सोहेल और अरबाज की उम्र भी सलीम खान और सलमान को लग जाए। दोनों निकम्मे हैं। बोझ है धरती पे। जिए या मरे किसी को फर्क नहीं पड़ता। सलमान लंबा जीना चाहिए और सलीम खान को लंबा जीना चाहिए। क्योंकि सलमान जितना लंबा जिएगा उतना तकलीफ में जिएगा। उतना तड़पेगा, उतना रोएगा। उतना दर्द होगा उसको। जितना सलीम खान लंबा जिएंगे उतना उनको सहन नहीं होगा। अरबाज को कुछ बनाने के लिए मुझसे दबंग का श्रेय छीन लेना।
मुझे जलील करना चाहे वो निकम्मा डायरेक्टर बन जाए। ये गलत है। ये कार्टिलाइजेशन है। आलिया भट्ट को देखिए। रणबीर कपूर को देखिए। सुप्रीम टैलेंटेड ये अपने दम पे ऊपर आए हैं और सब हंस रहे हैं। सलमान खान पे। इनके कुकर्म काफी मैंने देखे। अब सलमान खान की फटी पड़ी है। मेरे चेहरे के कॉन्फिडेंस मेरे चेहरे के नमक से आप देख सकती हैं। सबसे ज्यादा तो मुझे ट्रैक्शन अब मिल रहा है पॉडकास्ट पे आपके।
तो अब मुझ पे यह सवाल उठाए जा रहे हैं। 15 साल बाद क्यों बोल रहे हो?अभिनव जी कहते हैं कि इंडस्ट्री में बहुत चलता है और काफी एक्टर्स ने सफर भी किया है कि वो टैलेंटेड थे। वो डिर्विंग थे। फिर भी उनकी फिल्म को उठाकर किसी स्टार किड को दे दी गई। इस पर आपका क्या कहना है? देखिए यह नेपोटिज्म की बात यह जब सुशांत की हुई थी 2020 से शुरू हुई थी और जोश में कंगना रणावत ने यह वर्ड यूज़ किया था। पहले तो हमको समझने की जरूरत है नेपोटिज्म होता क्या है? होता है भाई भतीजावाद जिसमें आप कोई सरकारी पद सरकारी नियुक्तियों में कोई पद इस बेसिस पे देते हैं कि कौन किसका रिश्तेदार है क्या है? मेरिट पे नहीं। प्राइवेट सेक्टर में कभी भी ना एप्लीकेबल ही नहीं होता। भाई मैं तो अगर आप कहती हैं कि मैं एंटी नेपोटिज्म हूं तो मैं कहूंगा मैं एक्चुअली प्रो नेपोटिज्म हूं। मैंने नेपोटिज्म की बात कभी नहीं कही।
यह लोगों ने गलत शब्द यूज़ करना शुरू कर दिया। हां, मैं तो चाहूंगा कि हर बाप अपने बच्चों के लिए कुछ करे। नेपोटिज्म से कोई प्रॉब्लम नहीं है मुझे। मैं प्रो नेपोटिज्म हूं। मुझे कार्टिलाइजेशन से प्रॉब्लम है। असल में बात क्या है कि आपका बच्चा डिर्विंग नहीं है। उसमें कोई मेरिट नहीं है और आपको पता है कि उसमें कोई मेरिट नहीं है। उसको एक्टिंग नहीं आती। उसको डांस नहीं आता तो आपको उसको सिखाना चाहिए। अच्छे ट्रेनर्स रखने चाहिए। अपने किसी एक्टिंग स्कूल में भेजना चाहिए।
यहां के लोग वो नहीं करते। यहां के लोग क्या करते हैं? बच्चा तो हमारा एक्टिंग करेगा। चाहे जो हो जाए और बाहर से आए जो लड़के हैं बच्चे हैं उनमें किसको एक्टिंग आती है किस उसका करियर खराब कर दो इसको बोलते हैं कार्टिलाइजेशन एक कार्टल बना के जो बॉलीवुड के लोगों ने कार्टल बना दिया है कि हम अपने अंकल आंटी और दूसरों के बच्चों को ही मौका देंगे और कोई बाहर वाला आएगा टैलेंटेड तो उसका या तो क्रेडिट छीन लेंगे या जैसे मेरा छीन लिया या उसको बंधुआ मजदूर बना लेंगे स्लेव बना लेंगे गुलामी की कॉन्ट्रैक्ट साइन करा के जैसे आप देखती होंगी कि वफ टैलेंट मैनेजमेंट अभी धर्मा ने भी खोल दिया है धर्मा कॉर्नर स्टोन ना सब में ये टैलेंट को बंधवा मजदूर बना लेते हैं कि भाई तू जो काम करेगा हमारे साथ ही करेगा और हम कमीशन लेंगे तेरे काम से या उसको गुलाम बना लो तब यूज़ करो या जो अगर कोई फ्री सोचता है इंडिपेंडेंट सोचता है उसको काम नहीं करने देना है तो मैंने बंधुआ मजदूरी का कॉन्ट्रैक्ट नहीं साइन किया अरबाज खान के साथ इसलिए मेरे पीछे पड़े हैं।
आपको थ्री फिल्म्स डील दी थी? नहीं। मुझे दी थी। मुझे ऑफर की थी। तो वो थ्री फिल्म डील क्या होता है? वो लालच देते हैं कि हम तुम्हारे साथ तीन फिल्म बनाएंगे। मुझे पता था मेरे में काबिलियत है। और मुझे पता था मुझे इनके साथ काम ही नहीं करना दोबारा। तो मैंने नहीं की साइन। मैंने कहा नहीं मुझे नहीं करनी। थ्री फिल्म डील। मुझे वन फिल्म डील करो यार वन एट अ टाइम। तो थ्री फिल्म डील ये मेरे भले के लिए नहीं देते मुझे। या किसी एक्टर के भले के लिए उसको फाइव फिल्म डील नहीं देते। यह अपने भले के लिए देते हैं कि हम तेरे को स्टार बनाएंगे, तेरी जिंदगी बनाएंगे और फिर जिंदगी भर तेरी कमाई पे हम खाएंगे। और जब तू 10 करोड़ दुनिया से लेगा, जब दुनिया तुझे 10 करोड़ फीस दे रही होगी, हम तुझे सिर्फ ₹25 लाख में काम कराएंगे। यह बंधुआ मजदूरी का मॉडर्न फॉर्मेट है।
मतलब प्रॉफिट का या जो इनकम है उसका मैक्सिमम हिस्सा एजेंसी लेती है। इंडस्ट्री के सारे दलाल, इंडस्ट्री के सारे टैलेंट मैनेजर्स की आमदनी क्या है? इनके कहने पे कोई इनको फिल्म देता है क्या? फिल्म तो यह कोई बच्चे में अगर उसकी शक्ल सूरत पसंद आई, उसका काम पसंद आया तो फिल्म तो उसको अपने मेरिट पर मिल रही है। और यह लोग टैलेंट मैनेजर्स उसमें से कमीशन खाते हैं। तो दिक्कत ये टैलेंट मैनेजर जो दलाल हैं। ये टैलेंट में क्या है? वो टैलेंट किसी ना किसी का तो बच्चा होगा। फिल्म इंडस्ट्री के एक से एक टैलेंटेड बच्चे हैं। आलिया भट्ट को देखिए, रणबीर कपूर को देखिए। यह तो क्या है? ये नेपोकि्स ही तो है लेकिन सुप्रीम टैलेंटेड कोई कह ही नहीं सकता कि इनमें टैलेंट नहीं है। ये अपने दम पे ऊपर आए हैं। और बहुत सारे बच्चे हैं जो जिनमें टैलेंट की कमी थी वो नहीं चले। एक दो फिल्म कर ली होगी वो पब्लिक छांट देती। पब्लिक थोड़ी चलती है। तो नेपोटिज्म बोलना गलत है उसको। और अगर आप नेपोटिज्म ही बोलेगी तो आई एम प्रो । आई एम नॉट एंटीनेपोटिज्म। ये वो कंगना ने गलत शब्द यूज़ कर लिया था और तब से यह चला आ रहा है । । नेपोटिज्म कुछ नहीं है और ये प्राइवेट सेक्टर में ना एप्लीकेबल ही नहीं होता। हर बाप हर मां-बाप अपने बच्चों को की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए मेहनत करते हैं। हां उसके रिश्तेदार मेहनत करते हैं और करना भी चाहिए। पर अपने बच्चे को अपने निकम्मी औलाद को खड़ा करने के लिए किसी का टैलेंट छीन लेना। जैसे अरबाज को कुछ बनाने के लिए मुझसे दबंग का श्रेय छीन लेना। मुझे जलील करना ताकि वो बन जाए वह निकम्मा डायरेक्टर बन जाए उसको इज्जत मिले। यह गलत है। यह कार्टिलाइजेशन है। ये झुंड बना के हमला करते हैं। इसलिए मैंने पूरी फैमिली को लपेटा। ये सलमान, अरबाज, सोहेल, सलीम खान सब लिप्त थे। इन्होंने कार्टल बना के मुझे कहते हैं ना शारीरिक रूप से हो तो बलात्कार और मानसिक रूप से हो तो तिरस्कार। तो मेरा तिरस्कार किया, बहिष्कार किया। ये कार्टिलाइजेशन है। और मैं कार्टिलाइजेशन के खिलाफ हूं। ये नहीं होना चाहिए और जब जहां भी यह हो इसको एक्सपोज करना चाहिए। यह गलत हरकतें हैं।
उसी टाइम एक्सपोज करेंगे तो करियर पे ब्रेक लग जाएगा। भाई सबको आगे पीछे देखना पड़ता है ना कि हम किसी पावरफुल आदमी के खिलाफ बोलेंगे तो या ये चुप तो रहेंगे नहीं। ये अपने डिफेंस में मुझ पे हमला भी कर सकते हैं। तो मुझे देखना पड़ता है मेरे पास सुरक्षा क्या है? जाहिर सी बात है जब मेरे साथ ये सब हुआ तब मैं 35 36 साल का था। बहुत यंग था। बहुत नासमझ था। मेरे पास इतनी पैसे नहीं थे, ताकत नहीं थी, मेरे कनेक्शंस नहीं थे। और यह लोग बहुत बड़े तोप थे। उस समय कांग्रेस का राज था देश में।
गैंगस्टर्स तब भी बचे हुए थे। हां। इनके कनेक्शन गैंगस्टर्स के साथ थे। तो मुझे अपनी सुरक्षा भी देखनी पड़ती है। मेरी फैमिली थी। मेरे बच्चे छोटे थे। तो कैसे करें? मतलब अगर मेरे साथ कोई अपराध हो और मैं 5 साल के बाद हिम्मत जुटा के आगे बता पाऊं आपको। बहुत दुख की बात है इस देश में ना पूछा जाता है कि 5 साल पहले क्यों नहीं बोला? अरे भाई 5 साल बाद बता रहे हैं। अब इसकी जांच कर लो। अब इसकी सत्यता टेस्ट कर लो। अब कोई एक्शन ले लो। तभी तो इतनी इतने के केसेस होते हैं इस देश में। भाई पीड़िता उस समय तो इमीडिएटली शॉक में रहती है। दर्द में रहती है। वो उसको समझ में नहीं आता कि किसको बता पाए। वो कई बार घर वालों को नहीं बता पाती। लेकिन अगर घरवाले उसको सपोर्ट कर पाए और बहुत प्यार दें और किसी तरह वह हिम्मत जुटा पाए एकद साल बाद आकर बताएं कि 2 साल पहले मेरा इसने रेप किया था तो पहले आप हमारे देश में ना पहले पीड़िता से बोला जाता है साबित करो कि इसने 2 साल बाद क्यों बताया?
ये क्या बात हुई? अगर आप जांच करेंगे 2 साल 5 साल 10 साल बाद भी जांच करेंगे तो आपको 10 सबूत मिलेंगे कि गलत करने वालों ने तब गलत किया था। पर जांच के नाम पर कुछ नहीं होता। और मेरे केस में तो मैं तो बहुत पहले से मैं 2013-14 से बोल रहा हूं। तमाम पब्लिक प्लेटफार्म में बोला। मैं 2017 में पुलिस के पास गया। 2020 में ओपन लेटर लिखा प्रधानमंत्री को। आज 2025 में पडकास्ट में बोल रहा हूं। इसके बीच-बीच में तमाम बार मैंने Facebook पे लिखा है। कभी भी कुछ नहीं हुआ। अब हो रहा है। सबसे ज्यादा तो मुझे अट्रैक्शन अब मिल रहा है पडकास्ट पे आपके। तो अब मुझ पे ये सवाल उठाए जा रहे हैं। 15 साल बाद क्यों बोल रहे हो? कई बार बता चुका हूं। मैं तो हमेशा से बोल रहा था। अब आप र अब अब क्यों ध्यान दे रहे हो? क्योंकि अब सलमान कमजोर है। अब उसको इफेक्ट होने लगा है। हां। अब उसकी माताजी का नाम सुशीला चरक हो गया वापस सलमान खान से। अब सलमान खान की फटी पड़ी है। तो इनके चमचों चेलों से ये बुलवा रहे हैं कि 15 साल बाद क्यों?
ये इनका डिफेंस मैकेनिज्म है क्योंकि अब मोदी जी का राज है। बीजेपी डंडा करके रखती है। तो अब बीजेपी के राज में ये मुझ पे हमला नहीं करा पा रहे। मेरे चरित्र पे कीचड़ नहीं फेंक रहे। फेंकने की कोशिश जरूर कर रहे हैं लेकिन ट्रैक्शन नहीं मिल रहा। इनके एi वीडियोस और इनके प्रचार के वीडियोस जो चला रहे हैं ये YouTube वगैरह पे सोशल मीडिया पे उसको कोई ट्रैक्शन नहीं मिल रहा। कोई नहीं देख रहा। तो अब इनको हो रही है बड़ी तकलीफ। क्यों इनके नोट जो काला धन इन्होंने कमाया है ना गलत हरकतों से यह इनके काम नहीं आ रहा मदद नहीं हो रही है इनकी ये इनका सवाल उठाना लाजमी है मैं तो मस्त हूं पिछले दो महीने में जब से हमारा पडकास्ट शुरू हुआ है मैं फिल्म इंडस्ट्री के साथ करीब छ या सात डिनर पार्टी कर चुका हूं और उसमें नीचे के बहुत लोग मिले हैं मेरे साथ पार्टी में और सब हंस रहे हैं सलमान खान पे सब मेरा हाथ मिला रहे हैं कह रहे हैं यार तूने बड़ा बहादुरी का काम किया है ये बहुत जरूरी था तभी तो कोई नहीं आया सलमान के समर्थन में और सब पीछेछे मना रहे हैं कि मैं जीतूं कि मैं जीतूं और वो हारे।
हां ये है कि और राज की बात बताऊं दो-तीन तो प्रोड्यूसर रेडी है मेरे साथ फिल्म बनाने में। पर अनाउंसमेंट नहीं आएगा जब तक इसके खिलाफ कोई टेंजिबल एक्शन ना हो। क्योंकि वो डरे हुए हैं कि कहीं गलती से सलमान ने कुछ कर दिया जीत गया वो तो वो लोग फंस जाएंगे। तो कोई अपना समर्थन मेरे प्रति दिखा नहीं रहा खुल के। क्योंकि उनको सलमान से दुश्मनी नहीं बनानी। लेकिन अंदर ही अंदर सब चाह रहे हैं कि मैं जीतूं और सलमान हारे और उसके समर्थन में भी कोई नहीं जा रहा। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है। यह मांग रहा होगा 10 लोगों से समर्थन। सिकंदर में मैंने वो रिव्यु लिखा था। उसके बाद इसने किसी इंटरव्यू में बोला भी था फिल्म इंडस्ट्री से कोई मेरा सपोर्ट नहीं कर रहा। रोया था यह पब्लिकली। इसके बारे में भी मैंने Facebook पे लिखा था कि सलमान खान और साजिद नाडिया वाला आजकल रोते फिर रहे हैं कि किसी ने हमारा समर्थन नहीं किया। तो मजे की बात अब इनका डर खत्म हो गया है फिल्म इंडस्ट्री में। कोई इनका समर्थन नहीं कर रहा। मेरा समर्थन पीछे पीछे कर रहे हैं लोग।
मेरे चेहरे के कॉन्फिडेंस मेरे चेहरे के नमक से आप देख सकती हो। हां। लेकिन अब बाहर नहीं आए लोग। वो भी आ जाएंगे। अनाउंसमेंट से थोड़ी कुछ होता है। ये तो आए दिन अनाउंस कर रहे हैं फिल्म अपनी। कि हम ये फिल्म करेंगे, हम वो फिल्म करेंगे। देखते हैं करने दीजिए। अनाउंसमेंट से फिल्म थोड़ी बनती है। सलमान खान के पास काम की कमी नहीं है। ही वास नॉट जॉबलेस। ठीक है? फिल्में फ्लॉप या खराब दौर आया होगा बट फिल्में तो वो करते रहे हैं और आज भी लोग उन्हें एक हीरो के रोल में ही देखना चाहते हैं। नहीं पास्ट इज नॉट द प्रेसिडेंट ऑफ द फ्यूचर ऑलवेज। ठीक है? करते रहे हैं। ये आप सही कह रही हैं। पर क्या 2026 में भी इनकी गाड़ी ऐसे ही चलेगी? क्या 27 में भी ऐसी ही गाड़ी चलेगी? मैं आपके पडकास्ट के माध्यम से लोगों को सलमान खान का भविष्य दिखाने की कोशिश कर रहा हूं। भूतकाल नहीं पीछे इन्होंने क्या किया यह तो पब्लिक ने फिल्में जो की वो पब्लिक ने देखी और इनके कुकर्म काफी मैंने देखे हां और भी कई लोगों ने देखे हैं। तो अब समय बदल गया है। अब इनके कर्म की इनका फल मिलेगा और फिल्में अब नहीं मिलेंगी।
अब रहस्य के इनका परिवार ही इनके साथ फिल्म अनाउंस करता रहता है। खुद के पैसे लगाएंगे और बनाएंगे। अगर रहेंगे बाहर जेल से वरना जेल में जाएंगे तो सलमान खान का भविष्य तो तय है और वह अंधकार में हैं और मैं उनके लिए बस दुआ कर सकता हूं कि भगवान उनको लंबी आयु दे और उनके पिताजी को भी बहुत लंबी आयु दे। हां इनके दोनों भाइयों की आयु भी इन दोनों को मिल जाए क्योंकि इनके भाई जिए या मरे किसी को फर्क नहीं पड़ता। दोनों निकम्मे हैं बोझ हैं धरती पे। पर सलमान लंबा जीना चाहिए और सलीम खान को लंबा जीना चाहिए क्योंकि सलमान जितना लंबा जिएगा उतना तकलीफ में जिएगा उतना तड़पेगा उतना रोएगा हां उतना दर्द होगा उसको और जितना सलीम खान लंबा जिएंगे उतना उनको सहन नहीं होगा उनको भी तकलीफ होगी क्योंकि वो राजा की जान तोते में बसी है।
वो कहते हैं ना सलीम खान की जान तो वहां बसी है। तो इन दोनों की मैं लंबी आयु की कामना करता हूं और कामना करता हूं कि सलमान सोहेल और अरबाज की उम्र भी सलीम खान और सलमान को लग जाए। एक चीज तो है अक्षय डिसिप्लिन बहुत है। सेट पे बड़ा टाइम से आता है। अनलाइक मेनी अदर्स। आई डोंट थिंक शाहरुख इज अ सुपरस्टार आल्सो। पर आपके पॉडकास्ट के नीचे कमेंट्स पढ़े हैं मैंने। तमाम और हजारों दसियों हजार कमेंट्स हैं। और लोग कह रहे हैं कि मैं सच बोल रहा हूं। और इतने सारे लोग कह रहे हैं कि मैं सच बोल रहा हूं। किसी को नहीं डर लग रहा सलमान खान से। मेरे लिए सबसे बड़ा वैलिडेशन यही है।
