हेमा मालिनी की दो बेटियों को विरासत का कितना हिस्सा मिलेगा ?

धर्मेंद्र जो सिल्वर स्क्रीन पर हीमैन कहलाए। उनकी जिंदगी जितनी खुली किताब रही उतनी ही कुछ पन्नों में निजी और शांत भी रही। आज हम उनकी एक मजबूत विरासत की बात करेंगे जिसे उनकी छह संतानों ने आगे बढ़ाया। लेकिन हमारा खास ध्यान उनकी चारों बेटियों पर होगा। जिन्होंने पिता की शोहरत के साथ जीना तो सीखा पर हर किसी ने अपना रास्ता खुद चुना। यह कहानी शुरू होती है प्रकाश कौर और धर्मेंद्र की पहली जिंदगी से। धर्मेंद्र जब 1954 में सिर्फ 19 साल के थे तब प्रकाश कौर से शादी हुई। सुपरस्टारडम आने से बहुत पहले ही यह दोनों चार बच्चों के माता-पिता बन चुके थे। उनके बेटे सनी और बॉबी ने तो पिता की राह पर चलकर शहरत कमाई। लेकिन उनकी दोनों बेटियां विजेता और अजीता अपनी मां प्रकाश कौर की तरह हमेशा लाइमलाइट्स कैमरा एक्शन से दूर रहीं। विजेता देओल जिनका जन्म 1962 में हुआ वो बॉबी देओल से बड़ी हैं। धर्मेंद्र का अपनी इस बेटी से लगाव इतना गहरा रहा कि उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस का नाम ही विजेता फिल्म्स रखा। इसी बैनर के नीचे बेताब, घायल, बरसात और अपने जैसी सफल फिल्में बनी। विजेता ने फिल्मों को अपना करियर नहीं चुना। उन्होंने दिल्ली के बिजनेसमैन विवेक गिल से शादी की और वहीं नई दिल्ली में रहती हैं। वो राजकमल होल्डिंग्स एंड ट्रेडिंग्स प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं।

उनके दो बच्चे हैं। बेटी प्रेरणा गिल जो एक राइटर और एडिटर हैं और बेटा साहिल गिल। वहीं उनकी छोटी बहन अजीता देओल जिनका जन्म 1966 में हुआ। वह देओल परिवार की अकादमी पावर हाउस मानी जाती हैं। उन्होंने तो बॉलीवुड से और भी ज्यादा दूरी बना ली। अजीता ने एक नहीं बल्कि कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। वह साइकोलॉजिस्ट, टीचर, एकेडमिशियन रही और यहां तक कि उन्होंने डेंटिस्ट्री में भी काम किया। उन्होंने इंडियन अमेरिकन डेंटिस्ट किरण चौधरी से शादी की और वह कैलिफोर्निया यूएस में रहती हैं। आज वह सैन फ्रांसिस्को के एक स्कूल में साइकोलॉजी प्रोफेसर हैं। उनकी भी दो बेटियां हैं। निकिता चौधरी जो एक डेंटिस्ट है और प्रियंका चौधरी जो डेंटिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट दोनों हैं।

निकिता और प्रियंका भी अपने पिता की तरह मेडिकल फील्ड में सक्रिय हैं। इन दोनों बहनों ने जो शांत जीवन चुना वह किसी विद्रोह से नहीं बल्कि सादगी और शांति की चाह से प्रेरित था। ठीक अपनी मां प्रकाश कौर की तरह वे जरूरी पारिवारिक मौकों पर नजर आती हैं। पर मीडिया की चकाचौंध से हमेशा दूर रहती हैं। कई रिपोर्ट्स बताते हैं कि अजीता और विजेता को 60 सालों से भी ज्यादा समय तक लाइमलाइट से दूर रखा गया और उनके भाई सनी और बॉबी से उनका रिश्ता मजबूत है। इसके बाद धर्मेंद्र के जीवन में दूसरा अध्याय आया जब 1980 में उन्होंने हेमा मालिनी से शादी की। इस विवाह से उनकी दो और बेटियां हुई।

ईशा देओल 1981 और अहना देओल 1985 यहां एक दिलचस्प और विरोधाभासी बात सामने आती है। धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि उनकी कोई भी बेटी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखे। यह बात ईशा देओल ने खुद कई इंटरव्यू में बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता सही मायनों में रूढ़िवादी थे और पंजाबी परंपरा को मानते थे। धर्मेंद्र चाहते थे कि उनकी बेटियां 18 साल की उम्र तक शादी करके घर बसा लें क्योंकि वह घर की महिलाओं को दुनिया की बुरी नजरों से बचा कर रखना चाहते थे। यही वजह थी कि विजेता और अजीता ने तो फिल्मों से दूरी बना ली लेकिन जब ईशा ने बॉलीवुड में आने का मन बनाया तो उन्हें पिता के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।

हेमा मालिनी ने अपनी मेमोर में भी इस बात को स्वीकार किया कि धर्मेंद्र को ईशा का डांस या डेब्यू करना पसंद नहीं था। ईशा ने बताया कि उनके पिता पज़ेसिव और रूढ़िवादी थे। हालांकि ईशा ने अपनी मां हेमा मालिनी से प्रेरणा ली। ईशा ने कहा मेरे घर में मेरी परवरिश बहुत अलग रही। अपनी मां को फिल्मों में अभिनय करते और उनके नृत्य को देखकर मुझे दिशा मिली।

हेमा मालिनी ने चोरी छिपे ईशा की मदद की और अंततः ईशा ने अपने पिता को मना लिया। 2011 में धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी द्वारा निर्देशित फिल्म टेल मी ओ खुदा में ईशा के साथ काम किया जो बताता है कि समय के साथ उनका नजरिया बदला। ईशा देओल ने अपने भाइयों की तरह बॉलीवुड में कदम तो रखा लेकिन उन्हें वैसी सफलता नहीं मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईशा देओल की अपनी संपत्ति 50 से 100 करोड़ के बीच बताई जाती है। वहीं उनकी छोटी बहन आना देओल ने भी शुरुआत में फिल्मों में कदम रखा। पर जल्द ही पारिवारिक जीवन पर ध्यान केंद्रित कर दिया। आना एक प्रशिक्षित उड़ीसी डांसर भी हैं और उन्होंने कई बार अपनी मां हेमा मालिनी और बहन ईशा के साथ स्टेज शो में परफॉर्म भी किया है। आना की शादी दिल्ली के बिजनेसमैन वैभव बोहरा से हुई है। उनका एक बेटा डेरियन और जुड़वा बेटियां एडिया और एस्ट्रिया है।

वहीं ईशा ने हाल ही में अपने पति भरत तक्तानी से अलग होने का फैसला लिया और वह अपनी दो बेटियों राध्या और मिराया की सिंगल मदर है। धर्मेंद्र की चारों बेटियां अलग-अलग जीवन जीती हैं। लेकिन उनके बीच प्यार और सम्मान हमेशा बना रहा। ईशा देओल ने एक बार यह भी बताया कि जब धर्मेंद्र के बड़े भाई अजीत देओल यानी अभय देओल के पिता बीमार हुए तो ईशा ने अपने बड़े भाई सनी देओल को फोन किया और उनसे मिलने घर गई। जो उनके चाचा का हालचाल जानने का एकमात्र रास्ता था। यह मुलाकात जो 30 साल बाद हुई बताती है कि दोनों परिवारों में प्यार का बंधन आज भी अटूट है। हाल ही में जब धर्मेंद्र जी का निधन हुआ तब उनकी 400 से 450 करोड़ की संपत्ति के विरासत को लेकर सवाल उठे। लेकिन सनी देओल जो अब परिवार के मुखिया की भूमिका में है। ने स्पष्ट किया कि विरासत को लेकर कोई ड्रामा या विवाद नहीं होगा। परिवार के करीबी सूत्रों ने कहा कि ईशा और आहाना संपत्ति पर कोई मांग रखने के लिए उत्सुक नहीं है।

लेकिन सनी यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें उनका हक मिले जैसा उनके पिता चाहते थे। इस सबके बीच आना देओल ने पैसों या बंगलों की जगह अपने पिता की विंटेज फिएट कार को विरासत में लेने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि उस कार से उनके बचपन की प्यारी यादें जुड़ी हैं जो दिखाता है कि इन बेटियों के लिए भावनात्मक जुड़ाव किसी भी संपत्ति से ज्यादा मायने रखता है।

धर्मेंद्र की यह चार बेटियां चाहे वह दिल्ली और कैलिफोर्निया में रहने वाली शांत और विद्वान विजेता अजीता हो या बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाली ईशा और आहाना सभी ने अपने पिता के प्यार और सम्मान को हमेशा दिल में रखा।

Leave a Comment