40 साल बाद हुआ बेटी का जन्म, मुस्लिम परिवार 12 SUV और DJ से स्वागत,वायरल हुई तस्वीरें!

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से समाज की सोच बदलने वाली एक अनोखी कहानी सामने आई है। महदा कस्बे के फतेहपुर मोहल्ले में अंजुम परवेज उर्फ राजू के घर 40 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म हुआ। इस खुशी में परिवार ने ऐसा जश्न मनाया कि पूरा इलाका देखता रह गया। 13 स्कर्पियो एसयूवी सजाई गई। डीजे की धुन पर काफिला सड़कों पर निकला।

मोहल्ले वाले नाचतेगाते इस जश्न में शामिल हुए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने लाखों दिल जीत लिए और बेटी बचाओ अभियान को जीता जागता रूप दे दिया। दरअसल राजू एक आटा चक्की चलाते हैं। पिता रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर हैं। चार भाइयों में सबसे बड़े राजू की पत्नी ने निखत फातिमा ने इस बेटी को सपना सच होने जैसा बताया। परिवार में कोई बहन नहीं थी। तीन छोटे भाई अविवाहित हैं। लंबे समय से बेटी की आस रखे इस मुस्लिम परिवार ने कहा बेटियां अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है। अस्पताल से घर जाने के लिए बारात निकाली। पड़ोसी राहगीर सब झूमे।

बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में जहां बेटे के जन्म पर हंगामा होता है, बेटी पर उदासी छा जाती है, ऐसे में यह जश्न सामाजिक क्रांति बन गया। रिपोर्ट्स के अनुसार जिस अस्पताल में निखत की डिलीवरी हुई, वहां के डॉ. अंशु मिश्रा ने इस पहल को सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण बताया और कहा कि पिछले 3 सालों में यह पहली बार है जब इस तरह का सार्वजनिक जश्न देखा गया। उन्होंने आगे कहा कि यह ना केवल परिवार के लिए गर्व की बात है बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को बेटियों को सम्मान और महत्व देने का संदेश भी देता है। ऐसे में बुंदेलखंड की मिट्टी ने साबित कर दिया बेटियां भी राजकुमारियां होती है।

राजू निखत का यह कदम उन लाखों परिवारों के लिए प्रेरणा है जो बेटी को बोझ मानते हैं। यह वीडियो अब हमीरपुर से निकल कर पूरे देश में एक मिसाल कायम कर रहा है। लोगों ने भी इस वीडियो पर जमकर कमेंट्स किए हैं। एक यूजर ने लिखा कि लक्ष्मी आई है खुशियां सातवें आसमान पर है। वहीं एक और यूजर ने लिखा कि लोग इसे बेटियों के प्रति बदलते नजरिए की मिसाल मान रहे हैं। ऐसे में आप इस वीडियो पर क्या राय रखते हैं?

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