यूपी के बाराबंकी में फर्जी डॉक्टर ने यूट्यूब देखकर ट्रिटमेंट की, जांच में क्या खुलासे हुए?

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक झोलाछाप डॉक्टर ने यू ट्यूब वीडियो देखकर एक दलित महिला की ट्रिटमेंट कर दी। जिससे अगले ही दिन उसकी निधन हो गई। महिला का नाम मुनशिरा है। उसके पति तेज बहादुर रावत ने दावा किया है कि ट्रिटमेंट के दौरान आरोपी डॉक्टर ज्ञान प्रकाश मिश्रा में था।

घटना के बाद जब मेडिकल टीम ने इस क्लीनिक की जांच की तो डॉक्टर के साथ-साथ क्लीनिक भी फर्जी निकला। महिला की निधन होते ही आरोपी डॉक्टर फरार हो गया। पुलिस को जांच में क्या मिला?

घटना बाराबंकी के कोठी थाना इलाके की है। मुंशीरा यहीं के दसरापुर में अपने पति तेज बहादुर और तीन बच्चों के साथ रहती थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 4 दिसंबर को मुंशीरा के पेट में तेज दर्द हुआ। इस पर वे अपने पति के साथ पास के एक क्लीनिक श्री दामोदर औषधालय पहुंची।

यह क्लीनिक उनके घर से 4 कि.मी. की दूरी पर था। इसी फर्जी क्लीनिक को आरोपी ज्ञान प्रकाश मिश्रा चलाता था। ज्ञान प्रकाश ने मुंशीरा की जांच की और अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। इसके बाद जब रिपोर्ट आई तो उसने दावा किया कि मुंशीरा के गॉल में यानी स्टोन बढ़ गए थे और तुरंत ही उसकी ट्रिटमेंट करनी होगी। तेज बहादुर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उसकी पत्नी को पहले भी स्टोन की शिकायत थी।

साल 2018 में भी मुंशीरा की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में स्टोन बढ़ने की बात सामने आई थी। लेकिन समय के साथ उन्हें आराम हो गया था। संभवत इसी कारण मुंशीरा और तेज बहादुर आरोपी ज्ञान प्रकाश की बातों में आ गए। इंडिया टुडे से जुड़े सैयद रिहान मुस्तफा की रिपोर्ट के मुताबिक इस सर्जरी के लिए ज्ञान प्रकाश ने उन्हें ₹25,000 का एस्टीमेट खर्चा बताया।

इस पर तेज बहादुर ने ट्रिटमेंट से पहले ₹00 जमा कर दिए। 5 दिसंबर को मुंशीरा की ट्रिटमेंट हुई। उनके पति तेज बहादुर ने दावा किया कि ट्रिटमेंट के लिए ज्ञान प्रकाश ने अन्य डॉक्टरों को भी बुलाया था लेकिन कोई नहीं आया। इस पर उसने अपने भतीजे विवेक कुमार मिश्रा के साथ सर्जरी शुरू कर दी। तेज बहादुर ने बताया कि अगले दिन उन्हें आरोपी ज्ञान प्रकाश का फोन आया। उसने बताया कि मुंशीरा की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उन्हें तुरंत आने के लिए कहा गया।

लेकिन जब तेज बहादुर हॉस्पिटल पहुंचे तब तक मुंशीरा की मौत हो चुकी थी। तेज बहादुर ने क्या बताया सुनिए। तो हम एक दो बार दवा लेने आए तो डॉक्टर साहब ने बताया कि पहले जांच करा लो। जांच कराया। जांच कराने के बाद जब आए इनके पास तो बताने लगे कि ऑपरेशन था।

ऑपरेशन किया एक दिन पहले आए मतलब भर्ती किया एक दिन ऑपरेशन हो गया दूसरे दूसरे दिन मतलब 6:00 बजे इसके बाद तेज बहादुर के परिवार और गांव के लोगों ने क्लीनिक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया बाद में सीनियर ऑफिसर्स ने लोगों को समझाया और प्रदर्शन को बंद करवाया। तेज बहादुर ने आरोप लगाए कि सर्जरी के दौरान ज्ञान प्रकाश नशे की हालत में था और उसने YouTube में ट्यूटोरियल देखकर मुंशीरा की ट्रिटमेंट की।

इस दौरान उसने कई नसें काट दी और पेट में गहरे चीरे लगा दिए जिससे मुंशीरा की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने मुंशिरा की बॉडी का पोस्टमार्टम करा दिया है। साथ ही उस क्लीनिक को भी सील कर दिया गया है। दामोदर औषधालय करके कोटी थाना क्षेत्र में एक घर में क्लीनिक संचालित किया जा रहा था। अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किया जा रहा था। जिसमें एक अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा किसी महिला का ऑपरेशन किया गया जिसमें उसकी डेथ हो गई। मेरे संज्ञान पे आने पर मैंने वहां निरीक्षण किया और वहां पर पाया गया कि वो घर बंद पाया गया तो मैंने नोटिस चसपा किया है और स्थानीय थाना में कोठी क्षेत्र में उसके स्थानीय कोठी थाना में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है अवैध रूप से क्लीनिक संचालन करने का।

मंगलवार 9 दिसंबर को तेज बहादुर ने आरोपी ज्ञान प्रकाश और उसके भतीजे के खिलाफ कोठी थाने में गैर इरादन हत्या और एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुनिश्रा की मौत मेडिकल प्रोसीजर के कारण हुई।

मेडिकल टीम ने ज्ञान प्रकाश के क्लेरिफिकेशन और उसके क्लीनिक की भी जांच की जिसमें दोनों फर्जी पाए गए। इसके साथ ही पुलिस सोशल मीडिया के जरिए सर्जरी करने के दावे की भी जांच कर रही है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार है। पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगी हुई है।

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