अजित पवार विमान हादसे पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम देवेंद्र फडनवीस से फोन पर बातचीत की है और पूरे हादसे की जानकारी ली है क्योंकि इस हादसे में डिप्टी सीएम अजीत पवार की निधन हो गई है और बहुत बड़ी खबर पीएम मोदी ने देवेंद्र फडनवीस से फोन पर बातचीत की है। जी डीके पांडे सर अपनी बात पूरी करें। ये बहुत दुखद हादसा है और हम जब बात कर रहे हैं तो ये घटना लगभग अभी से अब से दो घंटे पहले हुई है।

उसमें विजिबिलिटी इतनी नहीं थी जितनी कि अभी दिखाई दे रही है। तो पहली जो इनपुट आए तो यही कह रहे थे कि लो विजिबिलिटी इज द मेन कॉज। लेकिन दूसरी बात जो है देखिए कोई भी दुर्घटना होती है एिएशन सेक्टर में तो उसके दो कारण होते हैं या तो टेक्निकल या नॉन टेक्निकल। नॉन टेक्निकल में होता है आपका कि बर्ड हिट हो गया या पायलट की वजह से कोई एरर हो गया और जो टेक्निकल में है जहाज में कोई तकनीकी खराबी आ गई या ग्राउंड बेस सिस्टम उनमें कोई खराबी आ गई।

यहां पर जहाज बहुत पहले था और दूसरी बात जो ऑन इनपुट मिला है कि वहां हिली टरेन एक्सेस बहुत मुश्किल है। वो तो खैर बात है कि पोस्ट एक्सेंट हेल्प की बात जहां तक की जा रही है उसके अंदर ये इफेक्ट करेगा। लेकिन जिस प्रकार से जो टुकड़े दिख रहे हैं सामने ये साफ दिखता है कि ये जहाज जो है वो नोज डाउन गिरा है। यानी कि देखिए टेल अभी भी दिख रहा है। जो टेल पोर्शन है वो दिख रहा है। यानी कि नोज की तरफ गिरा है। जो पायलट खुद दिख रहा है। यानी यूके बताता है कि मतलब नोज की तरफ से यानी कि सीधे विमान यूं ऐसे करके खड़ा गिरा है।

इसका मतलब क्या माना जाए? क्या इंजन फेल हो गया था या क्या? नहीं देखिए इंजन इंजन होने कंडीशन में देखिए मैं अपने एवीएशन देवनाथ सर आप अपनी बात पूरी कीजिएगा बस एक बार क्योंकि लाइव तस्वीरें वहां से सामने आ रही है। एक बार अपने दर्शकों को दिखा दें फॉरेंसिक की टीम देखिए पहुंच चुकी है। वहां मौके पर मौजूद है। अब ब्लैक बॉक्स को ढूंढा जा रहा है क्योंकि ब्लैक बॉक्स के जरिए ही पता चलेगा कि जैसा कि देवनाथ सर कह रहे हैं कि मौसम तो साफ था। अब ऐसे में मेड डे कॉल दिया गया था या नहीं दिया गया था। क्योंकि पायलट अगर कभी भी मान लीजिए कोई इमरजेंसी है तो ऐसे में मे कॉल दिया जाता है ताकि पता चल सके कि ऐसे में विमान जो है वो किसी भी हादसे का शिकार हो सकता है।

मेड कॉल उसी वक्त दिया जाता है। देवनाथ सर अपनी बात पूरी कीजिए। देखिए अगर हम देखते हैं कि जहाज का सामने वाला पोर्शन जला हुआ है। उसका बहुत बड़ा कारण यह होता है कि जो फ्यूल टैंक्स होते हैं वो जहाज के विंग में होते हैं। मेन विंग में होते हैं और जहाज के मेन फ्यूज जहाज के नीचे की तरफ होते हैं। तो जब आग लगती है तो आमतौर पर सभी जहाजों में टेल पोर्शन बच जाता है क्योंकि टेल पोर्शन में कोई फ्यूल नहीं होता है। हां जहाज अगर दूर गति से नीचे आ रहा है। जैसे कि कुछ ऑन द स्पॉट गांव वालों ने बताया है। हो सकता है इंजन फेलियर हो। अह लेकिन ये एक ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट है। दो इंजन एक साथ फेल होना बहुत ही रेयर होता है। ऐसे जहाजों में दोनों इंजन के अपने सेपरेट फ्यूल टैंक होते हैं।

सेपरेट फ्यूल पंप बूस्टर पंप होते हैं। अ क्या कोई पायलट की एरर थी? वो तो जांच के बाद ही। डी के पांडे सर से पूछना चाह रही थी जिस बात का आपने क्योंकि पहले जिक्र किया कि ऐसे में जो ये खासतौर पर चार्टेड प्लेेंस होते हैं इनको टेक ऑफ से पहले जांच पड़ताल की जाती है कि कोई तकनीकी खराबी तो नहीं और खासतौर पर ये डिप्टी सीएम का प्लेन था तो ये जांच पड़ताल की गई होगी लेकिन जब नोज के बल अगर प्लेन सीधा गिरा है तो ऐसे में क्या संभावनाएं हो सकती है कि इस वजह से प्लेन जो है क्रैश हुआ। आपने ठीक कहा कि कोई भी जहाज चाहे वो वीआईपी एयरक्राफ्ट हो या नॉन वीआईपी एयरक्राफ्ट हो फाइटर हो नॉन फाइटर हो कोई भी जहाज जब वो टेक ऑफ करता है उसके पहले दो चीजें बहुत ही महत्वपूर्ण होती है उसकी टेक्निकल कैपेबिलिटी ऑफ टेकिंग ऑफ एंड फ्लाइंग और दूसरा पायलट का तंदुरुस्त होना ये दोनों फैक्टर करके ही किसी जहाज को क्लियर किया जाता है।

ये एसओपी है। अब जो बात हो रही है हमारी कि नोज डाउन होने का मुख्य कारण जो है वो ये है कि शायद देखिए हमने जैसे कहा कि लगभग ये घटना अब से डेढ़ दो घंटे पहले हुई है और उसमें कहा जा रहा है कि विजिबिलिटी इतनी अच्छी नहीं थी।

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