4600 करोड़ की मालकिन और रिश्तों से खाली एक के बाद एक खोए मायके के सारे रिश्ते। पहले मां की मौत ने दिया सदमा। बीमारी से हुई बहन का निधन और फिर बीमारी से भाई भी चल बसा। यह दर्द भरी कहानी है जूही चावला की। जी हां, वही जूही जिनकी एक हल्की सी स्माइल मायूस चेहरों पर मुस्कान ले आती है। लेकिन शायद बहुत ही कम लोग यह जानते होंगे कि अपनी इस मुस्कान के पीछे जूही अपनों को खोने का गम छुपाए बैठी हैं। जी हां, बेहद कम उम्र में जूही ने अपने वो सारे रिश्ते खो दिए थे जिनके बिना जिंदगी जीने का ख्याल भी किसी की रूह कपा देता है।
यूं तो जूही चावला का एक भरा पूरा परिवार है। पति जय मेहता, बेटी जानवी और बेटे अर्जुन के साथ जूही बेहद खुशहाल जिंदगी जी रही हैं। फिल्मों में ज्यादा एक्टिव ना होने के बावजूद भी जूही बॉलीवुड की नंबर वन अमीर एक्ट्रेस कही जाती हैं। उनकी नेटवर्थ करीब ₹4,600 करोड़ के आसपास है। इन शॉर्ट जूही की जिंदगी में सुख सुविधाओं और ऐशो आराम की कोई कमी नहीं।
कमी है तो सिर्फ मायके और मायके से जुड़े रिश्तों की। बेहद कम उम्र में जूही अपने पिता, मां, भाई और बहन सभी को खो चुकी हैं। जिनकी कमी दुनिया भर की दौलत भी अब पूरी नहीं कर सकती। बता दें कि जूही चावला ने अपनी मां मोना चावला को तब खो दिया था जब साल 1998 में वह डुप्लीकेट फिल्म की शूटिंग के लिए मां के साथ प्राग गई थी। इस दौरान मॉर्निंग वॉक के लिए गई मोना चावला हिट एंड रन का शिकार हो गई थी। इस सड़क दुर्घटना में मोना चावला का निधन हो गई थी। तो वहीं जूही के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। मां के साथ प्राग गई जूही मां का देह ताबूत में लिए वापस मुंबई लौटी थी। इस हादसे ने जूही को बुरी तरह से तोड़ दिया था।
अपने एक इंटरव्यू में जूही ने यह खुलासा कर चौंका दिया था कि 10 साल की उम्र से ही उन्हें सपने में अपनी मां की मौत दिखा करती थी। वो सपने उनकी जिंदगी की सबसे दर्दनाक रातें हुआ करती थी और जब असल में जूही ने रोड एक्सीडेंट में मां को खोया तब वह टूट कर बिखर गई थी। जूही के लिए अगला इमोशनल ट्रॉमा रहा जवान बहन की मौत। 30 अक्टूबर 2012 को जूही चावला की बहन सोनिया चावला का बीमारी से निधन हो गया था। सोनिया जूही की छोटी बहन थी। वो लगभग 5 साल तक बीमार से जूझती रही और साल 2012 में दुनिया छोड़ गई थी। तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर रही जूही। परिवार में अपने बड़े भाई बॉबी चावला के सबसे ज्यादा करीब थी। बॉबी जूही से 8 साल बड़े थे। माता-पिता को खोने के बाद जूही को भाई में पिता दिखते थे।
लेकिन साल 2010 में बॉबी को खतरनाक बीमार हुआ। जिसकी वजह से वह कोमा में चले गए थे। बॉबी को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया और वहां से वह कभी जिंदा वापस नहीं लौट सके। बॉबी लगभग 4 साल तक कोमा में रहे। इस दौरान जूही के ज्यादातर दिन हॉस्पिटल के आईसीयू में भाई के पास गुजरते थे।
इस उम्मीद से कि शायद किसी दिन भाई होश में आ जाए। लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हो सका। 9 मार्च 2014 को बॉबी का निधन हो गया था। जानकारी के लिए बता दें कि बॉबी चावला शाहरुख खान की कंपनी रेड चिल्लीज एंटरटेनमेंट के सीईओ और उनके बेहद करीबी दोस्त थे। पिता, मां और छोटी बहन को खोने के बाद बड़े भाई का भी दुनिया छोड़कर चले जाना जूही को गहरा सदमा दे गया था। जिससे वह आज तक उबर नहीं पाई हैं।
