धर्म को लेकर अक्षय खन्ना का बड़ा बयान।

अक्षय खन्ना को अपनी फिल्म धुरंधर में अपने किरदार के लिए खूब सराहना मिल रही है। वह अक्सर अपनी शांत छवि के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अक्षय ने अपने इंटरव्यू में धर्म को लेकर अपनी राय रखी है। अक्षय अपने इंटरव्यू में कहते हैं मैं किसी धर्म को नहीं मानता हूं। मैं बस भगवान को मानता हूं। मैं फिलॉसोफर इंसान नहीं हूं।

मैं किसी चीज की खोज में भी नहीं हूं। विनोद खन्ना अपने करियर के शिखर पर थे। जब उन्होंने बॉलीवुड छोड़कर ओशो के आश्रम में शरण ली। उस समय को याद करते हुए अक्षय ने मिड डे से कहा था ना सिर्फ अपने परिवार कोछोड़ना बल्कि सन्यास लेना। सन्यास का मतलब है अपने जीवन को पूरी तरह से त्याग देना। परिवार तो उसका सिर्फ एक हिस्सा है। यह एक ऐसा फैसला था जिसने उनकी जिंदगी बदल दी और उन्हें लगा कि उस समय यह लेना जरूरी था।

5 साल के बच्चे के रूप में मेरे लिए इसे समझना नामुमकिन था। अब मैं इसे समझ सकता हूं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने ऐसा निर्णय लेने के लिए किसी गहरे परिवर्तनकारी अनुभव का सामना किया होगा। उन्होंने आगे कहा उनके भीतर कुछ ऐसा जरूर हुआ होगा, जिसने उन्हें इतना झकझोर कर रख दिया होगा।

मेरे पिता ने उस समय के बारेमें जो भी बातें कही थी उनसे मुझे नहीं लगता कि वह कोई कारण था। बात बस इतनी सी थी कि कम्यून भंग हो गया था और सब लोग अपने-अपने रास्ते पर चलने लगे थे।

तभी वह वापस लौटे वरना मुझे नहीं लगता कि वह कभी वापस लौटते।

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