केरल की सड़कों और बसों पर इन दिनों एक अजीब सा तमाशा चल रहा है। मर्द जो कभी साधारण कुर्ता पजामा या टीशर्ट जींस में घूमते थे। देखिए अब खुद को क्रिकेट पैड से लैस कर कांटेदार झाड़ियों की तरह सुरक्षित बनाकर गत्ते के डिब्बों में छिपाकर पेड़ों वाली जाली पहनकर घूम रहे हैं।
यह पागलपन नहीं है। यह लोग कोई मीम या रील भी नहीं बना रहे। दरअसल केरल में लोग इसे रील वाली औरतों के खिलाफ मर्दों की क्रांति बता रहे हैं।
जी हां, । रील वाली महिलाओं के खिलाफ मर्दों की क्रांति। देखिए यह सब हो रहा है केरल के कोजीकोट जिले में 31 वर्षीय सेल्स मैनेजर दीपक की वजह से। दीपक ने हाल ही में जान दी और वजह थी यह वाली रीड। इस रील को बनाने वाली महिला ने रील बनाते हुए आरोप लगाया कि दीपक ने उसे बस में गलत तरीके से टच किया और फिर इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
जमकर ट्रोलिंग, मीडिया ट्रायल और झूठे बेबुनियाद आरोपों की बौछार ने दीपक को इतना तोड़ दिया कि उसने अपना जीवन ही खत्म कर लिया। जैसे ही दीपक के खुदकुशी की खबर सामने आई पूरा केरल हिल गया। साथ ही सवाल खड़ा होने लगा कि क्या अब पब्लिक प्लेसेस पर मर्दों को हर पल डर कर जीना पड़ेगा? और इसी सवाल ने इसी डर ने इसी विरोध और इसी दर्द ने फिर एक ऐसा अनोखा व्यंग्यात्मक यानी कि सटेरिकल तरीका निकाला प्रोटेस्ट का। यही वजह है कि पुरुष अब सार्वजनिक बसों में सफर करते हुए खुद को गत्ते के बड़े-बड़े डिब्बों में छुपा रहे हैं। हाथ किसी को टच ना हो घर से क्रिकेट वाले पैड बांध रहे हैं। पेड़ को बचाने वाली लोहे की जाली पहन रहे हैं।
ऐसा लगता है कि पुरुष अब अपने आसपास भी किसी महिला की छाया नहीं पड़ने देना चाहते। देखकर लगता है जैसे कोई क्षेत्र में कवच पहने सैनिक घूम रहा है। कोई कांटेदार झाड़ियां या स्पाइक्स जैसी चीजें लगाकर घूम रहा है ताकि कोई छूने की कोशिश भी ना करें।
मर्दों के इस बिहेवियर को काफी लोग मौजमौज में इसे रील वाली महिलाओं के खिलाफ मर्दों की वस्त्र क्रांति भी कह रहे हैं।
