दिल्ली में जान का खतरा, जिंदा रहना है तो दिल्ली छोड़कर भागो।

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से हालात किस कदर बद से बदतर होते जा रहे हैं। हर कोई इसे सह रहा है। दिल्ली की प्रदूषित हवा से अभी राहत मिलने के आसार देखिए नजर नहीं आ रहे हैं। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स इमरजेंसी लेवल के करीब पहुंच गया है। आज सुबह-सुबह दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 पार दर्ज किया गया। कल के मुकाबले दिल्ली में हालात और भी ज्यादा गंभीर है। आज दिल्ली का औसत एक्यूआई 387 दर्ज किया गया। दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। आज सुबह-सुबह आरकेपुरम में एक्यूआई 447, विवेक विहार और आनंद विहार में एक्यूआई 442 पहुंच चुका है।

तो कोहरे और ठंडे दिल्ली के लोगों के लिए दमघोटू हवा की आफत को और ज्यादा बढ़ा दिया है। कल तो औसतन 350 था और 400 के पार कई इलाकों में एक्यूआई था और आज देखिए 350 को भी यह पार कर चुका है और ज्यादातर इलाकों का जो एक्यूआई है वो 400 को पार आज करता हुआ नजर आया है। तो दिल्ली के इस दम, घोट और जहरीली हवा में लोगों का जीना दुभ हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कतें उन लोगों को हो रही है जो पहले से ही किसी ना किसी बीमारी से ग्रसित हैं।

खासतौर से जो अस्थमा के मरीज हैं, दिल के मरीज हैं उनकी परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है। और देखिए दिल्ली में आज फिर घने कोहरे का अलर्ट जारी कर दिया गया है। अगले दो से तीन घंटे तक पूरी दिल्ली में घना कोहरा छाया रहेगा। नॉर्थ और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में विजिबिलिटी गिरी है। मौसम विभाग ने इसको लेकर बकायदा अलर्ट भी जारी किया है। देखिए विजिबिलिटी जब कम होती है तो आने जाने में जो लोग ऑफिस या दफ्तर आना-जाना करते हैं उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यही वो वक्त होता है जब सबसे ज्यादा अलर्ट और सचेत रहने की जरूरत है क्योंकि इस दौरान कई सारे सड़क हादसे भी देखने को मिलते हैं। और इस वजह से यहां अलर्ट पहले ही जारी किया जा चुका है। दिल्ली में आज फिर से घना कोहरा छाएगा ये कहा गया है। 2 से 3 घंटे तक पूरी दिल्ली में घना कोहरा रहेगा। नॉर्थ और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में विजिबिलिटी गिर सकती है। मौसम विभाग ने अलर्ट भी इसको लेकर जारी किया है। तीन अलग-अलग तस्वीरें इस वक्त हम आपके सामने यहां रख रहे हैं। तो अगर आप दिल्ली वासी हैं और घर से बाहर निकल रहे हैं तो यह खबरें आपके लिए बेहद जरूरी है। दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइज़री जारी की है। घने कोहरे को लेकर यात्रियों के लिए यह खास दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

कोहरे के चलते उड़ानों पर असर की आशंका से यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस चेक करते रहने की अपील यहां पर की गई है ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत एयरपोर्ट पर पहुंचने को लेकर ना हो क्योंकि अपडेट यहां पर मिल जाता है कि आखिर फ्लाइट कैंसिल हो गई है रद्द हो गई है या फिर देरी से उड़ान भरेगी और कितने घंटे की देरी से ये उड़ान भरेगी .

इसकी भी पूरी डिटेल यहां पर उनके पास पहुंच जाएगी इसलिए ये एडवाइज़री जारी की गई है कि सभी सभी जो यात्री हैं इस बात का ध्यान रखें और स्टेटस वक्त-वक्त पर चेक करते रहें ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े। और हमारे सहयोगी इस वक्त ग्राउंड जीरो से पूरी जानकारी पूरी तस्वीर के साथ मौजूद हैं। नोएडा एक्सप्रेसवे से रचना हमारे साथ मौजूद हैं। गाजीपुर बॉर्डर से दीपक हमारे साथ मौजूद हैं और साथ ही प्रियंका भी हमारे साथ में मौजूद हैं। सबसे पहले आपकी तरफ आएंगे रचना। तस्वीर आपके पीछे की बहुत कम और धुंधली यहां पर दिखाई दे रही है। लेकिन अब तो एक क्यूआई और ज्यादा यहां पर बढ़ गया है। बिल्कुल इस वक्त मेरी मौजूदगी यमुना एक्सप्रेसवे पर है और अगर हम नोएडा के एक्यूआई की बात करें तो नोएडा का एक्यूआई 400 पार है और आप देखें तो विजिबिलिटी बेहद कम है। आप चारों तरफ देख सकती हैं कि एक पूरी जो लेयर है वो चारों तरफ छाई हुई है क्योंकि मौसम जो है वो भी काफी ज्यादा शीत लहर का कहर यहां देखने के लिए मिल रहा है। टेंपरेचर भी 10° यहां दर्ज किया गया है। तो कोहरा भी है।

के साथ-साथ स्मोग भी है। तो, यह जो डबल कॉम्बिनेशन है यानी कि लोगों के लिए यह डबल अटैक कहीं ना कहीं परेशानी का कारण बनता जा रहा है। और जहां मेरी मौजूदगी है, वहां मैं खड़ी हूं। आपको बताऊं कि यहां पर स्पीड को लेकर एडवाइज़री जारी की गई है। जो हल्के वाहन हैं उनके लिए कहा गया है जो पहले 100 की स्पीड थी वो स्पीड को 75 कर दिया गया है और जो भारी वाहनों की स्पीड 80 थी उसको 60 कर दिया गया है। इसके साथ ही लगातार लोगों से यह भी कहा गया है कि गाड़ी चलाते वक्त बहुत ज्यादा केयरफुल रहें। गाड़ी की स्पीड का खास ख्याल रखें। मोबाइल का इस्तेमाल ना करें और जब एक्सप्रेसवे पर लोग निकलते हैं अपने सफर के लिए तो इन सारी चीजों का ख्याल रखने की जरूरत है क्योंकि कंडीशन आप देख रहे हैं चारों तरफ आपको कोरा ही कोहरा नजर आ रहा है और मैं अपने वीज राकेश नेगी से भी कहूंगी कि वो आपको दिखाएं आप देख सकती हैं तस्वीरों में कि थोड़ी दूर के बाद विजिबिलिटी बिल्कुल कम हो जाती है और आप देखें तो यहां पर जो मेट्रो लाइन है वह भी आपको बेहद धुंधली नजर आ रही होगी तो यह जो पूरी धुंधली तस्वीर है वो एक्सप्रेसवे से है और यहां पे इस विजिबिलिटी के चलते यहां आने जाने वाले जो लोग हैं उनको काफी परेशानी हो रही है और जब विजिबिलिटी बेहद कम होती है तो ऐसे में एक्सीडेंट होने के चांसेस भी बढ़ जाते हैं। पिछले दिनों में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक एक्सीडेंट भी हुआ था।

उसके बाद स्पीड लिमिट को यहां कम कर दिया गया है और नोएडा मौसम विभाग की बात करें तो अगले कुछ दिनों से देखिए सरकार और प्रशासन भी लोगों से यहां पर अपील कर रहे हैं और सावधानी बरतना बहुत ज्यादा जरूरी है। प्रियंका हमारे सहयोगी भी कर्तव्य पद से लगातार हमारे साथ जुटी हुई हैं। प्रियंका वहां पर क्या हालात और कोई एडवाइज़री क्या जारी की गई है? आपके पीछे हम देख पा रहे हैं धुंध की एक बहुत बड़ी चादर है। विज़िबिलिटी लगभग लगभग कम है। देखिए यहां जहां मैं मौजूद हूं शिवानी यहां पर तो विजिबिलिटी जो है वह 100 से 150 मीटर के बीच में मौजूद बनी हुई है। मैं ज़रा आपको तस्वीरें दिखाने की कोशिश करूं। यह कर्तव्य पथ है और यहां हमने देखा है कि किस तरीके से सबसे ज्यादा असर जो है वो देखने को मिल जाता है। इस वक़्त दिल्ली पर ट्रिपल अटैक जारी है। सर्दी भी है, कोहरा भी है, प्रदूषण भी है और इस सबका मिक्स जो है वो एक मटमैली सी चादर बनकर ऐसा लगता है जिसने दिल्ली को चारों तरफ से लपेटा हुआ हो। इस वक्त दिल्ली का ईक्यूआई जो है वो 387 है। कल के मुकाबले 50 पॉइंट से भी ज्यादा यह एक्यूआई बना हुआ है। कल दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने इस बात को फिर साफ कहा है कि आने वाले सात दिन प्रदूषण के मद्देनजर बेहद खराब रहने वाले हैं और इसी का असर जो है यह देखने को भी मिल रहा है। उनका कहना था कि यह साल का जो समय है इसमें हवाओं का पैटर्न इस तरीके से रहता है कि यह हालात जो है वह बदतर ही रहते हैं। ऐसे में आने वाला यह पूरा हफ़्ता लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। इसको लेकर सरकार जो कदम उठा रही है, हमने कल भी तमाम दर्शकों को बताया था कि किस तरीके से BS6 से नीचे के वाहनों की एंट्री की बात हो या दिल्ली के तमाम पेट्रोल पंप्स में पीयूसी के बिना नो फ्यूल की जो नई पॉलिसी कल से शुरू की गई है, उसको हमने देखा। यह भी सामने आया कि पेट्रोल पंप्स में जो एनपीआर कैमरे हैं वह बहुत अच्छे से काम नहीं कर रहे हैं। तो इसीलिए एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट्स की टीम को भी जो पेट्रोल पंप है वहां पर भेजा गया है ताकि मैनुअली भी लोगों का पीयूसी चेक किया जा सके। देखिए जिस तरीके के हालात बने हुए हैं ये एक सामने रियलिटी है। लेकिन जिस तरीके के कदम उठाए जा रहे हैं उनसे कितने दिनों में असर पड़ेगा यह भी अभी देखना जरूरी है। ये कर्तव्य पथ की तस्वीरें आप जिस तरफ देखेंगे आप पेड़ों के आसपास देखिए आपको यहां पर जहां मैं खड़ी हूं.

यहां से 200 मीटर की दूरी पर रेलवे जो रेल भवन है वो है वो नजर नहीं आ रहा है। दूसरी तरफ एमईए के दफ्तर हैं। कोई भी बिल्डिंग यहां आज नजर नहीं आ रही है। और खास बात यह है कि दिन बढ़ने के साथ-साथ यह कोहरा कम नहीं हो रहा है। यह कोहरा जस का तस ही बना हुआ है। इसीलिए कोहरे को लेकर इस सीजन में पहली बार मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट भी दिया गया। हालांकि ये रेड अलर्ट जो है वो अगले 1 घंटे तक के लिए दिया गया है। कहीं सूरज का नामोनिशान नहीं है। तो आज का दिन भी प्रदूषण की बात करें तो दिल्ली वालों के लिए भारी पड़ने वाला है। जी सबीना और हमारे सहयोगी दीपक बिष्ट भी हमारे साथ मौजूद है। दीपक ग्राफ फोर लागू है। सख्त से सख्त नियम यहां पर जमीनी स्तर पर उतार दिए गए हैं। लेकिन कई पॉइंट्स जैसा प्रियंका बता रही हैं। प्रदूषण का लेवल बढ़ चुका है। क्या कुछ और जानकारी है आपके पास? देखिए कहीं-कहीं पर यह जरूर माना जा सकता है क्योंकि जिस तरह के नियम कानून बनाए गए हैं उसके बाद उनको देखने के लिए भी कोई टीम जरूर होनी चाहिए क्योंकि जिस तरह से कंस्ट्रक्शंस हैं कई जगह पर ऐसी छोटी-छोटी गलियों में कंस्ट्रक्शन अभी भी जारी है जो कहीं ना कहीं पोलशन लेवल को बढ़ा रहा है और आज एक दिन पहले भी हमने देखा था जो पीएस सिक्स वाहन है दिल्ली से बाहर के जो दिल्ली में एंट्री करते हैं चाहे वो किसी भी बॉर्डर में हो गाजियाबाद गाजीपुर फरीदाबाद तो इस तरह से चेकिंग की जाती है पीयूसी वाहन की जिसमें देखा जाता है कि क्या उनके पास सर्टिफिकेट है या नहीं। उसके अलावा BS6 से नीचे की जो गाड़ियां होंगी उनके मानकों के आधार पर उनको नहीं यहां पर एंट्री मिल सकती है। देखिए आप देखेंगे दिल्ली पुलिस की यहां पर टीमें जो हैं लगातार यही चेक कर रही है क्योंकि BS6 को यहां पर परमिशन है। BS6 से नीचे वालों को कोई परमिशन नहीं है।

और दूसरा अगर दिल्ली के वाहन भी हैं दिल्ली के जो पूरे BS6 वाले हैं तो उनके पीयूसी सर्टिफिकेट चेक करना बहुत जरूरी है। एक दिन पहले यहां पर पता चला है कि तकरीबन 61,000 से ज्यादा पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए गए। 5000 वाहनों को बॉर्डर से दिल्ली एंट्री में चेक किया गया था। उसमें से तकरीबन 550 वाहन जो है उनको वापस भी किया गया। तो लोगों को इतना अवेयरनेस के बाद भी लोग जानबूझकर दिल्ली के अंदर एंट्री करते हैं या फिर कंस्ट्रक्शन जो साइट जहां पर बंद हो चुकी है जहां झाड़ू नहीं लगना है जहां आग नहीं लगानी है कूड़े में फिर भी वहां लगती है तो इसके लिए लोग खुद भी दोषी हैं। तो कुल मिला के इस तरह की चीजें जो है उन पर नियंत्रण जरूरी है और इसीलिए आज भले ही एक्यूआई लेवल दिल्ली का 387 के आसपास है तो वो कम नहीं है। अभी भी बरकरार है तो उसमें कहीं ना कहीं कुछ ऐसी टीमों को यहां पर अच्छा जो सच दस्ताव था वो यहां पर जारी करना चाहिए। अहम कही है। नियम कायदे कानून भले ही जमीनी स्तर पर लागू कर दिए गए हैं, लेकिन मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। और एक बात यह कि जिम्मेदारी सिर्फ शासन प्रशासन की नहीं है बल्कि आम नागरिक की भी है। जो नियम लागू किए गए हैं, उनका पालन किया जाए ताकि जहरीली हवा से छुटकारा पाया जा सके। आप तीनों का ही बहुत-बहुत शुक्रिया और अपना भी ख्याल रखिएगा। लगातार हमारे सहयोगी ग्राउंड जीरो से देखिए। इस जहरीली हवा के बीच से ही रिपोर्टिंग यहां कर रहे हैं। लेकिन दुनिया भर में दुनिया भर में पोल्यूशन पर एक संस्था स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025 यानी कि 2025 की ये रिपोर्ट सामने आई है। बहुत गौर से इस रिपोर्ट के आंकड़ों को समझिएगा। इसके मुताबिक दुनिया की 36% आबादी बहुत खराब हवा में सांस ले रही है। पूरी दुनिया की। 2023 में भारत चीन में प्रदूषण की वजह से 20 लाख लोगों की मौत हो गई जो अपने आप में बेहद चौंकाता है और दुनिया में 79 79 लाख लोग खराब हवा की वजह से जान गवा रहे हैं।

हर महीने औसतन देखिए 1 67 हजार लोगों की जान चली जाती है। इसी जहरीली हवा की वजह से और हर दिन औसतन अगर इसका निकाले तो 5556 लोग अपनी जिंदगी गवा देते हैं। हर घंटे सुनिए करीब 231 लोग इसी खराब हवा की वजह से इसी प्रदूषित हवा की वजह से अपनी जान गवा रहे हैं। अपनी मौत को गले लगाने के लिए यहां पर मजबूर हो रहे हैं। क्योंकि हवा पूरी तरह से जहरीली है। वो उनकी सेहत पर सबसे बुरा असर डाल रही है। तो यह स्थिति यहां पर है हर साल की, हर महीने की, हर घंटे की।

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