सुरत में बनी 21 करोड़ की टंकी टूटने पर कांग्रेस ने पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?

इस टंकी को ₹21 करोड़ की लागत से बनाया गया था। पानी की इस टंकी में भ्रष्टाचार की ऐसी ईंट और सीमेंट लगाई गई थी कि टंकी उद्घाटन से पहले ही धराशाई हो गई। भ्रष्टाचार की पोल खोलती ये तस्वीर आई है गुजरात के सूरत से। 19 जनवरी को इस टंकी में पानी भरकर ट्रायल किया जा रहा था।

लेकिन टंकी पानी का भार नहीं झेल पाई और भरभरा कर गिर गई। पानी के लिए ही तो टंकी बनाई गई थी लेकिन भार नहीं झेल पाई। इंडिया टुडे से जुड़े संजय कुमार राठौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक सूरत जिले की मांडवी तहसील के तड़केश्वर गांव में जला आपूर्ति विभाग की ओर से यह टंकी बनाई गई थी।

गए पागला वाटर सप्लाई स्कीम के तहत 11 लाख लीटर क्षमता वाली 15 मीटर ऊंचाई वाली पानी की टंकी बनाई जा रही थी। इस टंकी को बनाने में ₹21 करोड़ खर्च किए गए। इसके बावजूद भी यह पानी की टंकी जो है टिक नहीं पाई ट्रायल के दौरान। बताया आपको जैसे कि 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी का जो पूरा ढांचा था वो गिर गया। इस टंकी के गिरने से सूरत जिले के 33 गांव को पीने का पानी उपलब्ध कराने का जो लक्ष्य था उसे बड़ा झटका लगा है। जिस समय ये टंकी गिरी है उस समय वहां पर एक महिला भी मौजूद थी और तीन मजदूर वो भी इसमें घायल हो गए। जिसके बाद से स्थानीय लोगों में इसे लेकर काफी आक्रोश है। मार नाम बगड़ से तगसर गांव रहवासी छुने घनी आशा थी कि अमोने शुद्ध पीवानु पानी वापरास माटे सारू पानी म ए आशा थी आ काम आई थिंक त वर्ष थी चालू टाकीन नु तो आज पानी भवा आयु अ थोड़ा टाइम मा जमीन दोस्त थई गई टाकी मोटी घटना थटा बची गई।

छ आज अमो ने घर सुधि पानी पहुंचू प नथ ये पहला टांकी जमीन दोस्त थई गई छ आ भ्रष्टाचार थई छ इन्ह रोकवामा आवे अ सारू अ व्यवस्थित मटेरियल वापपरवामा आवे हमारी मांग छे अ गांव शुद्ध पीवानु पानी चोखो पानी मिले एवी हमारी मांग छे गांव वाले इस टंकी के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। घटना स्थल पर किए गए रियलिटी चेक में भी टंकी के ढांचे की घटिया गुणवत्ता उजागर हुई है। मलबे से सीमेंट की परतें उखड़ रहे हैं जो काम में हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार की ओर से लोहे और सीमेंट के इस्तेमाल में भारी अनियमितता बरती गई। इस घटना के बाद अब प्रशासन जांच की बात कह रहा है। ठेकेदार पर एक्शन लेने की तैयारी हो रही है। सूरत जल आपूर्ति विभाग के डिप्टी इंजीनियर जय सोमा भाई चौधरी ने कहा है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच सरदार वल्लभ भाई नेशनल इंस्टट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एसबी एनआईटी सूरत के इंजीनियर से कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

एसा उनका कहना है। एक और प्रशासन ठेकेदार पर पेच कसने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर विपक्ष सरकार को निशाने पर ले रही है। कांग्रेस ने इस टूटी हुई टंकी का वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा मोदी का गुजरात मॉडल यह पानी की टंकी ₹21 करोड़ लगाकर तैयार की गई थी। इसमें पहली बार पानी भरा गया और यह टूट कर बिखर गई।

यह मोदी और बीजेपी के भ्रष्टाचार की एक झलक भर है। अब इसे पूरे मामले में विपक्ष से लेकर गांव वाले भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं और प्रशासन अपनी सफाई में कह रहा है कि जांच करवाएंगे यानी वो दलील दे रहा है कि जांच के बाद सब साफ होगा और फिर एक्शन लिया जाएगा।

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