29 साल से अमेरिका में किस जुर्म की सज़ा काट रही है ये अभिनेत्री?

आज यह दास्ता है भारतीय हिंदी सिनेमा के 80 और 90 के दशक की एक ऐसी अभिनेत्री की जो पूरी दुनिया में अपनी बेहद मनमोहक खूबसूरती और आकर्षक नए नक्श की सुंदरता से लाखों दिलों पर राज करती थी साजन मेरा उस पार है इस अभिनेत्री के शानदार और जबरदस्त अभिनय और डांस में था वो बेमिसाल आकर्षण जिसको देखने के लिए दर्शक और इनके चाहने वाले सिनेमा हॉल तक खींचे चले आते थे जाने दो जाने दो मुझे जाना है हरदा किया।

लाखों दिलों पर अपनी हसीन अदाओं से राज करने वाली यह अभिनेत्री कैसे 17 साल की नाबालिक उम्र में मिस इंडि का खिताब जीतकर अपना पहला कदम रखती है भारतीय हिंदी सिनेमा की जगमगाती दुनिया में बिन साजन झूला झूल मैं वादा कैसे भूलूं इस महान और दिलकश अभिनेत्री की जिंदगी में ऐसा क्या हुआ था कि इस अभिनेत्री को अपनी जिंदगी भर की कमाई इज्जत रिश्ते नातों को तोड़कर हमेशा हमेशा के लिए भागना पड़ा हिंदुस्तान और भारत हिंदी सिनेमा से सात समुंदर पार मेरे बारे में जो कुछ सुना है उसकी कोई वजह तो होगी।

मुझ पर क्या बध है एक बार सुन तो लो हिंदी सिनेमा का वो कौन सा फिल्म निर्माता था जिसने फिल्म के बहाने इस खूबसूरत अभिनेत्री का व मानसिक और शारीरिक शोषण करने की कोशिश की जिसकी वजह से लाचार बेबस दुखी यह अभिनेत्री परेशान होकर मजबूर हो गई जिंदगी की वो जंग लड़ने को जिसमें यह अभिनेता हार गई अपना सब कुछ बाली उमर ने मेरा ल वो किया और क्या आप यह जानते हैं कि इतनी खूबसूरत और समझदार यह अभिनेत्री बॉलीवुड के किस मशहूर शादीशुदा महान गायक के प्रेम जाल में फंस गई क्यों उस गायक ने इस अभिनेत्री को प्यार में धोखा देकर बर्बाद कर दी इनकी जिंदगी आज के बाद अपनी मनु शक्ल मुझे दिखाई तो मेरा मना मुह देखेगी दोस्तों और क्या आप जानते हैं कि जिस अभिनेत्री ने अपनी पूरी जिंदगी भर ईमानदारी से काम करते हुए हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट फिल्में दी संगीत दिया उस अभिनेत्री को कभी भी इसी हिंदी सिनेमा में कोई भी अवार्ड नहीं दिया गया।

अपनी जिंदगी में हर तरफ से दुख तकलीफ झेल रही इस अभिनेत्री की हिंदी सिनेमा में सबके सामने किसने इज्जत लूटने की कोशिश की क्यों इस हादसे ने इस अभिनेत्री को पहुंचा दिया उस अंधकार में जिससे निकलने में इस अभिनेत्री को लग गया बहुत लंबा वक्त भगवान मैं अब क्या करूं क्या करूं और अब यहां मेरी इज्जत बच नहीं सकती बच नहीं सकती बताएंगे और भी बहुत कुछ इस महान और खूबसूरत अभिनेत्री की जिंदगी के बारे में जिसको जानकर आपके पैरों तले जमीन निकल जाएगी एक ऐसी अभिनेत्री की जिसके अभिनय और नृत्य ने हिंदुस्तान के हिंदी सिनेमा को व पहचान दिलाई जिसकी जगमग रोशनी में आज तक यह अदाकारा जगमगा रही है इस अदाकारा का फिल्मी पर्दे पर दर्शकों का वह आकर्षण होता था कि इनके चाहने वाले इनको देखकर सिनेमा हॉल में सीटी और तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते थे जी हां हम बात कर रहे हैं सुनहरे पर्दे के उस गुजरे दौर की मशहूर एक्ट्रेस जिसको पूरी दुनिया शशिकला यानी मीनाक्षी शेषाद्री के नाम से जानती है इंडिया से जागी बहा ऐसा मौस कौन थी मीनाक्षी कहां से आई थी क्या थे इनके जिंदगी के विवाद यह सब मैं आपको बताऊं उससे पहले एक नजर डाल लेते हैं इनके शुरुआती जीवन पढ़ाई लिखाई और परिवार के ऊपर मत कर इतना गुरु सूरत पे हसीना मत कर मीनाक्षी का जन्म 16 नवंबर 1963 को झारखंड के सिंदरी नामक स्थान पर एक शिक्षित तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था इनके माता-पिता ने इनका नाम प्यार से शशिकला रखा था मीनाक्षी के पिता खेतीबाड़ी से जुड़ी एक कंपनी में काम किया करते थे तो वहीं इनकी मां एक घरेलू महिला होने के साथ-साथ भरत नाट्यम नृत्य की एक प्रशिक्षित नृत्यांगना थी इनकी मां ने बचपन से ही मीनाक्षी को भी भरतनाट्यम की अच्छी शिक्षा दी और आगे चलकर यही डांस इनकी ताकत बना जिसकी वजह से इनको अन्य दूसरी अभिनेत्रियों के मुकाबले ज्यादा लोकप्रियता मिली।

इनकी इसी सुंदरता और डांस की काबिलियत को देखते हुए उनके दोस्त उनको हमेशा मॉडलिंग करने के लिए कहते थे अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए मीनाक्षी ने दिल्ली का रुख किया यहां मीनाक्षी ने पढ़ाई के साथ-साथ डांस सीखने में भी काफी समय गुजारा मीनाक्षी ने जब अपनी 12थ क्लास की पढ़ाई पूरी की तो उसी दौरान मीनाक्षी ने न्यूज़पेपर में एक ब्यूटी कंटेस्ट का विज्ञापन देखा हुआ यूं कि जब मैंने स्कूल यानी कि 12थ क्लास के एग्जाम खत्म की तो उस वक्त अ एक ब्यूटी कंटेस्ट का मैंने एडवर्टाइजमेंट देखा चूंकि मीनाक्षी उस समय घर पर ही अपनी छुट्टियां मना रही थी तो ऐसे में मीनाक्षी ने सोचा कि मैं अभी कुछ नहीं कर रही हूं तो क्यों ना इसी कंटेस्ट में हिस्सा ले लिया जाए कुछ कर नहीं रही थी छुट्टियों का मौसम था तो मैंने सोचा चलो ट्राई करते हैं लेकिन किस्मत की धनी कहिए या फिर किस्मत का ऐसा संजोग कि मीनाक्षी उस प्रतियोगिता को जीत गई और टू माय सरप्राइज मैं मिस इंडिया चुनी गई हूं इस साल इस शानदार जीत के बाद मीनाक्षी न्यूज़पेपर की सुर्खियां बन गई जिसका नतीजा यह हुआ कि मीनाक्षी के पास कई मॉडलिंग के ऑफर्स आने लगे लेकिन मीनाक्षी की किस्मत तो उनके लिए बॉलीवुड में जाने का रास्ता बना रही थी और आप तो जानते हैं जब भी कोई लड़की मिस इंडिया बनती है या तो उसे मॉडलिंग के ऑफर्स आते हैं या फिल्मों में उसे कोई हीरोइन के लिए चांस देने के लिए आता है तो मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ मीनाक्षी उन दिनों अपनी बहन के पास बॉम्बे में थी।

उन दिनों हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार मनोज कुमार अपनी एक फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश में थे तब मनोज कुमार की नजर एक न्यूज़पेपर पर पड़ी जिसमें मीनाक्षी की तस्वीर छपी थी मीनाक्षी की खूबसूरती मनोज कुमार को भा गई और उन्होंने मीनाक्षी के बारे में पता किया और उनको उनकी दीदी के घर पर फोन कॉल कर दिया मैं बंबे में थी अपनी दीदी के साथ जो यहां रहती हैं और मनोज कुमार का मुझे एक फोन कॉल आया कि हम एक फिल्म बना रहे हैं जिसमें हम नई लड़की को चांस देना चाहते हैं मनोज कुमार ने मीनाक्षी को मिलने के लिए बुलाया और उनको अपनी आने वाली फिल्म के लिए ऑफर किया लेकिन मीनाक्षी ने फिल्म के लिए हां नहीं की वह पहले वापस दिल्ली आई और यहां अपने माता-पिता से बात की लेकिन मैंने फौरन हां नहीं की मैं दिल्ली वापस गई मम्मी डैडी से पूछा उन्होंने मुझे बहुत इनकरेज किया और इस प्रकार मैं फिल्मों में आ गई माता-पिता ने उनका प्रोत्साहन बढ़ाते हुए उनको काम करने के लिए कहा जिसके बाद मीनाक्षी ने मनोज कुमार की फिल्म पेंटर बाबू का ऑफर स्वीकार कर लिया हम काल चल यारा ठंडी ठंडी नहर के किनारे हम काल चल आरा मीनाक्षी की खूबसूरती से मनोज कुमार कुछ ऐसे प्रभावित हुए कि उन्होंने मीनाक्षी को बगैर कोई स्क्रीन टेस्ट के ही साइन कर लिया उन्होंने कहा मुझे स्क्रीन टेस्ट की जरूरत नहीं मैं तुम्हें देखकर कह सकता हूं कि तुम बहुत अच्छी हीरोइन बन सकती हो हिंदी सिनेमा में अपना पहला कदम रख रही मीनाक्षी की पहली फिल्म 1983 में दर्शकों के बीच पहुंची लेकिन दुर्भाग्यवश मीनाक्षी की यह पहली फिल्म दर्शकों को उतना प्रभावित नहीं कर पाई।

लेकिन मीनाक्षी की एक्टिंग और खूबसूरती का जादू लोगों को अपना दीवाना बना गया क्या कहे क्या कहे आज क्या हो गया मीनाक्षी शेषाद्री जब अपनी पहली फिल्म कर रही थी तो उसी दौरान इनको सुभाष घई की फिल्म हीरो के लिए संपर्क किया गया इसी जजह से मुझे मेरी दूसरी फिल्म हीरो भी मिली क्योंकि सुभाष ई मनोज जी को बहुत मानते हैं चूंकि मीनाक्षी ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहती थी हिंदी सिनेमा में लिहाजा इन्होंने हीरो फिल्म को भी साइन कर लिया था मैं तेरा जानू हूं तू मेरे दिलबर है मैं और यही वो वक्त था जब सुभाष घई ने मीनाक्षी जो हीरो फिल्म से पहले शशिकला के नाम से जानी जाती थी उस नाम को बदल कर फिल्मी नाम मीनाक्षी रख दिया गया जिसके बाद से यह आज इसी नाम से जानी जाती हैं सुभाष घई अपने आप में एक निपुण फिल्म निर्माता हैं।

मीनाक्षी और जैकी श्रॉफ को लेकर जब हीरो फिल्म दर्शकों के बीच पहुंची तो इस फिल्म को व कामयाबी हासिल हुई कि जिसकी वजह से हिंदी सिनेमा के उस समय कमाई के कई रिकॉर्ड्स टूट गए इस फिल्म को खूब पसंद किया गया और इस एक फिल्म से मीनाक्षी शेषाद्री और जैकी श्रॉफ रातों रात सुपरस्टार्स बन गए प्यार करने वाले कभी नहीं इस फिल्म ने काफी धमाल मचाया फिल्म की स्टोरी फिल्म के गाने सब कुछ काबिले तारीफ थे जिसकी वजह से यह फिल्म तो सुपरहिट हुई और मीनाक्षी को भी भारतीय सिनेमा में कामयाबी और मजबूती दोनों मिली तू मेरा ू है तू मेरा फिल्म की अपार कामयाबी के बाद मीनाक्षी के पास बड़े-बड़े बैनर की और भी फिल्में आ गई जिसमें मीनाक्षी की एक्टिंग देखने को मिली मीनाक्षी सफलता की सीढ़ी चढ़ती चली गई और अपनी इसी सफलता में मीनाक्षी ने बेवफाई मुकद्दर का फैसला मेरी जंग गंगा जमुना सरस्वती शहंशाह बड़े घर की बेटी घायल घर परिवार दामिनी और घातक जैसी सुपरहिट फिल्मों में दमदार और यादगार अभिनय कर मीनाक्षी उस दौर की टॉप अभिनेत्रियों के उच्च पायदान पर पहुंच गई अबे हट तू क्या नच पाएगा मुझे क्या नच पाएगा इसे बांध कर मर्द बनता है ये अभी उठेगा उठेगा अभी और तुझसे मुजरा करवाएगा यहां और तू करेगा मीनाक्षी की एक्टिंग का ऐसा रुतबा था कि उस दौर के बड़े-बड़े फिल्म निर्माता इनके साथ अपनी फिल्में बनाना चाहते थे फिल्म निर्माताओं के साथ-साथ कई बड़े फिल्म अभिनेता भी उस दौर में सिर्फ मीनाक्षी के साथ ही काम करना चाहते थे ।

क्योंकि मीनाक्षी की फिल्म उन दिनों लोगों के आकर्षण की वजह होती थी मीनाक्षी शशाद ने राजेश खन्ना जितेंद्र अमिताभ बच्चन गोविंदा अनिल कपूर जैकी श्रॉफ ऋषि कपूर राज बब्बर संजय दत्त और सनी देओल जैसे बड़े अभिनेताओं के साथ काम कर अपनी पहचान को और मजबूत कर लिया चार मर्दों के कंधों की जरूरत है मर्द तो यहां कोई रहा नहीं मर्द तो यहां कोई रहा ही नहीं ना सब मर गए कोई कुछ नहीं कर सकता मीनाक्षी शशाद ने अब तक कई हिट और सुपरहिट फिल्में वो दे चुकी थी।

लेकिन इनकी जिंदगी में सबसे महत्त्वपूर्ण अगर कोई फिल्म रही है तो वह है दामिनी मेरा नाम दामिनी है इस फिल्म को मशहूर फिल्म निर्माता राजकुमार संतोषी ने बनाया था इस एक फिल्म की वजह से मीनाक्षी शेषाद्री को व लोकप्रियता और कामयाबी मिली कि मीनाक्षी शशाद टॉप अदाकारा के पायदान पर विराजमान हो गई थी आओ आगे बढ़ो बढ़ो आगे म ब दिखाओ अपनी जी निका आगे बढ़ो इस फिल्म की वजह से अभिनेता सनी देओल को भी काफी ज्यादा पसंद किया गया था चलाओ मत नहीं तो यह केस यही रफा दफा कर दूंगा ना तारीख ना सुनवाई सीधा इंसाफ वो भी ताबर तोप इस फिल्म की कामयाबी ने मीनाक्षी और सनी देओल को पूरी दुनिया में चर्चित कर दिया था और आज 32 साल गुजर जाने के बाद भी आज भी इस फिल्म के लिए मीनाक्षी को दामिनी के रूप में याद किया जाता है और आगे भी इसी नाम के साथ उन्हें याद किया जाएगा तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख मिलती रही है लेकिन इंसाफ नहीं मिला मि लॉड इंसाफ नहीं मिला मिली है तो सिर्फ यह तारीख इस फिल्म के बाद भी मीनाक्षी शेषाद्री ने कई और फिल्में में सनी देओल का साथ दिया और यह सभी फिल्म इस दौर से लेकर आज तक लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।

जीना नहीं जीना मुझे तेरे बिना जीना दोस्तों यह तो था महान अभिनेत्री मीनाक्षी शशाद का शानदार फिल्मी सफर जिसके बारे में हमने आपको बताया चलिए बात करते हैं मीनाक्षी शेषादी की निजी जिंदगी के उन विवादों और बातों के बारे में जिसकी वजह से आज तक यह खूबसूरत अभिनेत्री भारतीय हिंदी सिनेमा से हमेशा के लिए गायब हो गई दरअसल मीनाक्षी शेषाद्री के जीवन में मीनाक्षी के फिल्मी सफर को ऊंचाई देने में सबसे ज्यादा मशहूर फिल्म निर्माता राजकुमार संतोषी का बड़ा हाथ रहा है राजकुमार संतोषी ने मीनाक्षी के लिए दामिनी घायल घातक जैसी सुपर डुपर हिट फिल्मों का निर्माण किया था राजकुमार संतोषी कहने को तो एक मशहूर और सफल फिल्म निर्माता हैं इन्होंने कई अभिनेत्री और अभिनेताओं के सफल जीवन की कहानी लिखी बताया जाता है कि राजकुमार संतोषी मीनाक्षी शशाद को पसंद करते थे वह दिल ही दिल में मीनाक्षी को अपना दिल दे बैठे थे राजकुमार संतोषी जब मीनाक्षी के साथ दामिनी फिल्म बना रहे थे तो दामिनी फिल्म के सेट पर राजकुमार संतोषी ने मीनाक्षी से अपने प्यार का इजहार किया वह मीनाक्षी से शादी करना चाहते थे और वहीं उनको यकीन था कि मीनाक्षी उनके इस प्रस्ताव और प्यार को कभी म नहीं करेंगी लेकिन शायद किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था मीनाक्षी ने राजकुमार संतोषी के प्यार के इजहार को साफ मना कर दिया राजकुमार संतोषी एक डायरेक्टर है जो आपको इतना पसंद करते थे कि ही केम एंड प्रपोज ट यू वो शादी करना चाहते थे आपसे इ दिस ट्रू उने प्रपोज किया था जी यह सच बात है ।

मीनाक्षी के इस जवाब की उम्मीद राजकुमार संतोषी को नहीं थी और इसी का के साथ मीनाक्षी की जिंदगी में वह बवाल शुरू हुआ जिसका कभी अंत ही नहीं हुआ मीनाक्षी के इस इनकार से संतोषी के मन में गुस्सा और नफरत भर गई जिसका नतीजा यह हुआ कि राजकुमार संतोषी मीनाक्षी को फिल्म के सेट पर सभी के सामने बेइज्जत कर देते थे वह मीनाक्षी के द्वारा फिल्म का सीन सही दिए जाने के बावजूद भी वह एक सीन को कई-कई बार कराते राजकुमार संतोषी फिल्म के सेट पर मीनाक्षी को गलत तरीके से छूने की कोशिश करते और कभी-कभी कामयाब भी हो जाते थे मीनाक्षी शशाद इन सब घटिया हरकतों से काफी ज्यादा मानसिक और शारीरिक शोषण महसूस कर रही थी चले जाओ यहां से मैं कहती हूं हाथ मत लगाओ मुझे मीनाक्षी शेषादी ने जैसे तैसे दामिनी फिल्म की शूटिंग पूरी की वह अपनी इस तकलीफ और शोषण को किसी को भी नहीं बता पा रही थी वो अंदर ही अंदर टूट रही थी हे भगवान मैं अब क्या करूं क्या करूं उनको समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ यह सब आखिर क्या हो रहा है मीनाक्षी शशाद ने जल्दबाजी में अपनी बची हुई सभी फिल्म की शूटिंग को पूरा किया और राजकुमार संतोषी की इन हरकतों की वजह से उन्होंने हमेशा हमेशा के लिए भारतीय हिंदी सिनेमा को छोड़ने का फैसला ले लिया अरेया बच नहीं सकती बच नहीं सकती क्योंकि वो जानती थी कि राजकुमार संतोषी एक बड़ा नाम है और हिंदी सिनेमा में कोई भी संतोषी के खिलाफ नहीं जाएगा ।

मीनाक्षी का यह फैसला हिंदी सिनेमा के लिए किसी काली कड़वी सच्चाई से कम नहीं था किसी को भी यकीन नहीं था कि यह टॉप पायदान पर विराजमान अभिनेत्री एक दिन इस तरह से परेशान लाचार बेबस होकर हमेशा हमेशा के लिए अपने चाहने वालों से दूर हो जाएगी मीनाक्षी के जाने के बाद उनकी इस कमी को कभी भी कोई भी अभिनेत्री नहीं भर पाई और मीनाक्षी शेषादी का यह फिल्मी सफर एक इतिहास बन गया मैं मर जाऊंगी लेकिन अपनी इज्जत लुटने नहीं दूंगी तो वही मीनाक्षी शेषाद्री की जिंदगी से एक और दूसरा विवाद जुड़ा हुआ है जिसकी वजह से मीनाक्षी की जिंदगी में काफी ज्यादा उथल-पुथल हुई दरअसल हिंदी से सिनेमा के सुपरस्टार एक्टर विनोद खन्ना की एक फिल्म जुर्म आई थी जिसके गाने मशहूर गायक कुमार शानू ने गाए थे जब कोई बात बिगड़ जाए जब कोई मुश्किल प कुमार शानो उन दिनों टॉप गायक थे उनकी गायकी की लोकप्रियता ऐसी थी कि कोई फिल्म निर्माता उनके संगीत के बिना फिल्म बनाने की सोचता ही नहीं था जब फिल्म जुर्म रिलीज हुई तो इस फिल्म के प्रीमियर पर पहली बार कुमार शानू और मीनाक्षी शि शदी की मुलाकात हुई यह छोटी सी मुलाकात आगे चलकर कई और मुलाकातों में बदल गई और नतीजा यह हुआ कि यह दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे दरअसल यह वही समय था जब मीनाक्षी शिशा दी राजकुमार संतोषी की ज्यादति हों से परेशान थी तो वह ऐसे में अपना घर बसाने की सोचा करती थी व भी शादी करके अपने पति के साथ वैवाहिक जीवन को जीना चाहती थी ।

लेकिन मीनाक्षी को क्या पता था कि उनकी जिंदगी में तो अभी वो तो न आने वाला था जिसकी वजह से उनकी जिंदगी हमेशा के लिए गुमनाम हो जाएगी दरअसल मीनाक्षी शशाद कुमार शानू को प्यार करती थी उनके साथ शादी के सपने संजो रही थी तो वहीं कुमार शानू निकले पहले से ही शादीशुदा दरअसल कुमार शानू ने कभी भी मीनाक्षी को अपनी शादी के बारे में कुछ नहीं बताया था कुमार शानू ने अपनी शादी को छुपा कर रखा था लेकिन जब यह बात और उसका सच मीनाक्षी को पता चला तो वो इस बात पर यकीन ही नहीं कर पा रही थी कि उनके साथ इतना बड़ा धोखा हुआ वो कुमार शानो के इस झूठ से पूरी तरह से टूट गई थी इधर मीनाक्षी शशाद को उनकी शादी का पता चला नहीं नहीं मैं कुछ नहीं सुनना चाहती झूठ बोला आपने मुझसे तो वहीं कुमार शानो की पहली पत्नी रीता भट्टाचार्य को मीनाक्षी के साथ बने रिश्ते के बारे में पता चला तो उनके भी पैरों तले जमीन निकल गई रीता भट्टाचार्य ने जब कुमार शानू से इस रिश्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने इस बात को कबूल कर लिया और इस कबूल नामे के बाद नतीजा यह हुआ कि इन दोनों के बीच रिश्ता खराब हो गया और कुमार शानू के घर में ही गृह युद्ध छिड़ गया और काफी उठापटक के बाद आखिरकार रीता भट्टाचार्य ने साल 1994 में कुमार शानू से तलाक ले लिया।

कुमार शानू ने जहां मीनाक्षी शेषाद्री की जिंदगी के साथ वो खिलवाड़ किया कि कुमार शानू कहीं के भी नहीं रहे जहां कुमार शानू ने अपनी प्रेमिका को भी खोया तो वहीं वैवाहिक जिंदगी को भी आग लगा ली और इस तरह से कुमार शानू ने दोदो लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी हालांकि इस पूरी घटना में मीनाक्षी शशाद की कोई भी गलती नहीं थी वह तो खुद इस झूठे प्रेम खेल का शिकार हुई थी लंबी जुदा चार दिन लेकिन इसके बावजूद तब की मीडिया और आलोचकों ने मीनाक्षी को ही दोषी माना लोगों ने मीनाक्षी शशाद को कुमार शानू की बर्बादी का कारण माना और जब यह सब बात मीनाक्षी शशाद को पता चली तो वो इस बात से परेशान और काफी दुखी हुई लोगों के ताने और आलोचनाओं ने मीनाक्षी का जीना मुश्किल कर दिया और इसी सब के चलते एक दिन मीनाक्षी ने परिवार की मर्जी से एक बैंक इन्वेस्टर हरीश मैसूर से शादी कर ली बनी मेरी बिटिया दुलहन बनी बनी रे मेरी बिटिया दुलहन और अपनी जिंदगी भर की कमाई इज्जत नाम फिल्मी करियर और देश सब कुछ छोड़कर पति के साथ हमेशा हमेशा के लिए सात समुंदर पार विदेश चली गई और उनके इस पलायन के साथ ही भारतीय हिंदी सिनेमा की इस बेहद खूबसूरत लाजवाब शानदार और यादगार अभिनेत्री का सफर खत्म हो गया और मीनाक्षी इस तरह से हम सब लोगों की जिंदगी और अपने चाहने वालों की जिंदगी से अलविदा हो गई और आज तक फिर कभी फिल्मों में उन्होंने वापसी नहीं की फिल्म निर्माता राजकुमार संतोषी और गायक कुमार शानू की वजह से एक बेहतरीन लाजवाब अभिनेत्री भारतीय हिंदी सिनेमा को हमेशा के लिए अलविदा कह गई शादी के बाद मीनाक्षी अमेरिका चली गई जहां इन्होंने दो संतानों को जन्म दिया बेटा जोश और बेटी केंद्रा अमेरिका के टेक्सास में ही मीनाक्षी शेषादी अब एक डांस स्कूल चलाती हैं जहां वह भरत नाट्यम और कुचीपुड़ी डांस सिखाती हैं उनके स्कूल का नाम चेरिश डांस स्कूल है मीनाक्षी अब सुकून भरी जिंदगी में हैं उनका परिवार संपूर्ण है और अब वह किसी के डर के साय में नहीं है और ना ही राजकुमार संतोषी और कुमार शानू जैसा इंसान उनके आसपास है ।

तुम देना साथ मेरा ओ हम नवा मीनाक्षी ने हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक फिल्म में दी और यादगार अभिनय की छाप छोड़ी जिसको आज तक इतना वक्त गुजर जाने के बाद भी याद किया जाता है लेकिन इन सब के बावजूद मीनाक्षी को कभी भी किसी भी फिल्म के लिए कोई भी अवार्ड नहीं दिया गया यह बड़ा ही दुर्भाग्य है कि इस महान अभिनेत्री को किसी ने भी कोई मान सम्मान देने की जहमत नहीं उठाई

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