लाज बीमारी का शिकार हुई मशहूर एक्ट्रेस। फिल्म इंडस्ट्री में नहीं चला खूबसूरती का सिक्का। तो पेट पालने के लिए एक्ट्रेस करने लगी जिस्म का धंधा। आखिरी समय शरीर में पड़े कीड़े। सूख कर बन गई । तो आखिरी वक्त में परिवार ने किया दफनाने से इंकार। फिल्मी दुनिया एक ऐसी जगह है जहां बेहद ही कम लोगों को वो नाम, शोहरत और पहचान मिल पाती है जिसका सपना हर कोई देखता है। तो कई स्टार्स ऐसे भी होते हैं जो इस चमचमाती दुनिया से निकल कर एक ऐसे दलदल में फंस जाते हैं।
जहां सारे रास्ते सिर्फ बर्बादी की तरफ जाते हैं। ऐसा ही हाल हुआ फिल्म इंडस्ट्री की एक मशहूर और खूबसूरत एक्ट्रेस का जो सिल्वर स्क्रीन पर राज करने के लिए घर से भाग गई थी। लेकिन फिर ऐसे बर्बाद हुई कि उनका हाल देख लोगों ने यह तक कह दिया कि भगवान ऐसी मौत किसी को ना दें। एड्स की बीमारी पूरे जिस्म में पड़े कीड़े और अपनों ने भी छोड़ा साथ।
एक ऐसी एक्ट्रेस की दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी जो कभी लोगों के दिलों पर राज करती थी। जब फिल्में नहीं मिली तो यह जिस्म धंधे में उतर गई और जब मिली तो शरीर पर कीड़े रेंग रहे थे। इस एक्ट्रेस की बदनसीबी ऐसी रही कि परिवार ने नाता तो तोड़ ही दिया पर जब मिली तो कोई मदद को भी तैयार नहीं हुआ। हम बात कर रहे हैं निशा नूर के बारे में। बता दें कि निशा नूर ने साउथ के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया है।
निशा नूर ने साल 198 में तमिल फिल्म मंगला नायागी से एक्टिंग डेब्यू किया और फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। निशा खूबसूरत तो थी ही। ऐसे में उन्हें फिल्मों में ढेरों ऑफर्स मिलने लगे। उनकी एक्टिंग में कदम रखने की कहानी भी बड़ी अजीबोगरीब है।
निशा के पिता ने बताया था कि उनके परिवार को छोड़कर वह फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों के साथ भाग गई थी। वो लोग उनके गांव आए थे तब निशा को भी फिल्मों में काम मिल गया। गौर करने वाली बात तो यह है कि साल 1980 से 1995 के बीच ही एक्ट्रेस ने करीब 17 फिल्में कर ली थी और हर तरफ उन्हीं के चर्चे भी किए जाते थे।
हालांकि फिल्मों में निशा नूर के साइड रोल ही हुआ करते पर उन्हें फिर भी काफी नोटिस किया जाता था और खूब काम भी मिल रहा था। लेकिन 90 के दशक में अचानक ही वह समय आया जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया।
फिल्मों में काम करते-करते शानो शौकत में रहने की आदत भी पड़ गई थी। जिसके चलते एक्ट्रेस ने सारी जमा पूंजी उसी मुश्किल वक्त में उड़ा दी थी। जिसके बाद निशा नूर के हालात ऐसे बिगड़े कि उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे। ऐसे में एक प्रोड्यूसर ने उन्हें सलाह दी कि वह वेश्यावृत्ति में चली जाएं। जिस्म के धंधे से उन्हें मोटी कमाई होगी। निशा नूर की मुलाकात फिर हुई कुछ ऐसे लोगों से जो इस धंधे में कई सालों से अपने पैर पसारे हुए थे। पैसों की किल्लत में एक्ट्रेस यह काम तक करने को तैयार हो गई।
इस तरह निशा जिस्म फरोशी के दलदल में धंसती चली गई। वो इतना धंस गई कि फिल्में दुनिया से पूरी तरह से दूर हो गई। गुमनामी की वजह से उन्हें हर कोई भूलता चला गया। लेकिन सालों बाद उनकी कुछ ऐसी हालात हो गई जिसके बारे में कोई सपने में भी नहीं सोच सकता। साल 2007 में निशा नूर नागौर में दरगाह के पास पड़ी हुई मिली। शरीर पर कपड़ों के नाम पर बस चीथड़े थे और जगह-जगह कीड़े रेंग रहे थे। एक्ट्रेस का पूरा शरीर एक के बराबर हो गया था। बाद में किसी शख्स ने निशा नूर को एनजीओ में पहुंचाया। जहां एक्ट्रेस ने अपनी दर्दनाक कहानी भी सुनाई थी।
उसी दौरान इस बात का खुलासा भी हुआ था कि जिस्म परोशी के धंधे में शामिल होने के चलते निशा नूर एड्स की चपेट में आ गई थी। एनजीओ में भर्ती करवाए जाने के बाद निशा की सासे हफ्ते से ज्यादा नहीं चली और उनका निधन हो गया। हैरानी की बात तो यह है कि जब निशा की निधन की खबर उनके परिवार को मिली तब उन्होंने उसे अपनाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद एनजीओ के लोगों ने एक लावारिस की तरह ही एक्ट्रेस को दफनाया था।
