घरों में झाड़ू पोछा करती थी मां। ऑस्कर पहुंची एक काम वाली के बेटे की फिल्म। भारत से होमबाउंड ने ऑस्कर में बनाई जगह। 12 साल की कड़ी मेहनत लाई रंग। बेटे की शोहरत देख नहीं रुक रहे मां के आंसू। दिन-रा मेहनत कर किया परिवार का सपना पूरा। यहां हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड एक्टर विशाल जेठवा की।
उनकी फिल्म होमबाउंड ऑस्कर पहुंच गई है। बॉलीवुड की दुनिया में बहुत कम कलाकार ऐसे हैं जो बिना किसी गॉडफादर और सिफारिश के अपने टैलेंट के दम पर लंबा और यादगार सफर तय करते हैं। शाहरुख खान, राजकुमार राव और इरफान खान जैसे कलाकारों ने जिस तरह संघर्ष के रास्ते को चुनकर कड़ी मेहनत से अपनी एक अलग पहचान बनाई, उसी कतार में आज विशाल जेठवा का नाम भी शामिल हो गया है। करण जौहर के प्रोडक्शन और नीरज घायवान के निर्देशन में बनी फिल्म होम बाउंड में विशाल की दमदार एक्टिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह इस दौर के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं।
बता दें 98 एकेडमी अवार्ड्स में फिल्म होमबाउंड छा गई है। इस मूवी को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। फिल्म को मिली इस सक्सेस से करण जौहर प्राउड फील कर रहे हैं। अब फिल्म के ऑस्कर की रेस में शामिल होते ही विशाल जेठवा के एक्टिंग टैलेंट और उनकी निजी जिंदगी के संघर्षों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विशाल जेठवा का बचपन आसान नहीं रहा। कठिन हालातों के बीच पले बड़े विशाल ने कभी हार नहीं मानी और सिर्फ अपनी मेहनत और हुनर को ही अपनी ताकत बनाया। बता दें उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट रखा था और बहुत कम उम्र में ही टीवी इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा दी थी।
बच्चों के किरदारों में भी उनकी परफॉर्मेंस इतनी गहरी होती थी कि दर्शकों को साफ दिखने लगा था कि यह बच्चा आगे चलकर कुछ बड़ा करने वाला है। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में विशाल को सबसे ज्यादा पहचान डिज्नी चैनल के लोकप्रिय शो लकी से मिली। इसके बाद उन्होंने अदालत, सीआईडी और क्राइम पेट्रोल जैसे चर्चित शोज़ में अलग-अलग किरदार निभाए। विशाल की जिंदगी की सबसे इमोशनल कहानी उनके परिवार के संघर्ष से जुड़ी है। उनकी मां घर-घर जाकर झाड़ू पोछा किया करती थी और सुपर मार्केट में सैनेरी पैड्स बेचा करती थी। जबकि उनके पिता नारियल पानी बेचते थे।
खुद विशाल ने अपने कई इंटरव्यूज में इस सच्चाई को स्वीकार करते हुए कहा कि गरीबी को उन्होंने बहुत करीब से देखा है। एक इंटरव्यू में विशाल ने बताया था कि वह एक गरीब परिवार से आते हैं। वो एक हाउस हेल्पर के बेटे हैं।
उन्होंने कहा कि वह एक काम वाली बाई जो होती है ना उनके बेटे हैं। उनकी मां ने लोगों के घर पर झाड़ू पोछा किया है। और अब इसी हाउस हेल्पर के बेटे की फिल्म ऑस्कर पहुंच गई है। बताते चलें फिल्मी दुनिया में विशाल को सबसे बड़ी पहचान मर्दानी 2 से मिली जहां उन्होंने रानी मुखर्जी के सामने खौफनाक विलेन बनकर सभी को चौंका दिया था। इसके बाद सलाम वेंकी आईबी 71 और टाइगर 3 जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
