बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान के नाम पर दुबई में रियलस्टेट प्रॉपर्टी बन रही है। शाहरुख खान के नाम से 56 मंजिला इमारत दुबई में एक नया पता होगा। शाहरुख खान के नाम पर बन रही बिल्डिंग में हेलीपैड से लेकर स्विमिंग पूल जैसी तमाम लग्जरी सुविधाएं होंगी।
अब सवाल यह है कि आखिर दुबई को शाहरुख खान से इतना प्यार क्यों है? कौन है जो किंग खान के नाम पर यह इमारत बना रहा है? दरअसल दुबई में शाहरुख खान के नाम पर 56 मंजिला इमारत रिज़वान साजन बना रहे हैं। रिज़वान साजन डेनियो प्रॉपर्टी के फाउंडर और चेयरमैन हैं। आज हम इस वीडियो में इन्हीं के बारे में बात करने वाले हैं। साथ ही आपको बताएंगे रिज़वान साजन की कहानी क्या है?
बहुत छोटे बिजनेस से शुरुआत करके उन्होंने इतनी बड़ी कंपनी कैसे बना ली? उनके पास आखिर कितनी दौलत है? दरअसल दुबई की सबसे बड़ी रियलस्टेट कंपनी डेनियब ग्रुप की कमान एक भारतीय के हाथ में है। रिज़वान साजन दुबई के सबसे अमीर भारतीयों में से एक हैं। शाहरुख खान के नाम पर वो एक नई बिल्डिंग बना रहे हैं जो कि 56 मंजिला है। करीब 4.5 लाख वर्क फीट में बनने वाली प्रीमियम ऑफिस स्पेस प्रॉपर्टी होगी जिसमें हेलीपैड, स्विमिंग पूल, गेम ज़ोन सब होगा। आपको बता दें रिजवान साजन का जन्म भारत में हुआ है। मुंबई के मिडिल क्लास में पले पैसों के लिए स्ट्रीट वेंडर का काम किया। कभी किताबें बेचीं तो कभी पटाखे तो कभी घर-घर जाकर दूध बेचा।
16 साल में अनाथ हो गए रिज़वान ने साल 1981 में कुवैत चले गए थे। जहां उन्होंने अपने चाचा की दुकान पर काम कर सेल्समैन की नौकरी की। यहीं से उनके रियलस्टेट सेक्टर में घुसने की शुरुआत हुई। उन्होंने साल 1993 में अपनी कंपनी डेनिय ग्रुप को लांच किया। धीरे-धीरे वह कंस्ट्रक्शन मटेरियल, होम डेकोर और रियलस्टेट के किंग बन गए। साल 2019 में उनकी कंपनी ने 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सालाना कारोबार हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उनके पास तकरीबन ₹830 करोड़ की प्रॉपर्टी है। यूएई के अलावा उन्होंने अपना कारोबार भारत, चीन, कनाडा, क़तर, सऊदी अरब, बहरीन और ओमान तक फैला लिया है।
फोब्स इंडिया के मुताबिक आज उनकी कंपनी का सालाना कारोबार $ बिलियन का है। रिवान मुंबई के घाट कोपर के स्लम एरिया में पैदा हुए थे। इनका बचपन भी मुंबई की इन्हीं झुग्गियों में बीता है। रिज़वान ने फोब्स को बताया कि उनके पिता ने एक लॉटरी जीती थी। इसके बाद वो एक छोटे घर में शिफ्ट हो गए थे। वो अपनी बहन के साथ कई किलोमीटर का रास्ता तय करके स्कूल पैदल जाते थे। उन्हें इतने पैसे नहीं मिलते थे कि वह स्कूल की कैंटीन से कुछ खरीद कर खा सकें। उन्होंने उसी समय सोच लिया था कि वह पैसा कमाने पर ध्यान देंगे। रिज़वान ने अपने पिता से ₹1000 उधार लिए। उन्होंने थोक में कुछ किताबें खरीदी और अपने दोस्त को मार्केट रेट पर बेच दी। इससे उन्हें कुछ कमाई हुई। इसके बाद उन्होंने दूध भी बेचना शुरू किया। पिता के गुजरने के करीब 2 साल बाद उनके अंकल ने कुवैत में नौकरी का ऑफर दिया। मुंबई में जहां वह ₹6000 महीना कमा रहे थे। कुवैत में उनकी सैलरी 150 दिन उस वक्त करीब ₹18,000 थी।
रिज़वान बताते हैं कि यह उनके लिए लॉटरी लगने जैसा था। उन्होंने कुवैत में नौकरी शुरू कर दी। यहां वह ट्रेनी सेल्समैन थे। धीरे-धीरे पद और सैलरी दोनों बढ़ते गए। साल 1993 में उन्होंने एक ट्रेडिंग फर्म की स्थापना की। इसके बाद फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। रिजवान साजन के परिवार की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम है समीरा सज्जन। उनका एक बेटा भी है जिसका नाम है आदिल सज्जन जो डेनियम ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं।
रिजवान का एक छोटा भाई भी है जिनका नाम है अनीस साजन जो डेनियम ग्रुप में वाइस चेयरमैन है। इसके अलावा उनके परिवार में शबनम कसम नाम की एक बहन भी हैं। पूरा परिवार अक्सर एक साथ काफी इवेंट्स और बर्थडे सेलिब्रेशन में दिखाई भी देता है।
