लाल कांजीवरम साड़ी, असली सोने के गहने, माथे पर सिंदूरी बिंदी और पैरों में पायल और बिछिया। कुछ यूं किया गया था श्रीदेवी का श्रृंगार, जब दुल्हन सी सजी श्रीदेवी मौत के बाद निकली थी अपने अंतिम सफर पर। तब जैसे फैंस की भावनाओं का आया था सैलाब। आज 13 अगस्त है। वही दिन जिसे बॉलीवुड की चांदनी श्रीदेवी के फैंस उनके नाम से सेलिब्रेट करते हैं।
13 अगस्त 1963 को श्रीदेवी का जन्म तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में हुआ था। आज अगर वह हमारे बीच मौजूद होती तो अपना 62वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही होती। चांद से नूरानी चेहरे वाली श्रीदेवी जब तक जिंदा रही खूबसूरती की मिसाल बनकर रही। और जब इस दुनिया से रुखसत हुई तब यूं सजधज कर जैसे कोई दुल्हन विदा हो रही हो। श्रीदेवी को अपनी सदाबहार खूबसूरती से बेहद प्यार था। जिसे कायम रखने के लिए वह 100-100 जतन किया करती थी।
यही वजह रही कि जब श्रीदेवी को अंतिम विदाई दी गई तब उनकी अंतिम यात्रा में भी उनकी इस इच्छा का खास ख्याल रखा गया था। जब श्रीदेवी की अंतिम यात्रा हुई तब कांजीवरम साड़ी, असली सोने के गहने और चेहरे पर दुल्हन सा मेकअप करके उन्हें सजाया गया था। बता दें कि निधन के 4 दिन बाद श्रीदेवी का पार्थिव शरीर दुबई से मुंबई पहुंचा था। उनके अंतिम दर्शन के लिए बॉलीवुड हस्तियों के अलावा लाखों फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा था।
श्रीदेवी की अंतिम यात्रा में उनकी हर पसंदीदा चीज को शामिल किया गया। कपूर परिवार की करीबी और श्रीदेवी की खास दोस्त रानी मुखर्जी उनके लिए लाल गोल्डन कलर की कांजीवरम साड़ी लेकर आई थी। देवरानी सुनीता कपूर ने एक्ट्रेस की ज्वेलरी कलेक्शन से उनके सबसे पसंदीदा सोने के गहने निकाले थे। जिन्हें श्रीदेवी को पहनाया गया था। गले में मंगलसूत्र और टेंपल ज्वेलरी उन्हें पहनाई गई थी। अंतिम यात्रा से पहले श्रीदेवी को दुल्हन की तरह सजाया गया। उनका मेकअप रानी मुखर्जी के मेकअप आर्टिस्ट राजेश पाटिल ने किया था।
दरअसल श्रीदेवी को राजेश पाटिल का काम बेहद पसंद था। उस दिन राजेश पाटिल ने महज 5 मिनट में श्रीदेवी का मेकअप पूरा कर दिया था। श्रीदेवी अपनी आइब्रो और बिंदी का खास ध्यान रखती थी। इसलिए उनके माथे पर सिंदूरी बिंदी और लाल लिपस्टिक लगाई गई थी। श्रीदेवी को सफेद रंग बेहद पसंद था। जाने से बरसों पहले श्रीदेवी ने अपनी इच्छा जताई थी कि जब भी उनकी अंतिम यात्रा निकले तब सब कुछ सफेद रंग में हो। यही वजह रही कि उनकी इस यात्रा को मोगरे के सफेद फूलों से सजाए गए ट्रक में ले जाया गया। उनके घर को भी सफेद कपड़े से सजाया गया था।
अंतिम दर्शन के लिए श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को एक मंडप में रखा गया था, जिसे सफेद फूलों से सजाया गया था। यह मंडप शादी के मंडप जैसा लग रहा था। अंतिम संस्कार से पहले मुंबई के सेलिब्रेशन स्पोर्ट्स क्लब से विलेय पार्ले स्थित पवनहंस श्मशान घाट तक श्रीदेवी की करीब 6 किमी लंबी अंतिम यात्रा निकली।
इस दौरान ट्रक पर श्रीदेवी की एक बड़ी सी तस्वीर भी रखी गई थी। बोनी कपूर, अंशुला, अर्जुन, जानवी, खुशी और कपूर परिवार के कई सदस्य इस दौरान ट्रक पर सवार दिखे थे। 6 किमी लंबी और घंटों तक चली इस अंतिम यात्रा में पूरा बॉलीवुड शामिल हुआ था। बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार को राज के सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई
