4 साल से बिना कपड़े, बिना खाने के गुज़ारा कर रही है तीन बहने।

कहा जाता है की आज के बच्चे न तो मां बाप की कीमत जानते है न पैसे की लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कहानी से रूबरू करवाएंगे जिसे जानकर आपकी सोच बदल जाएगी।

ये बात है जामका का गांव में रहने वाले एक परिवार की।तीन बेटियां और एक बेटे वाले इस परिवार के आधार यानी की उनके पिता को अचानक से एक बार सिर पर चोट लगी जिससे उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया। एक बड़ा भाई था जो सहारा बन सकता था लेकिन उसके दिल में भी छेद था जिस वजह से उससे ज्यादा काम होना मुश्किल था।

तीन बेटियो ने गांव में मजदूरी की लेकिन पैसे ज्यादा न मिलने की वजह से उन्हें शहर की और आना पड़ा । लेकिन यहां आकर क्या?

तीन बेटियां सूरत शहर में आ तो गई लेकिन न तो पूरा खाना मिलता, न कपड़े। तीन बहनों के पैसे मिलाकर जो 15000 आते वो गांव में पिता की दवाई में चले जाते। लेकिन कहते है ऊपर वाला मदद जरूर करता है। इन बेटियो की मदद के लिए पोपट भाई फाउंडेशन आगे आया है और बेटियो को सिलाई मशीन और कपड़े दिलाए है।

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