धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा में टूटीं हेमा मालिनी, पापा को याद कर एशा -अहाना के नहीं रुके आंसू।

मैं बहुत ही भावुक हो रही हूं। मैंने कभी नहीं सोचा कि मेरी जिंदगी में ऐसा एक पल आएगा जब मुझे भी एक शोक सभा रखनी होगी और वो भी मेरे धर्म जी के लिए द होल वर्ल्ड इज मॉर्निंग इज पासिंग अवे। धर्मेंद्र को याद कर तड़पी हेमा मालिनी। धर्म जी के जाने का अभी तक नहीं कर पा रही है यकीन। पति के निधन के 17 दिन बाद सामने आई हेमा तो शोक सभा में दिल का दर्द, आंसू बनकर छलका।

आंखों में नमी, चेहरे पर मातम और दिल में गम। इस वक्त हेमा मालिनी के दिल पर क्या बीत रही है इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। 11 दिसंबर को हेमा मालिनी ने पति की याद में दिल्ली में एक शोक सभा का आयोजन किया था। धर्मेंद्र के लिए रखी गई इस शोक सभा में गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, मंडी से सांसद कंगना रनौत, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता समेत राजनीति जगत की कई हस्तियां शामिल रहीं। तो कुछ फिल्म स्टार्स भी इस शोक सभा का हिस्सा बनी।

इसी दौरान हेमा मालिनी का दर्द छलका। हेमा ने बताया कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनकी जिंदगी में ऐसा भी दिन आएगा जब उन्हें एक प्रार्थना सभा का आयोजन करना पड़ेगा। मैं बहुत ही भावुक हो रही हूं।

मैंने कभी नहीं सोचा कि मेरी जिंदगी में ऐसा एक पल आएगा जब मुझे भी एक शोक सभा रखनी होगी और वो भी मेरे धर्म जी के लिए द होल वर्ल्ड इज मॉर्निंग इस पासिंग अवे प्रार्थना सभा के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब भावुक हुई हेमा को उनकी बेटियों ने सहारा देना चाहा लेकिन उन्होंने उन्हें मना कर दिया। मानो दुख की घड़ी में उन्हें किसी का सहारा नहीं चाहिए। वह खुद ही अपने इस दर्द से लड़कर अपनी हिम्मत बनना चाहती हो। इसी दौरान हेमा ने यह भी कहा कि कभी-कभी उन्हें अपनी किस्मत पर हैरानी होती है। लेकिन धर्मेंद्र के साथ ने उनकी हर मुश्किल को आसान कर दिया था। कभी-कभी मन ही मन मैं अपने भाग्य के बारे में सोचकर हैरान भी होती हूं और खुशी भी होती है। जिस शख्स के साथ मैंने कई फिल्मों में प्यार का अभिनय किया वही मेरे जीवन साथी बन गए।

हमारा प्यार सच्चा था तो हम किसी भी परिस्थिति का सामना करने की हिम्मत थी और हम दोनों ने शादी की। हेमा ने धर्मेंद्र की उस इच्छा का खुलासा भी किया जिसे पूरा करने की चाहत लंबे वक्त से उनके दिल में थी। अपनी इच्छा को पूरा करने की प्लानिंग भी वह कर रहे थे। लेकिन अफसोस धर्मेंद्र की वह इच्छा अधूरी रह गई। उनकी खास बात यही थी कोई भी परिस्थिति हो वो उसके अनुसार तुरंत एक शेर सुना देते थे। यही उनकी खूबी थी। मैंने भी कई बार उनसे कहा कि आप इतना अच्छा लिखते हैं तो इसे आप एक किताब के रूप में प्रकाशित करना चाहिए। आपके बहुत चाहने वाले हैं और योर फैंस विल लव इट। सो ही मस्ट डू इट। सो ही वास् वेरी सीरियस अबाउट इट। सो ही वांटेड टू डू ही वास प्लानिंग एवरीथिंग बट वो काम अधूरा रह गया है। धर्मेंद्र को याद कर हेमा ने यह भी कहा कि वो ना सिर्फ अच्छे पति थे बल्कि बेहतरीन पिता और सबसे अच्छे नाना थे। हर निर्णय में उनकी सहमति रही।

मेरी दोनों बेटियां एशा और आहना इनके लिए एक वात्सल्य के भरे एक पिता बने। बहुत प्यार दिया और उनको सही समय पर उनकी शादी भी कराई। हमारे पांच ग्रैंड चिल्ड्रन उनके लिए बहुत प्यारे नानू बनकर बहुत प्यार करते थे और हमारे बच्चे भी बहुत दे वर मैड ऑफ द नानू। और धर्म जी उसे देखकर इतने खुश हो जाते थे छोटे-छोटे बच्चों को और मेरे से कहे कि ये देखो यह हमारी बहुत सुंदर एक फुलवारी है। इसे हमेशा प्यार और सहज कर रखना इसको।

अफसोस अपने बच्चों और नाती पोतों को रोता छोड़ धर्मेंद्र इस दुनिया से चले गए हैं। और इस वक्त उनका पूरा परिवार इस मुश्किल वक्त और गम से उभने की कोशिश कर रहा है।

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