धर्मेंद्र की शोक सभा में नहीं आईं हेमा मालिनी, क्यों सताया अनहोनी का डर।

धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में हेमा ने नहीं लिया था हिस्सा तो देओल परिवार ही नहीं वहां मौजूद हर शख्स ने ली थी राहत की सांस शोक सभा में मौजूद हर शख्स को सता रहा था किसी अनहोनी का डर हेमा के आने से बिगड़ सकता था धर्मेंद्र की शोक सभा का माहौल दुख की घड़ी में किसी को नहीं खली थी धर्मेंद्र की दूसरी बीवी हेमा की कमी अच्छा हुआ हेमा मालिनी धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा में नहीं आई।

यह वह शब्द हैं जो कहीं ना कहीं यह जाहिर कर रहे हैं कि 27 नवंबर को जब सनी और बॉबी देओल ने जूहू स्थित होटल में पिता धर्मेंद्र के लिए शोक सभा रखी थी। तब वहां आए मेहमानों के ज़हन में उस वक्त क्या चल रहा था। हर किसी को डर सता रहा था कि कहीं हेमा मालिनी प्रार्थना सभा में आए और कोई अनहोनी ना हो जाए। धर्मेंद्र के निधन के लगभग 24 दिन बाद यह खुलासा किया है मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर मनोज देसाई ने जिन्होंने एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र के निधन के बाद देओल परिवार के हाल और शोक सभा के माहौल को लेकर बात की है।

दरअसल हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मनोज ने इस बात पर टिप्पणी की कि धर्मेंद्र की दूसरी पत्नी हेमा मालिनी ने मुंबई में उनके लिए अलग प्रार्थना सभा क्यों रखी? और अपने सौतेले बेटों की तरफ से रखी गई प्रेयर मीट में शामिल क्यों नहीं हुई? सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में परिवार का हाल कैसा था। हेमा मालिनी के शोक सभा में शामिल ना होने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे बिल्कुल हैरानी नहीं हुई कि हेमा जी वहां नहीं आई। किसी भी तरह की चर्चा या विवाद होने से पहले ही उन्होंने उनके लिए अलग प्रार्थना सभा रख ली। यह अच्छा ही हुआ कि वह वहां नहीं आई। हेमा जी और धर्मेंद्र जी एक दूसरे के बहुत करीब थे। लेकिन अगर किसी ने कुछ कह दिया होता तो पूरी प्रार्थना सभा का माहौल खराब हो सकता था।

इसलिए उनका अलग प्रार्थना सभा करना सही फैसला था। मनोज देसाई की इस बात से साफ जाहिर हो रहा है कि उसे शाम शोक सभा में आए लोगों के ज़हन पर कहीं ना कहीं यही ख्याल हावी था कि अगर शोक सभा में हेमा भी अपनी बेटियों के साथ पहुंच जाए और किसी तरह की तल्खी हो जाए तब क्या होगा। मनोज ने यह भी बताया कि धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा में वहां सैकड़ों लोग कतार में खड़े थे और सनी और बॉबी से मिलने के लिए उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा था। प्रार्थना सभा में भजन हुए और ऐसा लग रहा था जैसे पूरी दुनिया ही वहां मौजूद हो।

हर कोई प्रार्थना सभा में आया था। मैं सनी देओल से मिला और उनसे कहा कि बहुत लोग आ रहे हैं। इसलिए मैं आगे वाले गेट से निकल जाऊंगा। उन्होंने मुझसे कहा आने के लिए धन्यवाद। बाहर इतनी लंबी कतार थी कि मुझे अपनी कार के लिए करीब 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।

बता दें कि 27 नवंबर को अपने घर में अलग प्रार्थना सभा का आयोजन करने के अलावा हेमा मालिनी और उनकी दोनों बेटियों ने 11 दिसंबर को दिल्ली में एक प्रेयर मीट रखी थी। जिसमें राजनीति जगत से जुड़े तमाम हस्तियां शामिल हुई थी। वहीं इसके बाद 13 नवंबर को मथुरा में भी एक शोक सभा का आयोजन किया गया था।

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