टूटी हड्डियां-बिगड़ा चेहरा..सड़क हादसे ने तबाह की एक्ट्रेस की जिंदगी।

वो चेहरा जो कभी खूबसूरती की मिसाल हुआ करता था। जिसकी मासूमियत ने ना जाने कितने दिलों के तार छेड़े थे। वक्त का सितम देखें। अब वही चेहरा उस दर्दनाक हादसे की गवाही देता है। जिसने अनु अग्रवाल को लगभग निधन के मुंह में पहुंचा दिया था। 1 लाख टुकड़ों में टूटी हड्डियां, बिगड़ा चेहरा, आधे शरीर में लकवा, कोमा और लंबे वक्त तक याददाश्त का खोना।

आज अनु अग्रवाल को देख कौन कह सकता है कि इस हंसते मुस्कुराते चेहरे ने जीते जी निधन जैसा दर्द झेला था। बीते दिनों अनु अग्रवाल एक अवार्ड नाइट में पहुंची। रेड कारपेट पर पेप्राजी को अलग-अलग एंगल से पोज़ देती बॉलीवुड की ओरिजिनल आशिकी गर्ल के ये वीडियोस अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।

जिन्हें देख लोगों को याद आ रहा है वो किस्सा जब आशिकी गर्ल अनु अग्रवाल के साथ हुआ था रूह का पा देने वाला जानलेवा हादसा। जिसमें एक्ट्रेस की जान तो बच गई लेकिन उनकी जिंदगी तबाह हो गई। 56 साल की अनु अग्रवाल को देख अब उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है कि यह वही मासूम आशिकी गर्ल है।

बता दें कि अनु अग्रवाल साल 1999 में एक भयंकर सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। 30 साल की अनु देर रात एक पार्टी से लौट रही थी। जब उनकी मर्सिडीज़ कार का भयानक एक्सीडेंट हो गया था।

बताया जाता है कि अनु की कार सड़क पर कई बार पलटियां खाकर बुरी तरह से तहस-नहस हो गई थी। उस गाड़ी में अनु अकेली थी और इस कदर घायल हो गई थी कि उन्हें गाड़ी काट कर निकालते वक्त पुलिस वाले भी यह पहचान नहीं पाए थे कि वह बॉलीवुड एक्ट्रेस अनु अग्रवाल हैं।

मुंबई की सड़क पर तड़पती अनु को किसी ने नहीं पहचाना। अनु को मुंबई पुलिस ने घायल अवस्था में ब्रच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। हादसे के बाद वह कोमा में चली गई।

उन्हें लगभग 1 महीने तक होश नहीं आया। करीब 29 दिनों तक कोमा में रहने के बाद जब अनु होश में आई तब वह सब कुछ पूरी तरह से भूल चुकी थी। यहां तक कि खुद को भी।

हालांकि होश में आने के बाद अनु का सामना नई मुश्किलों से हुआ क्योंकि सिर में लगी गंभीर चोट के चलते वो अपनी पिछली जिंदगी भुला बैठी थी। उनकी याददाश्त बुरी तरह से चली गई थी। अनु का आधा शरीर लकवाग्रस्त हो गया था। हाथ पैरों के साथ ही चेहरे की भी कई हड्डियां बुरी तरह से टूटी हुई थी।

उनका चेहरा पूरी तरह से डिस्लोकेट हो गया था। एक दर्जन से ज्यादा सर्जरी और 3 साल तक चला लंबा इलाज। इसके बाद कहीं जाकर अनु की याददाश्त वापस आ पाई थी। बरसों बाद अनु ने अपने साथ हुए हादसे और उससे मिले ट्रॉमा के बारे में खुलासे किए थे। इंटरव्यू में अनु ने बताया था कि यह जिंदगी और मौत का मामला था। मैं कोमा में थी। सवाल मेरे ठीक होने का नहीं था। लेकिन क्या मैं जिंदा रहूंगी इसका था।

मैं 29 दिनों तक कोमा में थी। किसी को नहीं लगा था कि मैं अपने पैरों पर कभी खड़ी भी हो पाऊंगी क्योंकि मेरी बॉडी में कई सारे फ्रैक्चर हुए थे। शरीर 1 लाख टुकड़ों में टूट गया था। लेकिन मैं पॉजिटिव रही। मुझे पूरा यकीन था कि मैं ठीक हो जाऊंगी। मुझे याद है जब मैं उठी थी तो मुझे एक न्यूली बोर्न बेबी की तरह फील हो रहा था। लेकिन वापस जिंदगी में लौटने में मुझे सालों लग गए।

इस हादसे ने अनु के चेहरे की वह खूबसूरती छीन ली थी जिसने उन्हें रातोंरात शोहरत दिलवाई थी। मल्टीपल फ्रैक्चर्स के साथ उनका चेहरा बुरी तरह से बिगड़ गया था। उनकी कई सर्जरीज हुई थी। इंटरव्यू में अनु ने चेहरे की को लेकर बताया कि एक्सीडेंट के बाद टूटी हुई हड्डियों को ठीक करने और बॉडी का फंक्शन नॉर्मल करने के लिए मेरी कई

ट्रिटमेंट हुई हैं। सीधे शब्दों में कहूं तो जिंदा रहने के लिए मुझे कई सर्जरी करवानी पड़ी। लोग सोचते हैं कि मेरी कॉस्मेटिक सर्जरी हुई है क्योंकि मेरा चेहरा पहले के चेहरे से अब काफी अलग दिखता है। इस एक्सीडेंट के बाद मेरी टूटी हड्डियों को ठीक करने के लिए और मेरे शरीर के लिए कई सर्जरी हुई लेकिन बस मेरे जिंदा रहने के लिए। अनु अग्रवाल अब नॉर्मल जिंदगी में लौट आई हैं, लेकिन फिल्मों से उन्होंने दूरी बना ली है।

हालांकि कभी कभार वो बॉलीवुड इवेंट्स में नजर आ जाती हैं। जानकारी के लिए बता दें कि महज 21 साल की उम्र में अनु ने महेश भट्ट की फिल्म आशिकी से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। सांवली सलोनी और लंबे कद की सीधी सादी दिखने वाली अनु को आशिकी से नेम और फेम दोनों मिला। आशिकी के बाद अनु ने 6 साल में छह फिल्मों में काम किया। जिसमें किंग अंकल, खलनायका, गजब तमाशा, कन्यादान, जन कुंडली और रिटर्न टू ज्वेल थीफ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। हालांकि इन फिल्मों से अनु को फिल्म आशिकी जैसी पॉपुलैरिटी हासिल नहीं हो पाई।

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