सुशांत का निधन नही हुआ था उसे जानबूझकर… अभिनव कश्यप ने किया खुलासा।

बर्थडे विश नहीं करना चाहेंगे अब सलमान को सिया जाएंगे थोड़े दिन में 60 के हो जाएंगे तो उसके बाद मैं इनको भाई तेरे नाम के सेकंड हाफ के रूप में देखना चाहता हूं पागल तो ये काफी दिनों से हैं वरना ऐसी हरकतें ना करते पर मेकअप करके छुपा देते हैं कि जेल जाएंगे तो मेकअप वेकअप करने का तो होगा नहीं तो इनका असली रूप दिखाई देगा लोग इनका पाला ये सलमान खान जैसे बुलीस से पड़ जाए तो वो तो घबरा जाएंगे बेचारे बेहतर है इन लोगों से दूरी बना के रखें इनको सिस्टमैटिकली कोई बॉयकॉट करें।

यह पुराने जमाने के बुड्ढे सलमान खान निजी रूप से मैं जानता हूं बहुत ही घमंडी और गंदा आदमी है। सुशांत की अगर ढंग से इन्वेस्टिगेट की जाए तो एक थ्यरी है कि वो सुसाइड था ही नहीं। वो तो था। आपने बोला कि आवाज उठानी होगी। आपने आवाज अब उठाई है जब आपको कुछ खोने का खतरा नहीं है। लेकिन जो ऑलरेडी काम कर रहा है इंडस्ट्री में गलत आरोप है।

आप मेरी आवाज में शामिल तब हुई हैं जब मेरे पास खोने को कुछ नहीं बचा। आप अब मेरी मदद को आई हैं। कहते हैं ना ईश्वर तभी आते हैं जब कुछ नहीं होता। जब लगता है सब कुछ खत्म हो गया। वहीं से सब खेल शुरू होता है ईश्वर का। मैं तो आवाज बहुत सालों से उठा रहा हूं। मेरी आवाज को किसी ने रिसोंड नहीं किया। किसी ने मेरी मदद नहीं की। अब तो मेरे पास मदद मुझे मदद चाहिए भी नहीं।

अब तो मैं सबके लिए आवाज उठा रहा हूं कि अगली पीढ़ी कम से कम सुरक्षित रहे। तब आप भी जुड़ गई। और बहुत सारे ऐसे लोग जुड़ गए जिन्होंने मुझे पॉडकास्ट के माध्यम से जाना है पहली बार। तमाम लोग मेरे पे मेरे सोशल मीडिया पे मुझे रीच आउट करके मुझसे दोस्ती करने की कोशिश कर रहे हैं। दे आइडेंटिफाई विथ व्हाट आई एम सेइंग। यू नो तो आई एम वेरी हैप्पी। मैं ना बड़ा सेल्फिश टाइप आदमी नहीं हूं। मैं बहुत ही सेवा भाव में बिलीव करता हूं। राष्ट्रवादी हूं। जरूरी नहीं है कि मुझे जो फायदा नहीं हुआ वो किसी को ना हो। मैं जो मैंने सीखा जीवन में जो आपने कहा था आपने इतने साल में सीखा क्या?

यही सब सीखा कि इन ताकतवर लोगों से डील कैसे करना चाहिए जब ये बुली करें और इनको एक्सपोज करो इनको हर सिरे पे एक्सपोज करो और नहीं मेरे साथ जब गलत हो रहा था तब सोशल मीडिया नहीं था उसकी इतनी पहुंच नहीं थी अब मेरे घर पे कोई हमला करे मेरे ऊपर हमला करे तो मैं डंडे से नहीं लडूंगा मैं उसका वीडियो बनाऊंगा और मैं प्रधानमंत्री को टैग करके तुरंत इनको एक्सपोज करूंगा कि मेरे घर के बाहर गुंडे आए हैं पुलिस कुछ करती क्यों नहीं तो यह सोशल मीडिया के आने से ये जो परिवर्तन आया रेवोल्यूशन आया डिजिटल टेक्नोलॉजी से इसका बहुत बड़ा श्रेय मैं हमारे प्रधानमंत्री को डाल देता हूं जिन्होंने डिजिटल इंडिया करके ना अब लगभग इट इज वेरी इजी टू रीच रीच आउट फॉर हेल्प कोई भी मंत्रालय संबंधित मंत्रालय कोई भी पुलिस स्टेशन किसी को भी टैग करके लिखेंगे तुरंत इमीडिएट हेल्प रिस्पांस मिलता है।

पहले ये सब नहीं था हमारे टाइम में नहीं था हम समझ में नहीं आता था जाएं कहां आधे टाइम तो लोगों के फोन नंबर नंबर नहीं मिलते थे। फोन नंबर मिले तो फोन उठाए नहीं जाते थे। कौन कहां रहता है पता नहीं चलता था। तो हर जनरेशन ने मेरे मां-बाप ने तो और भी ज्यादा तकलीफें देखी हैं।

तो हर जनरेशन की जिंदगी पीढ़ी दर पीढ़ी आसान हुई है। थोड़ी बेहतर हुई है। और हर जनरेशन ने कुछ ना कुछ दिया है। तो शायद मेरा दायित्व है कि मैं अपने नेक्स्ट जनरेशन को अपने बच्चों को उनके पीियर ग्रुप को एजुकेट कर पाऊं कि कम से कम इस तरह की चीजें उनके साथ ना हो। दे दे आर नॉट ट्रेंड टू टेक रिसीव बुलिंग। आजकल के बच्चे देखता हूं मैं उनको बुली करो तो फ्रीज हो जाते हैं। दे आर वेरी सॉफ्ट पीपल एंड दे हैव टू बी जेंटल विद किड्स। तो अगर उनका पाला ये सलमान खान जैसे बुली से पड़ जाए तो वो तो घबरा जाएंगे बेचारे। बेहतर है इन लोगों से दूरी बना के रखें। इनको सिस्टमेटिकली बॉयकॉट करें। ये पुराने जमाने के बुड्ढे और नए लोग खड़ा करें। नए तरीके हैं। चेंज इज़ द ओनली थिंग परमानेंट। लगातार और यह परिवर्तन का समय है। आप देखेंगे बहुत बड़ी मुहिम शुरू हो गई है। मैंने तमाम पडकास्ट चैनल्स पे सिद्धार्थ कन्नन है और कितने चैनल्स हैं आपका है। सब पे तमाम फिल्म मेकर्स को देख रहा हूं। अ टेक्नशियंस को देख रहा हूं। लोग बाहर आ रहे हैं। अपनी-अपनी कहानियां बता रहे हैं और इंस्टाग्राम पे बहुत लोग अपने फीलिंग्स लिखते हैं। आजकल जब जो होता है लोग फीलिंग्स लिखते हैं। अभी वो क्रिकेटर्स स्मृति मंदाना की शादी एक दिन पहले रुक गई क्योंकि बहुत सारे कुछ सनसनीखे केस खुलासे सामने आए।

अब उसमें कितनी सच्चाई है कितनी नहीं। पर क्या है? आजकल सही समय पे बहुत चीजें बाहर आ जाती हैं। तो बड़े सारे क्राइम होने से रुक जाते हैं। तो ये अच्छा समय है। मतलब ये दिल्ली में जो बॉम ब्लास्ट हुआ अब कह रहे हैं कि वो समय से पहले हो गया बम ब्लास्ट और इतना ज्यादा वो अमोनियम नाइट्रेट इकट्ठा किया हुआ था कि प्लानिंग बहुत कुछ भयानक करने की थी और उस चक्कर में पकड़ी गई फटाफट पकड़ी गई और कितने अरेस्ट हुए जमाना आगे बढ़ रहा है और मैं बड़ा खुश हूं इस बात से कि चेंज आ रहा है और मैं भी अपनी भागीदारी निभा रहा हूं। आई एम आल्सो पार्टिसिपेटिंग और मैं अपना विज़डम अभी ज्यादातर तो मैं अपने स्टूडेंट्स को सिखाता हूं पर्सनल लेवल पर। अब आपके पडकास्ट के जरिए मैं ऑडियंस को अपना मैसेज पहुंचा रहा हूं।

एंपलीफाई कर रहा हूं मैसेज देखते हैं अगर लोगों के काम आ रहा है और लोग मुझे रिसोंड कर रहे हैं इसलिए मुझे एनकरेजमेंट मिल रहा है कि भाई बताओ और बताओ और बताओ और बताओ जो बता रहा हूं होपफुली सबका फायदा हो। बट इंडस्ट्री में अगर कोई बोलता है बड़े लोगों के खिलाफ तो उसका करियर साबोटाज करना शुरू हो जाता है। उसके प्रोजेक्ट्स बंद हो जाते हैं। उसके खिलाफ नेगेटिव खबरें छपाई जाती है। पर खुशबू जी क्या मेरा सेबोटाज करेंगे? मुझे फिल्म इंडस्ट्री में नए एक्टर्स जो सक्सेसफुल है। मैं कंगना की बात कर रही हूं। मैं सुशांत सिंह राजपूत की बात कर रही हूं। जो अच्छे होते हुए बहुत कुछ फेस करके गए। अरे तो कंगना कहां गई? कंगना मतलब पॉलिटिक्स की गई। होना तो उन्हें यहीं चाहिए। उसने 10 साल 12 साल जो भी ना फिल्म इंडस्ट्री पे बड़े शिखर की कामयाबी देखी। हां उतार-चढ़ाव तो सबकी लाइफ में आते हैं। उसने शिखर की कामयाबी देखी। टॉप की एक्ट्रेसेस शायद तीन नेशनल अवार्ड जीतते हैं। तीन या चार मुझे नहीं मालूम।

अब वो सांसद है। माननीय सांसद है हमारे देश की। तो होपफुली वो ना अपने राजनीतिक करियर में भी कुछ अच्छा करेगी। तो ऐसा नहीं है भगवान कुछ लेते हैं तो कुछ देते भी हैं। सुशांत की बहुत अनफॉर्चूनेट थी। अब वो अगर ढंग से इन्वेस्टिगेट की जाए तो एक थ्यरी है कि वो सुसाइड था ही नहीं। वो तो मर्डर था। पर देखिए कि सुशांत के डेथ के बाद से कितना विद्रोह शुरू हो गया इस इंडस्ट्री में। उसका फ्लिप साइड वो है। तो सुशांत का सैक्रिफाइस हमारे लिए एक अपॉर्चुनिटी है। यंगस्टर्स के लिए और हमको उसको ऐसे जाने नहीं देना चाहिए। सुशांत से पहले भी बहुत मिस्टीरियस हुई हैं फिल्म इंडस्ट्री में और लोगों ने विद्रोह नहीं किया।

इसीलिए तो अत्याचार बढ़ता गया और सुशांत की डेथ उसके पास जस्ट पहले दिशा साल्यान की डेथ और भी आजू-बाजू बहुत सारी डेथ्स हुई हैं। पर उस डेथ के बाद से बहुत सारा जन विद्रोह शुरू हो गया है। तभी से तो बॉलीवुड की हालत खराब हुई है। और जो थोड़े बहुत चेंजेस दिखाई पड़ रहे हैं। अब ग्रीन शूट्स दिखाई देने लगे हैं वो उसी की वजह से है। तो हर चीज का एक पॉजिटिव साइड भी होता है। मेरे ख्याल से लोगों को अपने डर पे काबू पाना चाहिए कि डर के कुछ नहीं होगा।

आप पॉजिटिव साइड देखो हर चीज का पॉजिटिव साइड भी होता है। और अगर एक के साथ गलत हो रहा है देन यू शुड स्टेप अप एंड पुट इट आउट देयर इन पब्लिक डोमेन एनोनिमसली डाल दो। बिना नाम के बहुत तरीके आते हैं यंगस्टर्स को। कैसे अपनी बात को पब्लिक डोमेन में डाली जाए। आप पब्लिक डोमेन में डालो। एक्सपोज करो चीजों को तो लोगों को पता चलेगा कि क्या-क्या हो रहा है और फिर लोग क्राइम करने से डरेंगे और जो गलत कर रहा है उसके नाम लेके बोलो। यहां उल्टा होता है ना जो गलत कर रहा है लोग नाम नहीं लेते और जो अच्छा कर रहा है उसकी इतनी चमचागिरी करते हैं। ओ बहुत अच्छे आदमी हैं। उसकी एक अच्छाई को 10 बता देते हैं। एंप्लीफाई कर देते हैं कि वो फायदा हो जाता है ना। अच्छा करना भाई हमारा धर्म है। आप अच्छाई बताओ। मैं बड़े अच्छे काम करता हूं। मैं उसका बकान नहीं करता।

चुपचाप करता हूं। पर दुनिया मेरे अच्छे काम का भी बखान नहीं करती। दुनिया भी नहीं करती। वो मेरी बुराई को एंपलीफाई करते हैं। तो हमें भी चाहिए कि हम दुनिया की बुराइयों को एंपलीफाई करें। लोगों को बताएं ताकि लोग बुरा करने से डरे। फिर इंडस्ट्री में बदलाव शुरू हो गया है और एक बदलाव तो खुद सलमान खान ने किया है कि सेट पर जो एक हायरार्की होती है कि जो स्पॉट दादा या डेली वेज वाले होते हैं वर्कर्स उनके लिए अलग लंच टेबल लगती है। क्रू के लिए अलग और स्टार्स के लिए अलग। तो वो अब यह है कि सब जने एक ही जगह पर खाना खाएंगे। आई एम नॉट श्योर ऐसा कोई बदलाव आया है। यह सब खबरें फैलाई जा रही हैं। सलमान खान कौन सा बहुत शूटिंग कर रहे हैं। सलमान खान निजी रूप से मैं जानता हूं बहुत ही घमंडी और गंदा आदमी है। वो ऐसा कोई काम करेगा भी तो सिर्फ दिखावे के लिए करेगा। उसके लिए किसी के किसी के प्रति उसके मन में रिस्पेक्ट नहीं है।

हां वो लोगों को बहुत नीचा और छोटा आदमी समझता है। मैं ही मैं हूं। मैं ही मैं हूं। दूसरा कोई नहीं। यह है सलमान खान। तो आई डोंट देयर इज नो वेरासिटी कि ये सब चेंजेस आ गए हैं। ये सब खबरें फैलाई जा रही हैं सलमान की छवि बचाने के लिए। उसकी सलमान की फटी पड़ी है। तो उसको दिखाना है दुनिया को कि ये बहुत अच्छा हो रहा है और सुधर रहा है। ये सुधरते थोड़ी हैं। ये सुधरने वाली कौम नहीं है। जी घमंडिया। हां। बाकी अगर ऐसा बदलाव बाकी फिल्म इंडस्ट्री तो साथ में बैठकर खाना खाती है। सदियों से खाना जब बनता था तो सब साथ में ही खाते थे। एक्टर्स हो, एक्ट्रेसेस हो सब साथ में खाते थे। किसी ने एक्टर एक्ट्रेस को नहीं बोला कि हमारी टेबल छोड़ के जाओ।

एक्टर एक्ट्रेस बदतमीजी करके छोड़ के गए थे और कहते हम तो वैनिटी वैन में कहेंगे जी हमको वैनिटी वैन चाहिए। फिर वो एक वैनिटी वैन छह वैनिटी वैन हो गई। फिर बोला हमारा कुक भी घर से आएगा। हमारा खाना फाइव स्टार से आएगा। ये सारी बदतमीजियां एक्टर्स की हैं। इंडस्ट्री तो अभी भी साथ बैठ के खाना खाती है। बाकी सारे टेक्नशियंस अभी भी साथ बैठ के खाना खाते हैं। बड़ा मिलजुल के रहते हैं। तो अगर एक्टर्स को कोई शर्म आती हो अगर जरा भी उनमें गैरत बची हो तो वो आ जाए। वापस अपनी टेबल पे जगह ले लें। मोस्ट वेलकम। हां। उनकी यूनिट्स, उनके टेक्नशियंस को अच्छा लगेगा। तो वह हवा में उड़ रहे हैं। जो हवा में उड़ रहा है वह धरती पर वापस आएगा। हम तो धरती पर ही हैं। सलमान का बर्थडे मंथ है और आप धमाका कर रहे हैं। ये ठीक नहीं है ना? दिसंबर है और सलमान के लिए एक अच्छा महीना है। अच्छा है। 27 दिन बचे हैं उसके जन्मदिन पे। इन 27 दिनों में अगर अच्छे दिन जाते हैं उसके तो अच्छा है। आगे की जिंदगी तो उसकी खराब ही होनी है। तो क्या बोलूं मैं? सलमान के बर्थडे पे मैं उसकी लंबी आयु की कामना कर ही चुका हूं। ईश्वर उसको लंबी आयु दे और जब तक यह जिंदा है तब तक इतनी तकलीफ दे कि ये आदमी जिसने तमाम लोगों कीिंदगियां के साथ खिलवाड़ किया है।

अब इसकी जिंदगी सबके लिए उदाहरण बने ताकि आने वाला हर आदमी हर सुपरस्टार हर एक्टर सोचे कि अगर ऐसे बदतमीजी करोगे अपने यूनिट्स के साथ ऐसे लोगों का हक चोरी करोगे तो तुम्हारी तुम्हारा जीना भगवान हराम कर देगा। तो सलमान खान सिया जाएंगे थोड़े दिन में 60 के हो जाएंगे। तो उसके बाद मैं इनको भाई तेरे नाम के सेकंड हाफ के रूप में देखना चाहता हूं। हां पागल तो ये काफी दिनों से हैं। वरना ऐसी हरकतें ना करते। पर मेकअप करके छुपा देते हैं। क्योंकि जेल जाएंगे तो मेकअप वेकअप करने का तो होगा नहीं तो इनका असली रूप दिखाई देगा लोगों को। सलमान और उनके बारे में आपने बहुत कुछ कहा। अब उन लोगों के बारे में कुछ कहिए जो इस पॉडकास्ट में आपकी बातों को बहुत पसंद कर रहे हैं और इतने दिनों से वो इंतजार कर रहे हैं कि अभिनव कब आएंगे वापस। आ गया मैं वापस। उनको क्या बोलूं? थैंक यू वेरी मच कि आपको मेरी बातें पसंद आई। मेरी मदद करना हो तो आइए। आप भी मैदान में उतर आइए। और प्लीज ना मैं बहुत रिफॉर्म्स देखना चाहता हूं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में क्योंकि आजकल हर यंगस्टर हर बच्चे को ना एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ा कुछ करना है मीडिया से जुड़ा कुछ करना है तो मीडिया सेक्टर में बहुत गहरे रिफॉर्म्स की जरूरत है और अगर आप मेरे साथ हैं और आप कुछ करना चाहते हैं तो कृपया इस देश के प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मंत्री को इस देश के गृह मंत्री को और सूचना और प्रसारण मंत्री को टैग कर करके लिखें सोशल मीडिया पे कि इस बॉलीवुड को रिफॉर्म्स की जरूरत है।

बॉलीवुड को खत्म करने की जरूरत है ताकि यह वापस एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री बन सके। क्योंकि अब क्या है? तमाम लैंग्वेज में जो फिल्म बनती हैं तो फिल्में हर जगह रिलीज हो रही हैं तो फिल्में लैंग्वेज हो चुकी हैं। आप किसी भी भाषा में बनाओ पूरा देश देखता है।

तो प्रधानमंत्री मोदी जी आपसे निवेदन है देश जोड़ने का यह एक सुनहरा मौका है। आप बहुत दिन से प्रयास कर रहे हैं कि देश जुड़ जाए। भारतीयों में एकता आए, जातपात खत्म हो जाए। यह बड़ा सुनहरा मौका है क्योंकि तमाम भाषाओं की फिल्में अब हर लैंग्वेज में दिखाई दे रही जा रही हैं और थोड़े से सुधार की जरूरत है। थोड़ा सा यहां के घमंडी लोगों पे चेक ना वो नकेल डालने की जरूरत है।

वो हो जाएगा तो मनोरंजन के माध्यम से हम तमाम मैसेजेस, तमाम कहानियां अपनी आने वाली पीढ़ियों तक ले जा सकते हैं। जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। तो कृपया हमारी तरफ भी ध्यान दें। ऐसा निवेदन है। धन्यवाद। तो यह थे हमारे साथ अभिनव कश्यप जी।

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