रहस्यमय महल में हुई थी प्रियंका चोपड़ा – निक जोनास की शाही शादी?73 साल से महल में है डरावना साया।

जिस महल में हुई थी प्रियंका चोपड़ा और निक जॉनस की शाही शादी वहां 73 साल से भटक रही है एक मशहूर एक्ट्रेस की आत्मा। प्लेन हादसे में पति संग हुई दर्दनाक निधन तो गला गई बेटे की जान। जोधपुर की सड़क पर मिली थी राजकुमार की सिर ।

सालों से जोधपुर के राजमहल में गूंजती है उस एक्ट्रेस की आवाज। बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा और निको जॉनस की शादी बॉलीवुड की सबसे चर्चित शादियों में से एक है। अपनी इस रॉयल स्टाइल वेडिंग के लिए प्रियंका और निक ने पानी की तरह पैसा बहाया था। प्रियंका और निक ने जोधपुर के सबसे बड़े महल उम्मेद भवन पैलेस में शादी की थी।

लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि जिस शाही महल में प्रियंका और निक ने सात फेरे लिए थे। उस महल में बरसों से भटक रही है एक एक्ट्रेस की आत्मा। जी हां, दावा किया जाता है कि जोधपुर का उम्मेद भवन पैलेस डरावना है और उस पैलेस में जिसकी आत्मा भटकती है वो है जोधपुर की छोटी रानी जुबैदा बेगम। वही जुबैदा बेगम जिनकी कहानी को साल 2001 में आई फिल्म जुबैदा में करिश्मा कपूर ने सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया था। जुबेदा बेगम के रोल में करिश्मा ने ऐसी जान फूंकी थी कि आज भी यह किरदार लोगों के जहन में ताजा है।

करिश्मा कपूर, रेखा और मनोज वाजपेयी स्टारर यह फिल्म उस बदनसीब एक्ट्रेस जुबैदा बेगम की असल जिंदगी पर आधारित थी जिसने अपनी महज 25 साल की जिंदगी में ढेरों उतार-चढ़ाव देखे थे। पिता के खिलाफ फिल्मों में आने का सपना, जबरन शादी, फिर तलाक और फिर धर्म बदलकर हिंदू राजा से दूसरी शादी।

जुबैदा ने जिंदगी में खुशी पाने के लिए ढेरों जतन किए। लेकिन उसे खुशी कभी नसीब नहीं हुई। अपनी शादी के महज 2 साल बाद ही जुबेदा बेगम की एक प्लेन हादसे में मौत हो गई। उस वक्त वह अपने पति और जोधपुर के महाराज हनवंत सिंह के साथ सवार थी। प्लेन हादसे में दोनों की दर्दनाक निधन हो गई। फिल्म का अंत जुबैदा और हनुमंत सिंह के प्लेन हादसे में निधन के साथ ही हो गया था। यह कहानी आपने फिल्म में जरूर देखी होगी।

लेकिन बता दें कि असल जिंदगी में जुबैदा की कहानी का अंत उनकी मौत के साथ नहीं हुआ था। या यूं कहें कि आज भी जारी है जुबैदा बेगम की कहानी। क्योंकि आज भी जोधपुर में भटकती है जुबेदा बेगम की आत्मा। जी हां, दावा किया जाता है कि आज भी जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में जुबेदा बेगम की बेचैन आत्मा घूमती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जुबेदा की आत्मा पैलेस के आसपास रहती है। कुछ लोग जोधपुर के उमेद भवन पैलेस में जुबेदा की उपस्थिति महसूस करने का दावा भी करते हैं।

कहा जाता है कि उनकी आत्मा आज भी शाही परिवार के नजदीकी स्कूल में भी है। तो वहीं ऐसे भी दावे किए जाते हैं कि कुछ साल पहले उनकी आत्मा को एक शाही स्कूल के कमरे में कैद किया गया था। उस स्कूल के कई कमरे तब तंत्र मंत्र और बड़े-बड़े तालों से बंद कर दिए गए थे। वो कमरे आज भी बंद पड़े हैं।

हालांकि जुबेदा की बेचैन आत्मा के शाही महल के आसपास रहने के दावों में कितनी सच्चाई है इसके बारे में पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। जानकारी के लिए बता दें कि जोधपुर का उम्मेद भवन पैलेस जिसे चित्र पैलेस भी कहा जाता है। दुनिया के सबसे बड़े निजी आवासों में से एक है। यह पैलेस अब तीन भागों में बंट चुका है। पैलेस के एक हिस्से में आज भी शाही परिवार रहता है। वहीं दूसरे हिस्से को होटल के तौर पर यूज़ किया जाता है। तो वहीं तीसरे हिस्से में शाही परिवार का संग्रहालय है।

वहीं जोधपुर के महाराज हनवंत सिंह और उनकी छोटी रानी जुबेदा की रहस्यमई निधन के कुछ साल बाद उनके बेटे राव राजा हुकुम सिंह भी दर्दनाक निधन के शिकार हुए थे। साल 1981 में जुबेदा बेगम के बेटे राव राजा हुकुम सिंह की बॉडी जोधपुर की सड़कों पर मिली थी। टुट्टू बन्ना की बॉडी पर जख्म के 20 निशान मिले थे। किसी ने कहा कि उन्होंने जान लेने की कोशिश की तो किसी ने कहा कि उन्हें राजसी रंजिश में जान ली गई आज भी हुकुम सिंह की मौत पर रहस्य गहराया हुआ है।

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