जयपुर में 100 साल पुरानी रॉयल गाड़ियां जिनकी सवारी करते थे राजा-महाराजा।

जयपुर में इन दिनों विंटेज कार का जलवा नजर आ रहा है और तमाम इस तरह की कारें हैं जो कि लोगों को लुभा रही है। यह अपनी तकनीकी क्षमता और चलाने में बेजोड़पन के चलते आज भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र है। ये अभी आप देख रहे हैं Rolls रॉय की 100 साल पुरानी कार है और अपने आप में काफी मायने रखती है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक इस कार ने अपना सफर तय किया है। इसके मालिक भी हमारे साथ हैं। हम उन्हीं से बातचीत करने की कोशिश करते हैं कि इस विंटेज कार को चलाने का अनुभव आज के इस आधुनिक दौर में किस तरह होता है। सर सबसे पहले हम आपका नाम जानना चाहेंगे।

रंजीत मलिक। रंजीत जी 100 साल पुरानी विंटेज कार। अलग ही प्राउड होता होगा अगर जब सड़कों पे आप निकलते होंगे इसको लेके। जी हां बिल्कुल पुरानी गाड़ी देख के लोगों को बड़ी खुशी होती है और सब जरा सब गाड़ी के पास आना या इसके बारे में कुछ जानना चाहते हैं। बिल्कुल सही बात है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक सफर तय किया है। इस कार की खूबियां अगर आपसे मैं पूछूं क्योंकि आपने भी इसे करीब 30-35 साल पहले कहीं से खरीदा था। कोई वजह होगी तभी तो इसे खरीदा होगा। देखिए उस जमाने में पेट्रोल का दाम इतना बढ़ गया था कि लोग इसको मेंटेन नहीं कर पाते थे। क्योंकि पुरानी गाड़ी है। बड़ा इंजन है।

पेट्रोल तो पीती है। तो लोगों ने छोड़ना शुरू कर दिया क्योंकि पुरजे नहीं मिलते थे। हम लोग जैसे शौकीन आदमी जिन्होंने कहा कि चलिए हम ढूंढ डांट के निकाल के गाड़ी चालू कर लेंगे। हम लोग को गाड़ी मिल जाती थी। सर कश्मीर से कन्याकुमारी तक की बात बताओ। विजयनगर के साम्राज्य के राजाओं के पास भी ये गाड़ी यही गाड़ी थी आपकी और खूबी जानना चाहेंगे सर जो आपको लगता है कि हां ये गाड़ी बेजोड़ है। अपनेपन में सब अलग है।

तो इस गाड़ी की खासियत ये है कि सारे जो इसमें सिस्टम है वो डबल है कि मतलब गाड़ी आपको घर ले आएगी। तो आज के दिन में भी 100 साल की पुरानी गाड़ी मैं रास्तों में चलाता हूं। ऐसी कोई मुसीबत नहीं आती मुझे जो लगे कि साहब देखिए ये इतनी पुरानी गाड़ी है इसलिए चल नहीं पाएगी। हमने 3000 करीबन किलोमीटर चलाए गाड़ी में। सस्पेंशन बोलिए या पिकअप बोलिए। अभी भी 50 60 कि.मी. के स्पीड में आराम से गाड़ी चलती है।

ब्रेक ब्रेक सब ठीक-ठाक ही है। तो मुझे तो ऐसा कुछ नहीं लगता कि कोई बहुत ज्यादा तरक्की नई गाड़ियों में आई है। कंफर्ट ज्यादा है। एयर कंडीशनिंग है, सस्पेंशन है वो सब तो अलग बात है। लेकिन जो इस गाड़ी की नजाकत है वो इस गाड़ी की नज़ाकत है। नजाकत की बात कर रहे हैं। लेकिन एक सवाल जो आम आदमी ये जानना चाहेगा कितना मुश्किल हो जाता है मेंटेनेंस इसको रखा रख पाना। उसी तरह से इसको उसी अंदाज में उसी खूबसूरत तरीके से देखिए इसमें ऐसा है कि एक बार ये जो जिनजिन के पास ये गाड़ी थी वो उस जमाने के बड़े अमीर लोग थे। सबसे दुनिया की सबसे एक्सपेंसिव गाड़ी यही मानी जाती थी। तो उन लोगों ने भी गाड़ी ठीक-ठाक सी रखी। कौन-कौन किन-किन के पास? राजा विजयनगरम की गाड़ी थी ये। उसके बाद यह कंपनी की गाड़ी थी। बामलौरी करके कंपनी कोलकाते में है। तो जिसकी भी जिसकी जिन जिन्होंने जिन्होंने गाड़ी रखी उन्होंने भी ठीक से रखी थी। इनमें गाड़ियों में यह है कि अगर आपने एक बार मरम्मत ठीक से की है तो ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन जुगाड़ू काम करने जाएंगे तो फिर गाड़ी दिक्कत करेगी और जुगाड़ू कभी करना पड़ता है क्योंकि पुरजे नहीं मिलते। लेकिन Rolls रॉयस का मामला यह इतना अच्छा है कि एक बैकअप टीम विदेश में जहां है जहां पे ऑलमोस्ट एव्री माल एव्री पार्ट इसका अवेलेबल हो जाता है। क्योंकि इस इस ब्रांड के शौकीन बहुत है दुनिया में। तो इस कार को भी आपने देखा।

इसकी खूबसूरती देखी। इसकी खासियत भी आपने सुना। और जब यह इनके मालिक इसे सड़क पर लेकर निकलते हैं तो एक शाही रुबाब वाला फील आता है। और उसी फील के लिए आज भी कई लोग अपनी विंटेज कारों को यहां पर संभाल कर रखे हुए हैं। विंटेज कारों को देखना समझना किसे अच्छा नहीं लगता। लेकिन जब युवा पीढ़ी इन कारों को जानने की कोशिश करती है तो अपने आप में इस तरह के एग्ज़िबिशन काफी खास हो जाते हैं। हमारे साथ कुछ लोग मौजूद हैं। एकदम मॉडर्न जमाने के कारें बाजार में हैं। इस तरह की कारें कितना आप लोगों को अट्रैक्ट करती है और क्या जानने समझने की कोशिश करती हैं आप? सर, व्हाट वी कुड से दैट EV’s और द एंड द एपिक एसयूवीस कुड नेवर टेक द प्लेस ऑफ़ दीज़ विंटेज कार। दीज़ आर द एपिक वन डिस्प्लेइंग द हेरिटेज, द लग्जरी एंड इट्स अब्सोलुट। इट कैन नॉट बी टेकन प्लेस बाई एनी ऑफ़ द इंजंस। वेदर वी नो आर अवेयर ऑफ़ द इंजन एंड द स्पीड ऑफ़ नॉट वेदर वी आर नॉट अवेयर ऑफ़ द पावर दैट द टुडेज़ कार आर ब्रिंगिंग बट दिस विल रिमेन दी एपिक एंड दी अब्सोलुट वन एंड द लग्जरी विल कैन नेवर नेवर बी टेकन ओवर।

यह बात तो है लग्जरी इनका जगह नहीं ले सकती। अगर आपको मौका मिले एक विंटेज कार चलाने का क्या फीलिंग होगी? ओह! इट वुड बी अमेजिंग टू रूम अराउंड इट्स स्पेशली इन द स्ट्रीट्स ऑफ़ जयपुर। आई मीन इट जस्ट शोज़ लग्जरी एंड रॉयल्टी। व्हाट इट्स इज़ी टू ड्राइव इन जयपुर रोड नो आई एम जस्ट सेइंग दैट इट्स ब्यूटीफुल टू राइड लाइक इट्स अ लक्जरी और आपको अगर मौका मिले तो सर आय थिंक इट्स माय ड्रीम टू ड्राइव बिकॉज़ द रोड्स इफ वी कुड ड्राइव दिस इन द रोड ऑफ़ द प्लेस ऑफ़ आमेर द व्यू अलोंग विथ द आमेर फोर्ट एंड दैट एरिया अलोंग विथ द फ्लावर्स इट वुड बी द अब्सोल्युट ड्रीम इट विल कम ट्रू एंड व्हाट आई थिंक दैट इफ इट इट कुड हैपेन आई वुड प्रे व्हाटएवर द थिंग इज बट आई जस्ट वांट टु इट कुछ भी कर सकती हैं कितना भी पैसा कम खर्च कर सकती हैं। यदि इस सपने को पूरा करने का इन्हें मौका मिल जाए।

लेकिन आपने जो सपना बताया ना जयपुर आमेर तक ही सीमित है। और यह जो यहां कारें खड़ी है कश्मीर से ले कन्याकुमारी तक ट्रेवल कर चुकी है। सर वो तो बहुत ही अच्छी बात है। बट आई डोंट थिंक आवर पेरेंट्स विल लेट अस गो देयर बट जयपुर के अंदर इफ द चांसेस इज़ दिस अवेलेबल देन वी विल डेफिनेटली नॉट मिस इट। फॉर एनीथिंग। यार आपको समझ में भी आ रहा है ये कारों के बारे में इनके मॉडल, इतिहास और उस दौर की कार। क्या डिफरेंस है आज के जमाने की कार और उस दौर की कार की? मैं आप दोनों से पूछ रहा हूं। सर, जैसे वेदर यह तो अच्छी बात है कि दैट दे आर इन द एग्ज़िबिशन देयर बट इट वुड बी मोर बेनिफिशियल दैट इफ दी अह इसके बारे में हमारे पास जानकारी अगर कोई बैनर यहां पे होता, वी वुड बी एबल टू गैब्स द नॉलेज अबाउट देम एंड हाउ द हिस्ट्री दे हैव प्रमोटेड। आज के कार्स के कंपैरिजन में मैं तो इनको आई विल नॉट मतलब उनको तो मैं कुछ रेट नहीं करूंगी। दीज़ आर द फाइव स्टार वंस। सेम हियर। पक्का।

फाइव स्टार कम तो नहीं हो रहा है? नहीं नहीं। ठीक है। तो ये है देखिए यूथ जनरेशन है। इन कारों को जानने समझने की कोशिश करती है। बहुत बड़ी बात है ये। क्योंकि ये कार केवल मॉडल कार ही नहीं है बल्कि अपने आप में इतिहास को समेटे हुए ये पूरी कार है और इन सभी कारों के पीछे की दिलचस्प कहानियां भी है। कार आपकी हां है लेकिन अच्छा वो बाहर गए। विक्रम सिंह जी की कार है ना? विक्रम कितनी पुरानी होगी सब? सर ये 194 34 1934 कितना मुश्किल हो जाता है इसको संभाल के रखना इसी तरह चमचम बहुत इसमें मेहनत करनी पड़ती है और काफी खर्च भी आता है मेंटेन कर रखने में तो मेंटेन करके रखे हुए हैं अभी तो चल रहा है देखिए मेंटेन करके रखे हुए हैं क्योंकि ये Ford की कार आप देखिएगा एक बार लुक देखिएगा 1934 में बनी हुई Ford B और ये शायद मॉडल अब आपको इक्केदुक्के ही मॉडल मिलेंगे और उन कारों को यहां पर संभाल के रखा हुआ है।

फिर से कारों के इतिहास को जानना उन्हें समझना ओरिजिनल पार्स वाले इन कारों के मेंटेनेंस को देखना समझना कोई दिलचस्प किसी किस्से कहानी से कम नहीं है। भाई साहब इतनी सारी आधुनिक कारें हैं शोरूम वगैरह सब जगह ये ये कारें लुभा रही है ये एक ड्रीम था.

हमारा कि ऐसी कारें कब इस जिंदगी में देख पाएंगे लेकिन जिन्होंने भी ऑर्गेनाइज किया है बहुत अच्छा किया है और इतना मजा आ रहा है देखने में ऐसी कारें कहां देखने को मिलेगी चलाने को मिल जाए तो ओ वो तो फिर सोने पे सुहागा है सोने पे सुहागा चलाने पे मिल जाए तो सोने पे सुहागा ठीक है तो ये देखिए ये जयपुर यहां पे जो विंटेज कार के शौकीन है जो इन्हें देखने आए हैं, समझने आए हैं उनके बारे में हमने सब बताया आपको।

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