कौन है रीनू देबनाथ ?छोटे कमरे से बानी बड़ी स्टार।

आज हम एक ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने लॉकडाउन के वक्त कुछ ऐसा कर दिखाया जिससे आज वो दुनिया में फेमस हो गई। जी हां, इस क्रिएटर का नाम है रेनू देवनाथ। जब दुनिया मार्च 2020 में लॉकडाउन में चली गई तब बंगाल की दो बहनें डर में नहीं बल्कि पुणे के एक ढाबे के पीछे बने छोटे से कमरे में फंस गई। जो 1 महीने की फैमिली छुट्टी होनी थी वह सालों की जद्दोजहद हंसी और आखिरकार बदलाव में बदल गई।

जब रेणू और रचना देवनाथ 2020 में पुणे पहुंची तभी भारत में कोविड लॉकडाउन लग गया। ट्रेनें बंद हो गई। होटल बंद हो गए और परिवार एक अनजान शहर में फंस गया। उनके पिता पुणे में एक छोटा सा ढाबा चलाते थे और बहनें अपने माता-पिता के साथ कुछ हफ्ते बिताने आई थी। फिर वापस शांतिपुर लौटना था जो अपने हैंड वोवन साड़ियों के लिए मशहूर है। रेणू याद करती हैं और कहती हैं वह कोई ठीक कमरा भी नहीं था। वह एक बहुत छोटा सा कमरा था जिसमें प्लाई वुड की पार्टीशन थी। कोई दरवाजा नहीं, कोई प्राइवेसी नहीं, बस एक पर्दा और हम चारों एक साथ किसी तरह एडजस्ट कर रहे थे।

रचना बताती है कि कैसे एक ही रात में सब कुछ बदल गया और आने वाले महीनों ने उनकी हिम्मत की परीक्षा ले ली। उन्होंने कहा, हमारी मां घर में साड़ियां बुनती थी, वह बंद हो गया। पापा का ढाबा बंद था और अचानक कोई इनकम नहीं थी। लॉकडाउन बढ़ता गया और घर जाने में जितनी परेशानी थी उससे ज्यादा यहां रहकर साथ रहना आसान लगा। पर इनकम का कोई जरिया नहीं था। रचना ने कहा कि पापा ही कमाने वाले थे लेकिन ढाबा फिर से शुरू करने के लिए लोग नहीं थे और कर्मचारियों को देने के लिए पैसे भी नहीं थे। तो हमने तय किया कि हम ही ढाबा संभालेंगे। मैं चपाती बनाती थी रेणू बर्तन धोती थी।

हम यह इसलिए कर रहे थे क्योंकि यह तरीका था साथ रहने का और काम चलाने का। गर्मतंग कमरे में दिन एक जैसे गुजरते थे लेकिन रेणू की क्रिएटिविटी खत्म नहीं हुई। उन्होंने कहा मुझे हमेशा से एक्टिंग पसंद थी। मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी नहीं थी। वो हंसते हुए कहती है, स्कूल में मैं टीचर्स की मिमिक्री करती थी और सबको हंसाती थी। परफॉर्म करना मुझे खुश करता था। दोनों बहनों ने एक स्मार्टफोन और दीवार को बैकग्राउंड बनाकर छोटे-छोटे स्केच वीडियो बनाना शुरू किया। उन्होंने कहा हमने पहले TikTok पर मजे के लिए वीडियो बनाए। फिर YouTube चैनल बनाया। डांस, लिप्सिंग, खाने के वीडियो सब कुछ। रचना बताती हैं, धीरे-धीरे यह समय काटने के लिए शुरू किया गया काम उनका जुनून बन गया। हमारे चैनल ने 8 महीने में 1 लाख सब्सक्राइबर पा लिए। लेकिन फिर मुझे कॉपीराइट के कारण चैनल डिलीट करना पड़ा। रेणू कहती हैं, लेकिन इस हार ने उसे रोका नहीं।

2023 में रेनू ने रिलेटेबल मजेदार एक्टिंग वीडियो डालने शुरू कर दिए अपने असली आवाज के साथ ताकि कंटेंट असली लगे। लेकिन ढाबे के स्टाफ रूम में शूट करना आसान नहीं था। वह इंतजार करती थी कि ढाबा शांत हो जाए। फिर डायलॉग रिकॉर्ड करती थी। रेणू हंसते हुए बताती हैं। पापा किचन से चिल्लाते रेणू फिर शूट कर रही है। मैं 6:00 बजे से पहले शूट कर लेती थी। उसके बाद कस्टमर आ जाते थे और शोर आ जाता था। पर इन हंसते वीडियो के पीछे चिंता भरी रातें थी। परिवार ने लॉकडाउन में गुजारा करने के लिए बैंकों, फाइनेंस एप्स और क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था। कभी-कभी किराया देने के पैसे भी नहीं होते थे। 2024 तक रेणू के वीडियो वायरल होने लगे। एक साल में उनके यू ट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 20 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हो गए।

यह बिल्कुल विश्वास करने लायक नहीं था। वो कहती हैं वहीं कमरा जहां कभी हमने सोने में दिक्कत होती थी वहीं उनकी जिंदगी भी बदलने लगी थी। अब देवनाथ परिवार एक बेहतर घर में रहता है। वह घर जाते समय फ्लाइट से सफर करते हैं। कुछ ऐसा जिसे उन्होंने कभी नहीं सोचा था। उनके माता-पिता का ढाबा भी अब चल पड़ा है। रेणू की पॉपुलरिटी की वजह से। जब पूछा गया कि उन्हें आगे बढ़ाता क्या रहा? दोनों बहनों का जवाब एक ही था। अपने माता-पिता। रेनू ने कहा, “हमने उन्हें हर दिन संघर्ष करते देखा। यही हमारी ताकत बना। मैं हार नहीं मान सकती थी क्योंकि उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

इसलिए सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग लिखते हैं कि रेनू की एक्टिंग लाजवाब है। रेनू की एक्टिंग के आगे बॉलीवुड भी फेल है।

Leave a Comment