मशहूर लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी मंगेशकर बहनों का वो जादू जिससे लोग कभी निकल ही नहीं पा रहे थे जादू है तेरा ही जादू जो मेरे दिल पे छान 90 के दशक में कैसे ये खूबसूरत और मधुर आवाज वाली लड़की बन गई थी सुपरहिट संगीत की गारंटी क्यों इस गायिका से अपनी फिल्म में गाने गवाने के लिए फिल्म की हीरोइनें करती थी फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर से गुजारिश दिल दिल दिल और कैसे आगे चलकर यह गायिका बन गई 90 के दशक की सभी सुपरहिट अभिनेत्रियों की आवाज जिसको आज तक पूरी दुनिया में सुना जाता है मांग ना बहार मांगू मैं तो स कैसे इस लड़की के मां-बाप ने इनको एक बड़ी सिंगर बनाने के लिए किया वो संघर्ष जिसकी वजह से आगे चलकर यह बनी भारतीय हिंदी सिनेमा की द क्वीन ऑफ प्लेबैक सिंगिंग की महारानी दिन मुलाकात कैसे इस गायिका ने गुस्से में स्टूडियो से भगा दिया था।
एक लड़के को और कैसे आगे चलकर भगाया गया वही लड़का बना भारतीय हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा सुपरस्टार और क्या आप जानते हैं कि वो कौन सी फिल्म थी जिसके गाने ना गाने के लिए इन्होंने उस वक्त कर दिया था इंकार और कैसे वही फिल्म का संगीत बन गया था अवार्ड विनिंग संगीत जिसके लिए आज तक अफसोस मानती है यह गायिका ये हंसी वादिया ये खुला आसमा आ गए हम कहां है कैसे एक फिल्म के लिए इनकी आवाज में गाए गए गाने ने मचा दी थी पूरे हिंदुस्तान में खलबली जिसकी वजह से हिंदी सिनेमा और बड़े-बड़े ज्ञानवानी लोगों के बीच छिड़ गई थी विरोध और आलोचना की आग जिसकी वजह से बदनाम हो गई थी यह सिंगर चोली के पीछे क्या है इस गायिका को रेलवे स्टेशन पर मिले एक लड़के से हो गया था प्यार और कैसे उसी लड़के से शादी करके 28 सालों बहुत दूर ये रही क्या तेरी आती है मुझे और कैसे अपने पति की गैर मौजूदगी में यह गायिका हो गई थी गैर मर्दों की तरफ प्यार के लिए आकर्षित कितनी बेचैन होके तुमसे मिली और दुनिया का वो कौन सा आतंकवादी था।
जिसने पूरी दुनिया के साथ अमेरिका को अपने आतंक से हिलाक रख दिया था वोह आतंकवादी निकला इस गायिका की मधुर आवाज का प्रेमी राजा को रानी से प्यार हो गया पहली नजर में और कैसे इस गायिका की जिंदगी में ऐसा क्या हुआ था कि इनको दूसरी एक मशहूर सिंगर को कहना पड़ा नीच गिरी हुई महिला और क्या आप जानते हैं कि पूरी दुनिया में इस गायिका के हर रोज लगभग 4 करोड़ 20 लाख जी हां 4 करोड़ 20 लाख गाने हर रोज सुने जाते हैं ी झुमके कंगना सब दुनिया भर में इतनी मशहूर सबसे ज्यादा अवार्ड्स जीतने वाली सबसे ज्यादा पूरी दुनिया में सुनी जा जाने वाली इस गायिका को वो कौन सी बीमारी हो गई जिसकी वजह से यह अब कभी भी सुन नहीं पाएंगी अपनी खुद की आवाज कैसे एक हेडफोन ने बर्बाद कर दी इस महान गायिका की जिंदगी मैंने कभी सोचा ना था य इतनी मधुर आवाज वाली एक ऐसे किरदार और कलाकार की जो लंबी मियाद के बाद इस दुनिया में आते हैं जिनको कुदरत ने वो आवाज का ऐसा करिश्मा देकर इस दुनिया में भेजा जो सभी के लिए बेमिसाल है ।
यकीनी तौर पर यह गायिका बेमिसाल मेलोडी क्वीन है जिसने बॉलीवुड में अपनी बेदाग आवाज से 80 90 और 2000 के दशक में अपनी दीवानगी को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया था ऐसे चुनिंदा फनकार में नाम था इस शानदार और जबरदस्त गायिका का नाम जिसे दुनिया ने जाना अल्का यागनिक के नाम से दुआ है मेरे रम से तुझे दो सब कौन थी अल्का याग्निक कैसे इनका भारतीय हिंदी सिनेमा की तरफ आना हुआ और कैसे इनको सामना करना पड़ा जिंदगी के उन उतार चढ़ाव का जिसकी इन्होंने कभी पानी में आग अल्का याग्निक का जन्म 20 मार्च 1966 को कोलकाता में एक गुजराती साधारण परिवार में हुआ इनके पिता का नाम धर्मेंद्र शंकर है।
जो सरकारी मुलाजिम थे और इनकी मां का नाम है शुभा जो एक क्लासिकल सिंगर थी अल्का याग्निक ने अपनी स्कूलिंग कोलकाता के मॉडर्न हाई स्कूल से पूरी की थी अल्का यागनिक अपने घर में जब अपनी मां को संगीत का रियाज करते हुए देखती थी तो वह भी अपनी मां के साथ बैठकर संगीत का रियास करने की कोशिश करती थी और यहीं से अल्का यागनिक के अंदर संगीत के प्रति रुचि और कला दोनों आकर्षित करने लगी अल्का का संगीत के प्रति यह लगाव इतना ज्यादा हो गया कि यह मात्र 6 साल की बाल अवस्था में ही मां की मदद से अलका ने ऑल इंडिया रेडियो कोलकाता के लिए बच्चों के खास प्रोग्राम में गीत गाने शुरू कर दिए और यही वो वक्त था जब इनकी मां ने अपनी बेटी को एक बड़ी गायिका बनाने का दृढ़ निश्चय किया था क्योंकि बहुत छोटी सी थी तब से इतना अच्छा गाती थी कि आई कुड बिलीव ये बच्चा गा रहा है अल्का जब मात्र आठ साल की थी तो इनके माता-पिता इनको गर्मियों सर्दियों की छुट्टी में मुंबई लेकर जाते थे और यहां अल्का का करियर बनाने की जद्दोजहद करते थे उनको कई संगीत के महारती के पास ले जाया करते थे और उनके ऑफिस और घर के खूब चक्कर लगाते थे अल्का के संघर्ष के इसी दौर में एक बार मशहूर फिल्म अभिनेता और निर्माता राज कपूर ने अल्का को गाते हुए सुना राज कपूर के हमको किसी ने भेजा था उनके फ्रेंड ने इस छोटी सी लड़की की आवाज राज कपूर को बहुत पसंद आई उन्होंने बिना देरी किए हुए इनको सीधे म्यूजिक डायरेक्टर लक्ष्मीकांत के पास भेज दिया ।
लक्ष्मीकांत जी ने अलका को सुना और अल्का की मां से कहा कि अल्का की आवाज बहुत अच्छी है लेकिन अभी इसकी उम्र बहुत छोटी है तो इनसे अभी फिल्मों के गाने रिकॉर्ड कराना मुश्किल होगा क्यों ना अल्का यागनिक के थोड़े से समझदार होने का इंतजार किया जाए लक्ष्मीकांत की बात इनकी मां को सही लगी और वो अल्का को वापस कोलकाता ले गई जहां अल्का ने अपनी पूरी मेहनत लगन संगीत के सुरों को सीखने में लगा दी और फिर कुछ साल बीत जाने के बाद अल्का को वह मौका मिला हिंदी सिनेमा में अपनी आवाज देने का साल 1980 में आई फिल्म पायल की झनकार के एक गीत थिरक अंग में गाने की कुछ लाइन गाने का मौका मिला रा अंगला चक झुकी झूमक इस गीत में अल्का यागनिक की आवाज बेहद कम थी लेकिन उनके हुनर को संगीतकार भाप गए और अगले साल 1981 में ही अल्का को अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म लावारिस में उनको मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है गाना गाने को मिला जिसे अल्का ने अपनी आवाज में गाया और नतीजतन यह फिल्म के साथ-साथ यह गाना भी सुपर डुपर हिट हो गया था lइसके बाद अल्का ने साल 1982 में हमारी बहू अल्का में भी एक गाना गाने का मौका मिला हालांकि इस गाने से अल्का को कोई खास पहचान तो नहीं मिली लेकिन अल्का एक-एक कदम आगे जरूर बढ़ रही थी हम आपको यहां बता दें कि अल्का अभी भी कोलकाता में ही रहती थी वो बस अपने माता-पिता के साथ जो गाने मिलते थे गाने के लिए उनको गाती और फिर वापस कोलकाता चली जाती थी क्योंकि इस बीच अल्का अपनी पढ़ाई भी करती थी लेकिन जब यह 16 साल की हुई तो इनके पिता ने सरकारी नौकरी से समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया और उसके बाद यह मुंबई आकर बस गए जिसके बाद साल 1981 से लेकर साल 1987 तक अल्का याग्निक ने लगभग 100 गाने गाए।
लेकिन इनको अभी तक वो सफर या फिर लोकप्रियता नहीं मिल रही थी जिसके लिए अल्का और इनके माता-पिता पूरी कोशिश कर रहे थे अल्का उस दौर में थी जब लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों बहनों का बॉलीवुड में दबदबा था चारों तरफ इन दोनों के ही गाने बजते सुनाई देते थे मेरे खवाबों में जो आए आके मुझे छेड़ जा सभी म्यूजिक डायरेक्टर की पहली पसंद यह दोनों बहने ही हुआ करती थी और उस समय यह दोनों बहनों का डर कह सकते हैं या फिर आवाज का जादू जिसकी वजह से फिल्म की अभिनेत्री और निर्माता कोई भी जोखिम नहीं उठाते थे तो फिर ऐसे में अल्का याग्निक जैसी नई गायिका का ऊपर आना बहुत ही मुश्किल था अब आया वह साल जिसमें अल्का याग्निक लता मंगेशकर और आशा भोसले की लोकप्रियता में सेंध लगाने वाली थी और वो मौका मिला।
इनको सा 1988 में जूही चावला और आमिर खान की फिल्म कयामत से कयामत तक से मेरे हम सफर एक जरा इस फिल्म में अलका ने दो गाने गाए और दोनों ही गानों ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की और इन्हीं दोनों गानों से अल्का याग्निक को भी व सफलता और लोकप्रियता मिली जिसके लिए इन्होंने इतने साल तक संघर्ष किया था और इन गानों की कामयाबी के साथ पहली बार अल्का यागनिक का नाम भारतीय हिंदी सिनेमा में गूंज रहा था अकेले हैं तो क्या गम है इसी फिल्म से जुड़ा है वो किस्सा जो बहुत ही कम लोग जानते हैं दरअसल इस फिल्म के गानों की रिकॉर्डिंग के लिए अल्का स्टूडियो आई थी अल्का जब अपने गाने रिकॉर्ड करने लगी तो वहीं बैठा एक लड़का उनको लगातार देख रहा था यह देखकर अल्का को अच्छा महसूस नहीं हुआ तो वह थोड़ा सा परेशान हो गई और उसी परेशानी में उन्होंने उस लड़के को स्टूडियो से बाहर कर दिया।
गाने की रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद फिल्म प्रोड्यूसर नासिर हुसैन जी अल्का को फिल्म की स्टार कास्ट से मिलवा शुरू करते हैं तो वो लड़का वहां पर भी था पहचान कराने पर पता चला कि यह लड़का कोई और नहीं बल्कि फिल्म के हीरो आमिर खान ही थे मेरे हमसफर एक जरा सच पता चलने पर अल्का को काफी अफसोस हुआ और उन्होंने हंसते हंसते आमिर को सॉरी बोलकर अपनी गलती मानी जिसके बाद से आज तक आमिर और अलका दोस्त बने हुए [संगीत] हैं पहली सफलता के बाद इसी साल 1988 में अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की एक फिल्म आई तेजाब कह दो के तुम हो मेरी वरना जीना नहीं मुझे इस फिल्म ने जहां माधुरी दीक्षित अनिल कपूर के करियर को ऊंची छलांग दी बल्कि अल्का यागनिक की जिंदगी को भी बदल कर रख दिया था इस फिल्म में अल्का ने एक गाना गाया जिसकी बदौलत अलका की पूरी जिंदगी ही बदल गई थी और इनको को इस गाने के लिए अपना पहला फिल्म फेयर अवार्ड भी मिल गया था एक दोती चर पा 6 सा आ 10 इस गाने की सफलता के बाद तो अल्का यागनिक की तरक्की का ग्राफ बड़ी तेजी के साथ ऊपर गया और अब हर फिल्म का निर्माता निर्देशक इनसे अपनी फिल्म में गाना गवाना चाहता था और अब हिंदी सिनेमा में लता मंगेशकर और आशा के बाद एक और आवाज गूंज थी जिसके आगे इन दोनों बहनों का तिलिस्म भी कमजोर पड़ता नजर आ रहा था।
अब अलका की मांग चारों तरफ इस कदर बढ़ी कि अलका ने साल 1989 में लगभग 34 फिल्मों और साल 1990 में लगभग 45 फिल्मों में गाने गाए खवाबों में आना आके सताना खवाब में आ इसके बाद साल 1993 में आई सुभाष घई की फिल्म खलनायक और इस फिल्म में अल्का ने ऐसा गाना गाया जिसकी वजह से अल्का यागनिक को वो नाम और शौहरत मिली जिसके लिए इनको आज तक याद किया जाता है दरअसल इस फिल्म को सफलता तो बेहिसाब मिली लेकिन अलका के द्वारा गाए गए गाने चोली के पीछे क्या है को लेकर समाज और हिंदी सिनेमा के बड़े-बड़े लोगों में बहस छिड़ गई कि इस तरह के आपत्तिजनक शब्दों के साथ इस गाने को समाज में क्यों भरोसा गया लोगों ने इस गाने को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया और इसी सबके बीच अल्का याग्निक को समाज का काफी विरोध और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और लोगों ने अल्का यागनिक के इस गाने को लेकर सड़क पर खूब विरोध प्रदर्शन किया लेकिन इन सब के बावजूद यह गाना हमेशा के लिए अमर हो गया चली।
में दिल है मेरा चुनरी में दिल है मेरा ये दिल मैं दूंगी 1993 में अल्का यागनिक की गायिकी को वह सम्मान नसीब हुआ जो यकीनी तौर पर हर सिंगर का सबसे बड़ा सपना होता है जिसके लिए वह इतनी मेहनत करता है साल 1993 में ही फिल्म हम है राही प्यार के के एक गीत को अल्का की आवाज में रिकॉर्ड किया गया हालांकि फिल्म तो ठीक-ठाक रही लेकिन अल्का को इस फिल्म के एक गाने के लिए उनको उनकी जिंदगी का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिल इस राष्ट्रीय पुरस्कार से अल्का और उनकी मां को बहुत खुशी हुई लेकिन दुख भी दुख इसलिए क्योंकि यह सम्मान मिलने से पहले ही अल्का के पिता का देहांत हो चुका था और उनके पिता ही थे जो पहले ही बोल गए थे कि अल्का तुमको इस गाने के लिए एक दिन जरूर राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा उनकी बात सच साबित हुई थी लेकिन इस खुशी को देखने के लिए अब व जिंदा नहीं रहे थे घघ की आ से दिल बर 90 के दशक के शुरुआती दिनों से ही अल्का माधुरी दीक्षित जूही चावला करिश्मा कपूर काजोल रवीना टंडन जैसी सुपरहिट हीरोइनों की आवाज बन गई थी तू शायर है मैं तेरी श उस समय शायद ही ऐसी कोई फिल्म बनती थी जिसमें अल्का याग्नि की आवाज में संगीत ना हो और यही वह वक्त था जब अल्का याग्नि अपने करियर के सबसे ऊंचे पायदान पर थी और यही वह समय था जब फिल्म की हीरोइन फिल्म के निर्माता निर्देशक से गुजारिश करती थी कि उनकी फिल्म के लिए सिर्फ अल्का यागनिक से ही गाने गवाए जाएं जिसको फिल्म के निर्माता बड़ी खुशी के साथ पूरा करते थे क्योंकि वह भी जानते थे कि अल्का अब फिल्म में सफल संगीत की गारंटी लाखों है मगर तुम सा यहां कौन हसी है तुम जान हो मेरी तो और अल्का इन सभी गानों की वजह से मेलोडी क्वीन और रोमांटिक गानों की रानी बन गई थी।
अल्का यागनिक ने 90 के दशक में उदित नारायण और कुमार शानू के साथ मिलकर हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक गाने दिए जाती हूं मैं जल्दी है क्या घर के जिया जिनको यकीनन आज तक सदा बहार रोमांटिक गाने कहा जाता है इसके बाद 1998 में काजोल रानी मुखर्जी शाहरुख खान सलमान खान की एक्टिंग से सजी फिल्म कुछ कुछ होता है कि टाइटल सॉन्ग के लिए अल्का यागनिक को एक बार फिर से राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया क्या करू कुछ कुछ होता है क्या करू हां का शक एक तरह से अल्का याग्नि के ही नाम रहा लेकिन इनके इसी दशक में इनको एक ऐसी फिल्म के गाने रिकॉर्ड करने को मिलने वाले थे लेकिन यह कर नहीं पाए और इनको उस बात का आज तक अफसोस है दरअसल अल्का याग्नि को एक अनजान नंबर से कॉल आया कि वह उनकी और कुमार शानू की आवाज में अपनी फिल्म के गाने सजाना चाहते हैं लेकिन अल्का को इस लड़के के बारे में कुछ भी नहीं पता था लिहाजा अल्का ने कुमार शानू से इस बारे में पूछा कि क्या आपके पास भी कोई ऐसा कॉल आया है तो कुमार शानू ने कहा हां आया था लेकिन मैंने मना कर दिया है लेकिन इनको फोन करने वाला यह लड़का कोई और नहीं था बल्कि वो थे एआर रहमान ये हंसी वादियां ये खुला आसमा आ गए हम कहां है मे जो अपनी संगीत से सजी फिल्म रोजा के लिए इन दोनों से गाना गवाना चाहते थे लेकिन कुछ समय बाद जब इस फिल्म के गाने अल्का ने सुने तो उनको बहुत अफसोस हुआ एआर रहमान को उनके अच्छे संगीत के लिए इस फिल्म के लिए नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया था तो जा जाने मन तू ही मेरा दिल तुझ बिन इसके बाद इन्होंने सुभाष घई की ड्रीम फिल्म ताल के लिए अपनी आवाज में गाने गाए और इस फिल्म के एक गाने के लिए अल्का को अपना तीसरा फिल्म फेर अवार्ड भी मिला दिल ये बेचैन वे रास्ते पे नैन वे जिंदड़ी बेहा एक तरफ जहां इनकी सफलता सर चढ़कर बोल रही थी तो ऐसे में इनका विवाद हो गया एक दूसरी मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल से जो उस वक्त से लेकर आज तक खूब चर्चा में रहता है दरअसल आमिर खान और माधुरी की एक फिल्म दिल रिलीज हुई थी इस फिल्म में पहले अल्का याग्नि की आवाज में दो गाने रिकॉर्ड हुए लेकिन किन्हीं वजह से उन दोनों गानों को बाद में अनुराधा पौडवाल से गवा लिया गया इस बात का पता चलने पर अल्का यागनिक ने इस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी से इतनी नाराज हो गई कि आनंद मिलन से उन्होंने दूरी बना ली और तकरीबन दो साल इनके साथ कोई काम नहीं किया मुझे नींद ना मुझे चैन ना आए कोई चा जरा ढूंढ के लाए जाने अल्का याग्निक ने दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री में नैतिकता और एकता नहीं है उन्होंने कहा कि जो गाने मेरी आवाज में रिकॉर्ड हो चुके थे उनको अनुराधा पौडवाल को दोबारा अपनी आवाज में डब नहीं करना चाहिए था अनुराधा पौडवाल के इस कदम से लगता है कि वह कितनी नीचे गिर चुकी है कि दूसरे सिंगर के गानों को अपनी आवाज में डब कर रही हैं उनको अपने इस काम के लिए शर्मिंदा होना चाहिए ।
अक्सर इस दुनिया में अनजानी मिलते हैं अनजानी राहों में आइए अब बात करते हैं अलका याग्निक की निजी जीवन के बारे में और इनकी उस प्रेम कहानी के बारे में जिसके लिए इनको वह सब करना पड़ा जिसकी इन्होंने कभी भी कल्पना नहीं की थी अल्का यागनिक ने दरअसल एक बिजनेसमैन नीरज कपूर से शादी की है और इन दोनों की प्रेम कहानी काफी दिलचस्प है अल्का यागनिक की नीरज से मुलाकात 1986 में दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर हुई थी वह जब अपनी मां के साथ कोलकाता से दिल्ली आई थी तो उस वक्त उनकी मां की सहेली का एक भतीजा उनको वहां पर लेने आया था और इस लड़के का नाम था नीरज कपूर और यहां हुई यह मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और उसके बाद इन दोनों के बीच मोहब्बत ने जन्म ले लिया हो चुरा के दिल तेरा चली मैं चली करीब दो साल तक मोहब्बत का यह सिलसिला यूं ही चलता रहा।
लेकिन कुछ समय बाद दोनों ने अपने अपने परिवार वालों को इस रिश्ते की जानकारी दी और शादी के बंधन में बंधने की बात कहीन साजन तेरी दुल्हन तुझको पुकारे आ लेकिन इन दोनों के इस रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट आई इन दोनों का अलग-अलग शहरों में रहना दरअसल नीरज कपूर मेघालय के शिलोंग में अपना व्यापार करते थे और अल्का मुंबई में रहती थी और दोनों ही अपना-अपना काम नहीं छोड़ सकते थे लिहाजा दोनों ने अलग-अलग रहने की बात को भी मंजूर कर लिया था पेरेंट्स ने यह कहा कि यह शादी तो मुमकिन नहीं है वो वहां रहेगा य यहां रहेगी कैसे हो सकता है पर हम लोगों ने जिद पकड़ ली कि नहीं हमें शादी करनी है तो एक दूसरे से ही करनी वरना नहीं करनी है और साल 1989 में दोनों ने शादी कर ली साजन जी घर आए साजन जी घर आए दुलहन शादी के बाद नीरज कुछ समय के लिए मुंबई में आकर रहे और यहां अपना व्यापार शुरू किया लेकिन व्यापार नहीं चला और इनको भारी नुकसान हो गया जिसके बाद नीरज ने वापस शिलोंग लौटने का फैसला किया इसके बाद से लगभग 28 सालों से यह दोनों एक दूसरे से अलग रहते हैं तुझे याद ना मेरी आई किसी से अब क्या कहना अल्का यागनिक को पति से अलग रहना काफी खल रहा था अल्का हर मोड़ पर त्याग कर रही थी ।
शादी के बाद वह एक बेटी की जिम्मेदारी घर की जिम्मेदारी करियर सब कुछ अकेले ही निभा रही थी पति-पत्नी के बीच बनी यह दूरियां इनकी जिंदगी में तनाव और अकेलापन ले आई हालात यह हो गए कि बीच में रिश्ते काफी खींचतान के बीच इन पति-पत्नी का रिश्ता तलाक के दरवाजे तक जा पहुंचा और इसी बीच अल्का याग्निक का वो वक्त भी आ गया था जब वह पति की कमी के चलते दूसरे मर्दों की तरफ प्रेम के चलते आकर्षित होने लगी तेरे दिल में हम आ गए लेकिन बाद अल्का याग्नि के हाथ से बाहर निकलती उससे पहले यह संभल गए और पति से मनमुटाव खत्म करते हुए ये एक बार फिर से अपने पति से मिल गई और अपनी शादी ना तोड़ने का फैसला लिया और अब यह दोनों एक खुशहाल वाली जिंदगी बिता रहे हैं अल्का याग्निक और नीरज कपूर एक बेटी सायशा के माता-पिता हैं सायशा की शादी साल 2018 में उनके प्रेमी अमित देसाई से हो गई है इनकी बेटी का संगीत की दुनिया से कोई लेना देना नहीं है अल्का याग्निक पिछले कई सालों से गाना नहीं गा रही हैं इसके पीछे वह संगीत में हुए बदलाव को मानती हैं अल्का कहती हैं कि आज के संगीत में काफी फूहड़ पना गया है 90 के दशक में जो संगीत का निर्माण हुआ था उस संगीत का आज के संगीत से कोई मेल नहीं है जिसका नतीजा यह हुआ कि कुमार शानू उदित नारायण अल्का यागनिक जैसे महान और प्रतिभाशाली गायकों को अब काम मिलना ही बंद हो गया है दिल कहता है चलो उनसे मिल अल्का याग्नि की आवाज आज भले ही हम लोगों को सुनाए नहीं देती है लेकिन एक समय वह भी था जब इनकी आवाज का जादू पूरी दुनिया पर चला था दरअसल दुनिया का सबसे खतरनाक उसामा बिन लादेन वह l अलका जागने के गाने सुना करता था बताया जाता है कि जब ओसामा बिन लादेन की मौत हुई तब वह उसके ठिकाने से अल्का याग्नि के गानों के म्यूजिक रिकॉर्ड्स मिले थे इस आधार पर अंदाजा लगाया गया कि ओसामा बिन लादेन अलका यागनिक का बड़ा फैन था कैसी दीवानगी देखी नहीं कहीं तो ऐसी लोकप्रियता थी ।
अल्का याग्निक की उनके संगीत की अल्का याग्निक ने लगभग हर भारतीय भाषा में अपनी आवाज दी है अल्का यागनिक ने 1000 हिंदी फिल्मों में लगभग 2600 गाने गाए हैं अल्का यागनिक लता मंगेशकर आशा भोसले मोहम्मद रफी किशोर कुमार के बाद सबसे ज्यादा गाने वाली महिला गायक हैं हो गली गली में फिरता है तू क्यों बनके बंजारा अल्का का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है अल्का पहली ऐसी भारतीय गायिका हैं जो लगातार न सालों तक टेलर स्विफ्ट ड्रेक बंस जैसे बड़े सिंगर्स को पीछे छोड़ते हुए साल 2000 20 20211 और 2022 तक लगातार सबसे ज्यादा सुनी जाने वाली गायिका बनी दिल हो के जुदा तुझ से रह पाता नहीं है कोई भी एक रिपोर्ट के मुताबिक और सर्वे के अनुसार साल 2002 में अल्का के संगीत को लगभग 15.3 अरब बार सुना गया यानी कि 4 करोड़ 20 लाख बार प्रति दिन के हिसाब से सुना गया जो कि अपने आप में दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड है अल्का यागनिक ने कई म्यूजिक वीडियो लाइव म्यूजिक शोज म्यूजिक एल्बम के साथ भक्ति संगीत के भी गाने गाए हैं।
अतम केशवम कृष्ण दामोदरम राम नाराय भारतीय हिंदी सिनेमा में शायद ही ऐसा कोई कलाकार निर्माता या फिर एक्टर रहा होगा जिसके साथ अल्का यागनिक ने गाना नहीं गाया हो अल्का यागनिक नदीम श्रवण की जोड़ी के साथ मिलकर सबसे ज्यादा हिट और सुपरहिट गाने हिंदी सिनेमा को दिए आपके प्यार में हम संवरने लगे देख लेकिन दोस्तों इसी साल 2024 के जून महीने में अल्का याग्निक ने एक सोशल मीडिया के पोस्ट के जरिए अपने फैंस को वह जानकारी दी जिसकी खबर से पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री और दुनिया में खलबली मच गई तो कुछ लोगों को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ कि अल्का याग्नि के साथ ऐसा हुआ है दरअसल अल्का ने अपने पोस्ट में लिखा कि कुछ हफ्ते पहले एक फ्लाइट से वह उतरी तो उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था इस घटना के कई दिनों बाद हिम्मत जुटाकर अपने दोस्तों और चाहने वालों को उन्होंने इस बारे में बताया कि मैं कहां गायब हूं उन्होंने बताया कि उनको अब सुनाई नहीं देता है बॉलीवुड की मशहूर सिंगर अल्का यागनिक इन दिनों एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं जिसमें उन्हें सुनाई देना बंद हो गया है उनके ऊपर एक वायरल अटैक हुआ है जिसमें डॉक्टर ने मेरे अंदर एक रेयर सेंसरी नर्व हेयरिंग लॉस डायगोनल का को सुनाई देना बंद हो गया है ।
और इस इसका इलाज किया जा रहा है लेकिन अल्का अपनी इस बीमारी से जीत पाएंगी या फिर नहीं इसका अभी जवाब देना मुश्किल है हरे हरे डॉक्टर्स ने बताया कि ज्यादा तेज आवाज और हमेशा हेडफोन के इस्तेमाल से भी इस बीमारी को जन्म मिल जाता है इसलिए लोगों को इससे बचकर रहना चाहिए अल्का के इस पोस्ट के बाद तो हिंदी सिनेमा के कई और बड़ गायकों ने अपनी तुरंत प्रतिक्रिया दी और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की किस्मत का बड़ा अजीब खेल है कि जिस गायिका को सुनने के लिए लाखों करोड़ों लोग पागल रहते हैं उनकी आवाज के दीवाने रहते हैं वो गायिका खुद ही अपनी आवाज को अब नहीं सुन पाएंगी दुर्भाग्य और किस्मत ने अल्का यागनिक के साथ कितना बड़ा अन्याय किया है अल्का यागनिक न जाने अब इस बीमारी से उभर पाएंगी या नहीं अब दिल कहीं लगता नहीं तेरे अल्का यागनिक का डॉक्टर की निगरानी में इलाज चल रहा है।
बॉलीवुड नोवल की पूरी टीम और मैं खुद अल्का यागनिक के जल्द ठीक होने की कामना करती हूं और उम्मीद करती हूं कि यह महान गायिका बहुत जल्द फिर से अपनी मधुर आवाज के साथ अपने चाहने वालों के बीच आ जाएं अल्का यागनिक अब 58 साल की हो चली है हैं बीमार होने से पहले अल्का अपने कई लाइव शो और रियलिटी शोज में बतौर जज देखी गई लता मंगेशकर के बाद सबसे ज्यादा सुनी जाने वाली गायिका अल्का सात फिल्म फेयर अवार्ड दो नेशनल अवार्ड दो आईफा अवार्ड तीन जी सिने अवार्ड चार स्टार स्क्रीन अवार्ड समेत ढेरों पुरस्कारों से सम्मानित की जा चुकी हैं संगीत की दुनिया में उनके इस महान योगदान के लिए अल्का यागनिक को आने वाली पीढ़ियां याद करती रहेंगी अल्का याग्निक 90 के उस दौर की गायिका हैं जिसको आज तक सबसे ज्यादा सुना जाने वाला दौर माना जाता है देखा है पहली बार साजन की आंखों में प्यार दिन साल गुजरते चले गए लेकिन इस समय में बना यह संगीत आज भी नई और पुरानी पीढ़ी दोनों को अपनी तरफ आकर्षित करता है और याग्निक उस दौर की संगीत की रानी के तौर पर हमेशा जानी जाती रहेंगी हमको तुम पे तबार है हमको तुम पे है ।
