक पीएसओ उनके साथ चलता है और एक उनके अन्य सहयोगी।
अ यह बताता है फ्लाइट रडार के आंकड़ों के मुताबिक कि अरब सागर के ऊपर से होते हुए ये यहां पर आप देख रहे हैं कि यहां ये मुंबई से कोई भी फ्लाइट जाती है तो पहले वो इस तरह से जाती है अरब सागर के ऊपर से होते हुए फिर वो बारामती की दिशा में आता है और विमान ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स जो ये एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करते थे वीएसआर वेंचर्स जिनकी कहानी हमने एक और वीडियो में बताई है। पहला जो लैंडिंग का प्रयास होता है, वह पुअर विज़िबिलिटी के कारण असफल रहता है। यानी प्लेन वापस उड़ता है और फिर प्लेन यह 16 साल पुराना प्लेन था। 16 साल पुराना एयरक्राफ्ट था। 8:42 पर पहले अटेम्प्ट के पहला अटेम्प्ट होता है 8:30 बजे। उसके 12 मिनट बाद यह दूसरा अटेम्प्ट होता है इसको ले लैंड कराने का। लेकिन 8:45 पर यह एयरक्राफ्ट रडार से इसका संपर्क टूट जाता है। तब तक दुखद खबर न्यूज़ चैनलों पर चलने लगी थी। तो चश्मदीद जो बता रहे हैं कि रनवे जो था बारामती एयरपोर्ट का उससे कुछ समय पहले ही कुछ दूरी पहले ही यह प्लेन जो है इसका संपर्क टूट गया। एक एएनआई को प्रत्यक्षदर्शी ने बताया है वो हम आपको सुनवाएंगे भी कि यह विमान रनवे की ओर उड़ रहा था। लेकिन रनवे तक पहुंचने से 100 फीट पहले ही वह नीचे गिर गया। तो यह अब अभी तक यह स्पष्ट है। हम हालांकि वेट करेंगे कि जो कॉकपेट का रिकॉर्डर है, जो एयरक्राफ्ट में डाटा रिकॉर्डर है, वहां से डाटा रिट्रीव किया जाएगा और आधिकारिक जानकारी और सामने आएगी। पर यह अभी तक स्पष्ट है कि इस प्लेन ने इस एयरक्राफ्ट ने दो अटेम्प्ट किए थे लैंडिंग के।
पहला अटेम्प्ट फेल रहा। उसके 12 मिनट बाद दूसरा अटेमप्ट किया गया जो भी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वो भी नाकाम रहा और इसमें अजीत पवार समेत चार अन्य लोग जो सवार थे सभी की मृत्यु का कंफर्मेशन आ चुका है। जी तो बिल्कुल इसमें डिप्टी सीएम अजीत पवार उनके पीएसओ जिनका नाम विपिन विदीप जाधव है वो उनके निजी सुरक्षा अधिकारी पीएसओ थे। साथ ही साथ कैप्टन सुमित कपूर पायलट शंभवी पाठक कैप्टन शंभवी पाठक ये भी पायलट और पिंकी माली फ्लाइट अटेंडेंट ये पांच लोग थे और पांचों लोगों की निधन की खबर आ रही है। बारामती में जा रहे थे ये उनका विधानसभा क्षेत्र है। इतनी मतलब ये इसको कहेंगे कि पता नहीं राजनीतिक अर्थों में और इस तरह से किस तरह से देखा जाए पर बारामती जो सीट है शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के बहुत सशक्त चेहरा रहे हैं। और बारामती सीट पूरे परिवार परिवार के लिए राजनीति की प्रयोगशाला रही। 67 से 1990 तक आप सोचिए कि शरद पवार यहां से विधायक रहे। बहुत लंबा वफा होता है।
1995 में ये सीट उनके भतीजे अजीत पवार के हिस्से में आ गई और उसके बाद से वो लगातार यहां से विधायक हैं। मेरे ख्याल से सात बार से चुनाव जीतते हुए आ रहे हैं। और इसको कहते थे कि वह सत्ता का रुख देखना समझना जानते थे। उन्होंने कुछ एक मौके ऐसे रहे जब यह तय किया कि अजीत पवार से अलग जाकर के भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाया या जो आइडियोलॉजिकल टकराव थे वो उनकी राजनीति के आड़े में कभी भी नहीं आए।
उन पर आरोप भी लगे। पर यह निधन के उनकी निधन के साथ आई है कि यह अजीब किस्म की विडंबना है कि उनकी जो राजनीतिक कर्मभूमि थी जहां उन्होंने सबसे ज्यादा समय जिस कांस्टीट्यूएंसी के लोगों के साथ बिताया जहां के लोगों ने उनको इतने वर्षों तक इतनी बार जिता करके भेजा उसी जमीन पर लैंड करते हुए उनका प्लेन क्रैश हुआ है। तो अभी तक मुख्य जानकारियां ये हैं। जो भी अपडेट्स आएंगे वो हम आप तक पहुंचाते रहेंगे।
