अक्सर हम अपनी हेल्थ को बढ़िया रखने के लिए बहुत सारे फ्रूट्स खाते हैं यानी कि बहुत सारे फलों का इस्तेमाल करते हैं अपनी डाइट के अंदर ताकि हमारी हेल्थ जो है वो बढ़िया रहे उनमें से एक सबसे इंपॉर्टेंट जो फ्रूट है जो सबसे इंपॉर्टेंट फल है वो है केला जो कि 12 महीने मिल जाता है और उसके साथ-साथ आपकी हेल्थ के लिए बहुत ज्यादा अच्छा होता है कई सारे पोषक तत्व उसमें होते हैं जो आपकी डाइट के लिए बहुत अच्छा होता है और खासकर जो लोग जिम करते हैं.
वर्कआउट करते हैं वो लोग केला जरूर इस्तेमाल करते हैं तो ऐसे में क्या आपको पता है कि बाजार में बिकने वाला जो केला होता है उसमें कई तरीके के केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं ताकि उसको जल्द से जल्द पकाया जा सके और बाजारों में बेचा जा सके आज हम उसी के ऊपर आपको दिखाएंगे कैसे आप असली और नकली केले का पहचान कर सकते हैं एक हम बाजार में पहुंचे हैं और यहां पर देखें आप किस तरीके के केले आपको हर तरफ मिलेंगे कि जिसमें अलग-अलग सेगमेंट जो है वो केले का रखा होगा अ अलग-अलग टाइप का केला जो है वो रखा होगा अ कुछ वेंडर से भी बात करते हैं जो केले बेच रहे हैं उनसे भी बात करते हैं कि क्या पहचान करके वोह बाजार से लेकर मंडी से लेकर जो है केले लेकर आते हैं क्या नाम है आपका सर मेरा नाम है सफी मोहम्मद यह बताए कि आप जब केले खरीदने आते हैं बेचने के लिए तो क्या ध्यान में रखते हैं ध्यान में यह रखता हूं कि अच्छा केला रहता है और बढ़िया क्वालिटी केला लाता हूं और राड सही बेचता हूं गलत राड नहीं ना हमारे की यह बताए कि आप असली और नकली केले के बीच में नकली ना बताए असली तो यही होता है.
देखो पैसा के ऊपर डिमांड है अगर यह 0प है तो असली है और 0 है तो व नकली है 50 है नकली है 0 जाए तो असली है अच्छा यह बताएं आपकी जिस तरीके से बाजार में आपको पता होगा कि नकली केले भी मिलते हैं अब नकली केला बाबू जी अब क्या झूठ बोलूं मैं पहचान मेरे को नहीं है मैं अच्छा क्वालिटी की लाता हूं और अच्छा क्वालिटी की बेचता हूं तो देखें आज हम कोशिश करेंगे कि यह सारे सैंपल जो है वो बाजार में जो है वो ले बाजार से खरीद के ये सारे केले जो है हम लेकर जाएं और लैब्स में लेकर जाए और एक बार पता करें कि आखिर असली और नकली केले की पहचान क्या होती है तो हम यहां से कुछ सैंपल्स जो है हां वो लेकर जाएंगे कोशिश करते हैं.
बाबा यह सैंपल हमें निकाल के दे दीजिए हम इसको टेस्ट करने के लिए लेके जाएंगे और जिससे पता चल पाएगा कि आखिर आप बाजार में किस तरीके से पता कर सकते हैं कि असली और नकली केले क्या होते हैं सभी सेगमेंट में से हम एकएक केला ले रहे हैं ताकि हम ये पता कर पाए कि आखिर असली और नकली केले की पहचान जो है वह कैसे हो सकती है तो इन तमाम चीजों के लिए खासकर याद रखें कि जो नकली केला होता है उसका आपके शरीर पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है आपकी हार्ट कंडीशन के ऊपर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है आपकी पाचन िया को खराब किया जा सकता है तो ये तमाम चीजें होती है क्योंकि सबसे ज्यादा बिकने वाला जो फल है वो भारत में वो केला है और ऐसे में अगर उसमें अगर नकली तत्व पाए जाते हैं नकली केमिकल्स मिलाए जाते हैं.
ताकि उसको जल्द से जल्द पकाया जाए तो उससे आपके सेहत पर बहुत गहरा और बुरा असर जो है वो पड़ सकता है आमतौर पर केला एक ऐसा फल है जो हर वर्ग का व्यक्ति जो है वो खरीदता है खाता है क्योंकि उसमें सारे पोषक तत्व जो है वो होते हैं लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि केले को केमिकल से कैसे बनाया जाता है और खासकर आप जो केला खा रहे रहे हैं क्या वह केमिकल से ही पकाया गया है उसमें किस तरीके के केमिकल्स इस्तेमाल होते हैं और कैसे आप उनकी पहचान कर सकते हैं और जो केले आप केमिकल वाले खा रहे हैं उससे आपको किस तरह की बीमारियां हो सकती हैं इसके लिए हमारे पास मौजूद है इस समय डॉक्टर अजय लेखी जो बताएंगे कि किस तरीके से केले पहचाने जाते हैं ये अलग-अलग तरह के सैंपल्स हमारे पास रखे हुए हैं केले के ये छह अलग-अलग तरीके के केले जो हैं वो रखे हुए हैं अब इसको पहचाने कैसे इसके ऊपर ही हम अजा लिखी सर से बात करेंगे सर सबसे पहले तो यह बताएं कि आप इतने छह तरह के केले हमारे पास रखे हुए हैं कैसे एक आम आदमी पहचान सकता है कि केला कौन सा असली है और कौन सा नकली आपने बिल्कुल ठीक कहा कि एक केला त्यौहार के समय पर अधिक बर्थ रखने वाली औरतें और सब जो भी लोग बर्थ रखते हैं उसमें केला एक बहुत प्राकृतिक रूप से यूज किया जाता है और अधिक मात्रा में यूज किया जाता है और आज यही केला इस समय पर जब डिमांड बढ़ जाती है तो केमिकल से पका के और उसको तुरंत मार्केट में लाया जाता है.
इसमें बात यह आती है कि आम आदमी इसको कैसे पहचाने इन केलो को पहचानने के लिए चार पांच चीजें होती है जो कि आप आमतौर पर कर सकते हैं बड़ी चीज को तो करना बाद की बात है पर थोड़ी सी साधारण सी बातें हैं कि वह आप रेडी के ऊपर ही खड़े होकर इन चीजों को देख सकते हैं जो नकली केला होता नकली केला मतलब जो केला केमिकल से पकाया गया है सबसे पहले उसके अंदर आपको थोड़ा सा हरापन दिखेगा थ इनके तरफ बता सकते हैं आप ये केले हमारे पास है इसके जरिए अगर आप बताए देखें आप इसके अंदर यह हरापन दिख रहा है आपको यह देख रहे हैं आप यह देखिए यह हरापन दिख रहा है आपको यह यह हरा है और कुछ हिस्सा इसका पीला आ रहा है तो यह केमिकल से पका के दिया गया है.
दूसरा इसका तरीका क्या होता है यह क्यों नकली केमिकल से पका हुआ है आप इसको हाथ लगाए यह हार्ड केला है हार्ड लगेगा आपको हर यह ऐसा लगेगा जैसे अंदर से पूर्ण रूप से पकानी क्योंकि जब यह पकता है नेचुरल तरीके से पकता है तो यह मतलब एक तरीके से सांस लेता है अंदर से इस छिलके से जाती है तब वो केला पूरी रूप से पकता है और जो भी प्राकृतिक रूप से केला पका होता है वह हर तरफ से पीले रंग का ही दिखेगा एक जैसे रंग का दिखेगा ना कि कहीं हरा और कहीं ऐसा दिखेगा जो प्राकृतिक रूप से केला पका होता है वो जैसे कि यह केला आप इसको हाथ लगा के देखें आप इसको यह सॉफ्ट लगेगा आपको यह केला आपको जो उससे पका हुआ है यह आपको हार्ड लगेगा जिसम कि हरापन है आप इस केले को ध्यान से देखें कि इसके ऊपर कहीं पे भी हरापन नहीं है कहीं पे भी हरापन नहीं है और इसके ऊपर यह जो दाने दाने से दिख रहे हैं यह इसके प्राकृतिक रूप से पके हुए केले के निशान है यह केला सॉफ्ट होता है.
अगर आप बाल्टी के अंदर इस पानी की नकली केले को डाले तो यह डूब जाता है जो असली केला है वो पानी जो कार्बाइड वाला नकली केला है जो कार्बाइड से पका होता है कैल्शियम कार्बाइड से वो डूबता नहीं है और जो असली केला है वो डूब जाता है तुरंत के तुरंत तो ऐसे कई चीजें पर आम आदमी किस तरीके से पहचाने जैसा कि मैंने बताया कि केले के ऊपर हरापन होगा केला हार्ड दिखेगा आपको सॉफ्ट नहीं दिखेगा और उसके ऊपर इस प्रकार से ये थोड़े-थोड़े से ब्राउन कलर के दाने नहीं दिखेंगे तो हमें इन बात का ध्यान रखना है जो केला कैल्शियम से पकाया जाता है आज की तारीख में अब इन्होंने इस चीज को भी दूर करने के लिए एक दूसरा तरीका अपना लिया उन्होंने क्या किया कि कैल्शियम कार्बाइड को उसको पानी में घोल के केमिकल को घोल के पूरी पूरी केले की लूम को उस पानी में डाल के बाहर निकाल लेते हैं जिससे कि पर फिर भी फिर भी कहीं ना कहीं वो केमिकल से पका हुआ दिख जाता है.
कि जैसे कि मैंने आपको ये बताया कि थोड़ा सा हरापन उस केले के डंडी के आसपास आपको यह देखिए मिल जाएगा ये कहीं ना कहीं मिलेगा तो इस तरीके से हमें पहचान लेना चाहिए और इनका इस्तेमाल करना चाहिए सर टेस्ट भी होते होंगे लैब में इसके उसमें कितना वक्त अमूमन जो है वो एक टेस्ट में लग जाता है और एक चीज बहुत जरूरी है कि जब कार्बाइड आप कह रहे हैं कि इस्तेमाल होता है तो कितना समय लगता है कार्बाइड से पकने में और नेचुरल रूप से पक पकने में कितना समय लगता कार्बाइड से पकने में तो लगभग 24 घंटे से 48 घंटे में केला पक जाता है.
उसका पीलापन 24 घंटे के अंदर ही आ जाता है और जिसको कि वह तुरंत मार्केट में ले आते हैं और उसको सेल कर देते हैं पर नेचुरल तरीके से पकने में पाच से सात दिन जरूर लगते हैं अगर नेचुरल पकता है तो उससे पाच छ दिन या सात दिन जरूर लगते हैं तब व केला पूर्ण रूप से पूरा कलर लेता है पूरा होता है आप देखें यह प्राकृतिक रूप से पका केला कहीं भी आपको कलर डिफरेंस नहीं मिलेगा परंतु इन कलर में जो नहीं पके हैं पूरी रूप कार्बाइड पकाए गए इनमें ऐसा रहेगा सर इसके अलावा जो कैल्शियम कार्बाइड वाले यानी केमिकल वाले जो केले हैं उनसे शरीर में किस तरह के नुकसान हो सकता है हां आजकल जो हम देख रहे हैं कि कैंसर के केसेस बढ़ते चले जा रहे हैं कोई एज का उसके अंदर कोई बाहर नहीं रह गया 35 साल का 34 साल का 28 साल के लोगों में कैंसर की स्थिति बढ़ती चली जा रही है उसमें क्या है आज यही मिलावटी दवाएं मिलावटी खाना यहां तक कि आज केले में भी ऐसा हो गया तेल में भी ऐसा हो गया तो यह जो कार्बाइड है यह हमारे शरीर में जाता है कहीं ना कहीं उसका केमिकल्स का एक लंबे समय तक चलते चलते भाई केला ऐसी चीज है बच्चे से लेकर बूढ़े तक खाता है एक केला ही ऐसा फल है जो हर व्यक्ति खा सकता है चाहे उसको मैश करके खा लेता है या सीधे खा लेता है और सस्ता भी फल होता है आप सोच के देखो कि कोई व्यक्ति अगर इस तरीके के नकली केले या जिसे कहते हैं कैल्शियम से से पके हुए के लिए खाएगा और एक लंबे समय तक खाएगा उसके इंटेस्टाइन के इतने ज्यादा बढ़ते चले जा रहे हैं भाई जाता कहां है यह सीधा हमारे पेट में ही जाता है पेट में जाता है कैल्शियम जितना भी गया मैं कहता हूं 001 पर भी आज गया मेरे पेट के अंदर तो व एक लंबे समय तक जाते-जाते वह उसकी मात्रा बढ़ती चली जाती है और वह एक टाइम आता है कि यह केमिकल्स हमारे शरीर के अंदर कैंसर और बहुत सारी गैस्ट्रिक बीमारियों के रूप देते हैं सर इसके अलावा अगर हम बात करें तो जो बॉडी बिल्डिंग करते हैं जो हेल्थ कॉन्शियस होते हैं.
वोह केले का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते हैं तो क्या उनके लिए भी शरीर पर जो है बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता जी हां बिल्कुल आता है जो बॉडी बिल्डिंग वाले केले का इस्तेमाल करते हैं हम तो बहुत सारे ऐसे केसेस को देख रहे हैं कि जो प्रोटीन का इस्तेमाल करने के लिए या केले का इस्तेमाल करने के लिए हर कोई सोचता है कि मैं केला ले लूं दूध ले लू और उसके साथ खा लू और प्रोटीन खाते हैं बहुत सारे बच्चों में बहुत सारे यंगस्टर्स में किडनी फेलियर के केसेस आने शुरू हो चुके हैं उसका एक कारण ही यह है कि इस तरीके के अ जो पाउडर्स ले रहे हैं इस तरीके के फल खा रहे हैं और जबरदस्ती इस तरीके के अंडे भी खा रहे हैं नकली के प्रोटीन हमारे शरीर में चला जाएगा बिल्कुल घातक है यह तो देखें कि यह आपको हम बताना चाह रहे थे कि किस तरीके से आप पहचान कर सकते हैं घरों में ही पहचान कर सकते हैं देखिए लैब में आप जब तक केले भेजेंगे उनको रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाते हैं कई आप हर कोई व्यक्ति लैब में नहीं भेज सकता रिपोर्ट लेकिन ये कुछ चीजें हैं जिनका इस्तेमाल करके आप जब आप रेडी से फल खरीद रहे हैं.
रेडी से ही जब आप केले खरीद रहे हैं उसी समय इनका पहचान आप कर सकते हैं ताकि आप इन तमाम बीमारियों से दूर रहेंगे और खासकर देखिए कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक ये खाते हैं तो ऐसे में खासा दिक्कत आपके शरीर में हो सकती है तो अगली बार अगर आप जब केले खरीदने जाएं तो यह ध्यान रखें कि कौन सा केला सही है जो आपके लिए अच्छा रहेगा और कौन सा केमिक पक्का केला जो है वह है बहुत छोटे-छोटे नुस्खे हैं जो आप अपना सकते हैं और उनके जरिए आप असली और नकली केले के बीच पहचान कर सकते हैं
