आज की कहानी है पुलिस के उस ईमानदार अफसर की जिसने पूरी जिंदगी कानून और व्यवस्था की रक्षा में गुजार दी। जिसने वर्दी पहनकर अपराधियों को सजा दिलाई। वही शख्स अपने बुढ़ापे की उम्र में अपने ही घर में रस्सियों में जकड़ा हुआ मिले। तो आपको कैसा लगेगा?
यह कहानी है मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की जहां रिटायरमेंट के पैसों को लेकर एक रिटायर्ड डीएसपी को उसकी ही पत्नी और उसके ही बेटों ने बंधक बना लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। वीडियो में पूर्व डीएसपी प्रतिपाल सिंह यादव जमीन पर अवस्था में पड़े हुए दिखाई देते हैं। छाती पर उनका छोटा बेटा चढ़ा हुआ है। जबकि बड़ा बेटा पिता के पैर को रस्सी से बांधकर घसीटता नजर आ रहा है। यह नजारा किसी को भी झकझोर देगा। दरअसल, रिटायरमेंट के पैसों को लेकर यह विवाद पिछले 14 सालों से चला आ रहा है।
पूर्व डीएसपी के पत्नी और दोनों बेटे अलग रह रहे थे। लेकिन जैसे ही पैसे आने का समय आया पूरा परिवार घर आधमका। आरोप है कि पत्नी और बेटों ने मिलकर पूर्व डीएसपी को बंधक बनाया। एटीएम कार्ड छीन लिया और पैसों के लिए टॉर्चर करने लगे। जिसका वीडियो भी है। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड डीएसपी के खाते में करीब ₹50 लाख जमा होने का अनुमान है। जिनमें से ₹20 लाख पहले ही आ चुके हैं और बाकी रकम आने वाली है। इन्हीं पैसों पर बेटों और पत्नी की नजर थी।
इसलिए वह तुरंत आ गए। पड़ोसियों का कहना है कि जब उन्होंने विरोध करने की कोशिश भी की तो पत्नी माया यादव अपने पति का एटीएम कार्ड लेकर रफूचक्कर हो गई। वही कार्ड जिसमें ₹ लाख जमा बताए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब शिवपुरी की पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने पूर्व डीएसपी की पत्नी माया यादव और दोनों बेटे अभ्यास और आकाश दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिटी एसपी प्रशांत शर्मा ने कहा है कि यह बेहद गंभीर मामला है।
पूर्व डीएसपी के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट के सबूत भी सामने आ गए हैं। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई की जाएगी। ऐसा पुलिस ने दावा किया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है क्या रिटायरमेंट के पैसों की भूख इंसान को इतना अंधा बना सकती है कि वो अपने ही पिता को बंधक बना लें? अपने ही पिता की छाती पर चढ़ जाएं। पैरों को रस्सियों से बांध दें। जिन बेटों को पालने के लिए पिता ने पूरी उम्र खपा दी, वही औलाद उसकी छाती पर चढ़ जाए। यह सिर्फ अपराध नहीं बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना है।
अब एक पिता के दिल की कोमलता को आप देखिए। इतना कुछ हो जाने के बाद भी पूर्व डीएसपी प्रतिपाल ने पुलिस को आवेदन देकर सिर्फ अपना मोबाइल और एटीएम वापस दिलाने की ही गुहार लगाई।
लेकिन बेटों पर अपनी तरफ से कोई भी एफआईआर उन्होंने कराने से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना है कि वे अपने बेटों का भविष्य खराब नहीं करना चाहते। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर रिश्तों की कीमत पैसों से कब तक तो ली जाएगी।
