अब बैंक अकाउंट में रखने होंगे कम से कम ₹500 नहीं रखे तो आप पर हर महीने एक मोटी राशि का जुर्माना लगाया जाएगा। क्या ये नए नियम आए हैं? क्यों इस पर बवाल मचा हुआ है? आरबीआई क्या इसमें कुछ कर सकता है? नहीं कर सकता है? किस-किस शहर में यह लागू होगा? सारी डिटेल अपनी इस रिपोर्ट में मैं आपको बताता हूं कि आखिरकार यह 500 का ये जो लोचा है, कहां से आया है? क्यों लोग परेशान हैं? क्योंकि बहुत सारे लोगों के हमारे वीडियोस पर कमेंट्स आ रहे हैं कि इस पर तो मैं आपको बताता हूं आखिरकार यह पूरा मामला है क्या? दरअसल मैं जिसकी बात कर रहा हूं वो है देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शुमार ICICI बैंक का नया नियम।
यह सिर्फ और सिर्फ ICICI बैंक का नया नियम है और इसी पर लागू होगा। इसी के जो सेविंग अकाउंट के खाते हैं अगर आपका ICICI बैंक में सेविंग अकाउंट में खाता है तो यह नया नियम आपके लिए है। बाकी बैंकों के लिए नहीं है। नया नियम क्या है? अब शहरों में रहने वाले लोगों को अपने सेविंग अकाउंट में कम से कम ₹500 रखने ही होंगे। सेविंग अकाउंट है आपका ICICI में तो कम से कम ₹00 हर महीने आपको बनाकर चलने होंगे। उससे कम नहीं। नियम क्यों क्या है और डिटेल में बताता हूं। पहले जो यह रकम थी वो सिर्फ ₹10,000 थी। यानी कि हर महीने आपको किसी भी शहर में आप रह रहे हैं। अगर सिटी है तो आपको ₹10,000 ICICI के अकाउंट में रखने होते थे सेविंग अकाउंट में। लेकिन अब इस रकम को जो है वो पांच गुना फाइव टाइम्स बढ़ा दिया गया है।
एक झटके में ICICI ने इसे पांच गुना बढ़ा दिया है। आगे बढ़ते हैं। ये जो नया नियम है कब से लागू है? नया नियम 1 अगस्त 2025 से लागू भी हो चुका है। यह आपके अकाउंट पर लागू हो चुका है। अगर आपके पास ICICI का सेविंग अकाउंट है। पैसे ₹00 से कम है। इस महीने के अंत तक ₹00 कर लीजिएगा मिनिमम। नहीं तो दिक्कत में आ जाएंगे आप। नया अकाउंट खुलवाने वाले सभी ग्राहकों को यह नया नियम मानना होगा। सबसे पहली बात तो यह कोई भी नया अकाउंट खुलवाएंगे तो आप 500 से ही आपको खुलवाना पड़ा पड़ेगा नया सेविंग्स अकाउंट।
वहीं यह तो बात हो गई बड़े शहरों की। अब छोटे शहरों और गांव में भी मिनिमम बैलेंस को बढ़ा दिया है ICICI ने। छोटे शहरों में ग्राहकों को अपने खाते में कम से कम ₹25,000 रखने होंगे। पहले जो रकम थी वो कितनी थी? यह लिमिट पहले थी सिर्फ और सिर्फ ₹5,000 यानी कि इसे भी ICICI ने पांच गुना बढ़ा दिया है। इसके बाद गांव की बात कर लेते हैं। गांव में अगर आपका अकाउंट है। आप गांव में रहते हैं वहां पर आपका अकाउंट है ICICI में तो गांव में भी मिनिमम बैलेंस को ₹10,000 कर दिया गया है। पहले यह जो रकम थी सिर्फ ₹2500 थी। यानी कि गांव में चार गुना इस रकम को बढ़ा दिया गया है। ₹00 आप रखते थे अकाउंट में चल रहा था। अब क्या कर दिया गया है? मिनिमम आपको अगर आप गांव में रहते हैं तो आपको ₹10,000 अपने अकाउंट में रखने पड़े। ठीक है? अब ICICI वर्सेस HDFC जो दूसरा देश का सबसे बड़ा बैंक है उसमें क्या डिफरेंस है यह भी जरा जान लेते हैं। ICICI बैंक का मिनिमम बैलेंस अब देश में सबसे ज्यादा हो गया है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबी ने साल 2020 में मिनिमम बैलेंस का जो रूल था वो खत्म कर दिया था। ज्यादातर बैंक मिनिमम बैलेंस इसलिए रखते हैं ताकि वो अपना कामकाज और इन्वेस्टमेंट ठीक से कर सके। एक तरीके से इसे यह भी इस तरीके से भी देखा जा रहा है कि ICICI बैंक नहीं चाहता है कि थोड़े कम पैसे वाले मिडिल क्लास या थोड़े गरीब ग्राहकों का अकाउंट उसके अकाउंट में रहे।
उसके बैंक में रहे। वो यह चाहता है अमीर ग्राहकों पर इसका फोकस है जो हर महीने कम से कम ₹00 अपने अकाउंट में रख पाएं। अब हर महीने आपको अकाउंट में ₹00 रखने हैं यानी कि आपकी इनकम भी बहुत लाखों में होनी चाहिए तब आप रख पाएंगे। तो जाहिर सी बात है सिर्फ अमीर ग्राहकों को ही ICICI अपने साथ जोड़ना चाहता है। बाकी थोड़े गरीब ग्राहक हैं, नॉर्मल ग्राहक हैं उनसे कहना चाहता है कि आप अपना अकाउंट बंद करवा के निकल जाइए। अगर किसी ग्राहक का बैलेंस मिनिमम बैलेंस से कम हो जाता है तो बैंक उस पर पेनाल्टी लगाता है।
कितनी पेनाल्टी लगाता है वो मैं आपको बताऊंगा। बैंकों में मिनिमम बैलेंस आमतौर पर ₹00 से ₹10,000 के बीच होता है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक अगर HDFC की बात कर लें तो इसमें मिनिमम बैलेंस शहरों में ₹10,000 है जो कि अब ICICI ने ₹00 कर दिया है।
छोटे शहरों में ₹5,000 है जो ICICI ने ₹25,000 कर दिया है और गांव में HDFC का मिनिमम बैलेंस ₹2500 है जो कि ICICI ने ₹10,000 कर दिया है। इतना डिफरेंस है अब दोनों बैंकों के बीच में। जो ग्राहक मिनिमम बैलेंस नहीं रखेंगे। यह भी जान लीजिए। अगर आपका अकाउंट है ऐसे ऐसे में मिनिमम बैलेंस नहीं रखा तो उन पर बची हुई राशि का 6% या फिर ₹500 जो भी कम होगा उसका जुर्माना लगाया जाएगा। मान लीजिए ₹00 आपके अकाउंट में है। ₹00 की जरूरत है। आपके अकाउंट में ₹30,000 है। ₹300 आप मेंटेन कर पा रहे हैं। ठीक है? उसके बाद बचे कितने? ₹00 ₹000 का 6% कितना हुआ?
₹12000 तो ज्यादा हुआ लेकिन जो कम होगा वो काटा जाएगा। या तो 6% काटा जाएगा। मान लीजिए सिर्फ ₹1000 की जरूरत है आपको मतलब ₹400 अकाउंट में है। सिर्फ ₹1,000 नहीं है। तो ₹1,000 का 6% यानी कि ₹600 वो भी ₹500 से ज्यादा है। तो ₹500 जो भी कम अमाउंट होगा वो काट लिया जाएगा। यानी यह मान के चलिए कि ₹500 तो कटेंगे ही कटेंगे। तो जब यह हुआ तो उसके बाद ICICI के जो उपभोक्ता हैं बैंक के उनमें नाराजगी हुई। कई लोग ऐसे हैं जो ₹00 हर महीने नहीं रख पाते हैं अकाउंट में। उनके अंदर गुस्सा है।
वो गवर्नर से आरबीआई गवर्नर से ये कह रहे हैं कि भाई आप इसमें कुछ कीजिए। तो क्या आरबीआई इसमें कुछ कर सकता है? क्या आरबीआई ICICI का यह फैसला पलट सकता है? इस पर खुद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्या कहा है? वह भी आपको दिखाता हूं। संजय मल्होत्रा ने कहा है कि किस बैंक को कितना मिनिमम बैलेंस चाहिए। यह फैसला बैंकों पर ही छोड़ा गया है। कुछ बैंकों ने इसे ₹10,000 रखा हुआ है। वहीं कुछ ने इसे ₹2000 रखा हुआ है और कुछ ने तो इसे पूरी तरह से हटा दिया है। जैसे कि एसबीआई ने हटा दिया है। यह आरबीआई के नियमों में नहीं आता है। यानी कि संजय मल्होत्रा साहब ने साफ कर दिया है कि इसमें आरबीआई कुछ नहीं कर सकता। आपका अगर ICICI में सेविंग अकाउंट है तो आपको यह नया नियम मानना ही पड़ेगा। नहीं तो हर महीने आपके पैसे कटेंगे। आप पर जुर्माना लगाया जाएगा।
आखिर में चलते-चलते एक और बात बता दूं कि यह सिर्फ और सिर्फ सेविंग्स अकाउंट पर लागू होगा। ICICI में अगर आपका सैलरी अकाउंट है तो अभी यह नियम उस पर लागू नहीं होगा। बेसिक सेविंग अकाउंट है तो भी यह नियम उस पर लागू नहीं होगा। यह नियम सिर्फ और सिर्फ सेविंग्स अकाउंट के लिए लागू होगा।
