क्या एक सुपरस्टार अपनी फिल्म को हिट कराने के लिए किसी बेगुनाह की जान ले सकता है? 90ज के सबसे बड़े सुपरस्टार गोविंदा के बारे में एक ऐसा किस्सा मशहूर है जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा। कहा जाता है कि एक फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले चीची ने सेट पर मुर्गे की बलि दी थी ताकि उन पर से बुरी नजर हट सके।
आज 21 दिसंबर को गोविंदा के जन्मदिन पर हम सिर्फ उनके डांस की ही नहीं बल्कि उनके उस डरावने अंधविश्वास की बात करेंगे जिसने बॉलीवुड के दिग्गजों को भी खौफ में डाल दिया था। क्या वाकई गोविंदा अपनी कामयाबी के लिए तांत्रिक विद्या और ग्रहों के खेल पर निर्भर थे।
बॉलीवुड में लेट लतीफ के नाम से मशहूर गोविंदा के बारे में लोग कहते थे कि उन्हें स्टारडम का घमंड है। इसलिए वह 6-6 घंटे सेट पर लेट आते थे। लेकिन सच इससे भी कहीं ज्यादा कॉम्प्लेक्स था। गोविंदा बिना अपनी एस्ट्रोलॉजिकल चार्ट देखे घर से नहीं निकलते थे। अगर उनके पंडित ने कह दिया कि आज 3:00 बजे से पहले राहु भारी है तो फिर चाहे सेट पर पूरा क्रू और कोस्टार्स तैयार खड़े हो गोविंदा अपने घर का दरवाजा नहीं खोलते थे।
उनके लिए शुभ मुहूर्त शूटिंग के बजट से कहीं ज्यादा बड़ा था। इंडस्ट्री में तो यह भी मजाक चलता था कि गोविंदा फ्लाइट भी तभी पकड़ते हैं जब हवा का रुख उनके लकी प्लेनेट की तरफ हो। बात सिर्फ बलि और मुहूर्त तक सीमित नहीं थी। गोविंदा की सेट्स पर अजीबोगरीब फरमाइशें होती थी। कभी वो किसी खास रंग का कुर्ता पहनने की जिद करते थे तो कभी अचानक शूटिंग रुकवा देते थे क्योंकि उन्हें वहां की वाइफ नेगेटिव महसूस होती थी। कई बार तो उन्होंने चलते हुए शूट पर लोकेशन बदलवा दी क्योंकि उन्हें लगा कि वहां बुरी आत्माओं का साया है।
प्रोड्यूसर सर पकड़ लेते थे। लेकिन गोविंदा का जादू ही ऐसा था कि लोग उनकी क्रेजी अंधविश्वासों को सहने को भी तैयार थे। आखिर उस दौर में गोविंदा का मतलब था पक्का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन। जैसे-जैसे वक्त बदला, गोविंदा का ही विश्वास सनक में बदल गया।
उन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग बदली, अपने घर के वास्तु के साथ छेड़छाड़ की और यहां तक कि फिल्मों का सिलेक्शन भी स्क्रिप्ट के आधार पर नहीं बल्कि ग्रहों की दशा देखकर करने लगे। जानकारों का मानना है कि यही वो टर्निंग पॉइंट था जिसने उनके करियर को डुबो दिया। जहां शाहरुख और सलमान वक्त के साथ बदल रहे थे, वहीं गोविंदा पुराने रीति रिवाजों और अंधविश्वास के जाल में फंस कर रह गए।
क्या यह वाकई उनका स्पिरिचुअल पाथ था? या सिर्फ एक अनजाना डर। आज गोविंदा का जन्मदिन है और हम दुआ करते हैं कि वह फिर से उसी एनर्जी के साथ कमबैक करें। लेकिन सवाल आज भी वही है। क्या कोई इंसान अपनी मेहनत से ज्यादा स्टार्स पर भरोसा कर सकता है?
