बिहार के पटना की स्कूल में मुस्लिम बच्ची ने आग में गवाई जान।

रोती बिलखती मां सिस्टम के आगे सिर पटकते इन परिजनों की बेचैनी देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इनके साथ क्या हुआ होगा। दरअसल इनकी बेटी जोया परवीन की स्कूल के बाथरूम में आग में जान गई। बच्ची पांचवी कक्षा में पढ़ती है और आरोप है कि स्कूल के बाथरूम में जाकर बच्ची ने खुद को आग लगा ली।

लेकिन एक मां एक परिवार को इस बात पर कैसे यकीन होगा? परिवार वालों ने खबर सुनते ही स्कूल में बवाल मचा दिया और बस इस बात पर अड़ गए कि बच्ची आत्महत्या नहीं कर सकती। बच्ची को स्कूल में किसी ने जलाकर मारा है। नमस्कार हमारे खास शो यह हिंदुस्तान है।

संविधान से चलेगा में आपका स्वागत है दिल दहला देने वाला यह मामला बिहार में पटना के गर्दनी बाग इलाके के आमला टोला कन्या विद्यालय का है। जहां इस पांचवी कक्षा की छोटी बच्ची की जान गई।

27 अगस्त यानी बीते कल रोज की तरह स्कूल चल रहा था। बच्चे और शिक्षक स्कूल में मौजूद थे कि अचानक किसी के बुरी तरह चिल्लाने की आवाज आती है। आनन-फानन में सभी निकल कर देखते हैं तो बाथरूम में जोया आग में तड़प-तड़प कर रही थी। जोया का पूरा शरीर आग में बुरी तरह झुलस गया था।

जोया वाशरूम में थी लेकिन शुरुआत में गेट बंद था। आग बुझाने की कोशिश में लगे लोगों ने देखा कि बाथरूम में केरोसिन तेल की बोतल पड़ी है और जोया के शरीर पर भी केरोसिन ही छिड़का था। जिसके बाद आनन-फानन में जोया को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। जिसके कुछ घंटों बाद ही जोया ने दम तोड़ दिया।

इस दौरान जोया के भाई शहबाज ने भी चौंकाने वाला बयान दिया। उसने बताया कि हम लोग क्लास में बैठे थे। पता चला कि आग लगी है। वह वाशरूम में थी। गेट बंद था। तेल छिड़का गया है। मैंने सर से कहा कि मुझे जाकर देखने दीजिए। मैंने देखा कि मेरी बहन का बैग ले जाया जा रहा है। बाद में मुझे बताया गया कि वह मेरी बहन थी। सर मुझे जाने नहीं दे रहे थे। मैं अपनी बहन को देख ही नहीं पाया। बहन को तेल से मारा गया है।

उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। बच्ची की मौत के बाद यह आरोप लगा दिया गया कि खुद जोया ने ही अपने ऊपर छिड़क कर आग लगा ली। यानी जोया ने की है। लेकिन परिजनों का आरोप तो कुछ और है। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चियों के साथ शुरुआत से ही छेड़छाड़ की जाती रही है। उन्हें ब्लू फिल्म तक दिखाई जाती थी।

इसी कारण जोया भी स्कूल नहीं जाती थी। लोगों ने स्कूल के आसपास नशे की गतिविधियों की भी शिकायत की थी। वह इसी बात पर अड़े हुए हैं कि इतनी छोटी बच्ची सुसाइड कर ही नहीं सकती। उसे जलाया गया है। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। तो वहीं एक हैरान कर देने वाली बात यह भी सामने आई कि जोया पिछले 4 से पांच दिनों से स्कूल गई ही नहीं थी। तो वहीं बच्चों ने बताया कि जिस वाशरूम में जोया जलकर मर गई वो वाशरूम तो काफी लंबे समय से बंद पड़ा है।

यानी कि जिस दिन जोया आई उसी दिन वो वाशरूम खोला गया। आखिर क्यों? इस मामले पर हमारे पत्रकार की ग्राउंड रिपोर्ट भी देखिए और पूरी घटना को नजदीक से समझिए। पांचवी क्लास की छात्रा जोया अहमद की निधन की गु्थी 24 घंटे के बाद भी अनसुलझी है।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को सुलझाने के लिए पटना एसएसपी ने सिटी एसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। जिसमें ना सिर्फ पुलिसकर्मी बल्कि फॉरेंसिक की टीम को भी इसमें शामिल किया गया है। लेकिन अब तक की जांच के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है और अभी तक इस बात को लेके इस तस्वीर साफ नहीं हो पाई है कि जोया ने खुद से आग लगाई थी या फिर किसी ने उसे आग लगाया था।

फिलहाल जोया के जो आखिरी बयान था उसमें केरोसिन का जिक्र आया था। लेकिन केरोसिन क्या किसी ने उस पर फेंका था या फिर उसने खुद बाथरूम में ले जाकर आग लगाई थी। इसको लेकर अभी तक जांच जारी है। यह वो रास्ता था जहां पर जो है इस रास्ते से गई हालांकि सीसीटीवी कैमरे यहां पे लगे हुए हैं। लेकिन जो जानकारी मिल रही है कि इसकी जो सीसीटीवी जो तस्वीरें हैं उसमें तस्वीरें साफ नहीं हो पाई है जोया को जाते हुए देखने के लिए क्योंकि डीवीआर में कुछ समस्या थी जिसे एक्सपर्ट के लिए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है डीवीआर को। लेकिन इसके बाद जिस तरीके से परिजन लगातार आरोप लगा रहे हैं स्कूल के शिक्षक पर खासकर कई शिक्षकों का नाम भी आया है कि वह क्लास रूम में लड़कियों को ब्लू फिल्म दिखाते थे।

उन्हें टॉर्चर करते थे, हाथ पकड़ते थे और इन सब चीजों को लेके जोया काफी परेशान रहती थी। इस पूरे मामले के बाद परिवार ने स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की। इलाके के लोगों का भी स्कूल प्रशासन पर जमकर गुस्सा फूटा और बुरी तरह स्कूल में तोड़फोड़ की गई। यहां तक कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी पर भी परिजनों ने हमला बोल दिया। इस मामले पर जोया की मां किस तरह से अपना दर्द बयां करते हुए क्या बता रही है वो भी सुन लीजिए। बच्ची बाथरूम में आए दिन ताला बंद रहता है। आज ताला क्यों खुला है? इस बाथरूम में हमेशा कांड होता है सर।

इसमें आए दिन कांड होता है। इसको छिपा दिया जाता है। इसको छिपा दिया जाता है सर। आए दिन का होता है। अजीब बात है कि पांचवी क्लास में पढ़ने वाली बच्ची महज 10 से 11 साल की होगी और इस उम्र में आत्महत्या कैसे की जा सकती है? जोया ने की भी तो उसे स्कूल में केरोसिन कहां से मिल गया? और आखिर स्कूल में आकर ही क्यों? सवाल तो यह भी उठता है कि जो बाथरूम इतने समय से बंद था वो अचानक आज ही क्यों खोला गया? अभी तक तो यह साफ नहीं हो पाया है कि जोया ने आत्महत्या की है या उसके साथ किसी ने हैवानियत की और बाद में उसे मार दिया।

लेकिन पटना में इस मामले पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग इतने आक्रोशित हो गए हैं कि कानून को भी अपने हाथ में लेने पर उतरे हुए हैं। अब देखना होगा कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले पर सख्त कारवाई करते हैं और अगर जोया के साथ वाकई कुछ गलत हुआ है तो क्या उसे न्याय दिला पाएंगे।

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