सैयारा की खुली पोल, कोरियन की रिमेक निकली मोहित सूरी की ये लव स्टोरी।

अगर थिएटर में सयारा फिल्म देखकर आपका रोना हो चुका हो तो अब सयारा फिल्म को लेकर कुछ खास बातें हम आपको बताने वाले हैं जिसके बाद शायद आपको और ज्यादा रोना आएगा। सयारा फिल्म के लिए कहा जा रहा है कि यह फिल्म एक कोरियन फिल्म का रिमेक है। कोरिया की यह फिल्म 2004 में रिलीज हो चुकी थी।

अ मोमेंट टू रिमेंबर इस फिल्म का नाम था और सयारा मोहित सूरी ने अपनी ओरिजिनल फिल्म बनाकर 2025 में रिलीज की है। आज इस एपिसोड में हम आपको बताएंगे अ मोमेंट टू रिमेंबर कोरियन फिल्म और हिंदी फिल्म सयारा के बीच की सिमिलरिटीज। सबसे पहले शुरुआत करते हैं ओपनिंग सीन से। सयारा फिल्म के ओपनिंग सीन में दिखाया गया है कि हीरोइन कोर्ट के बाहर बैठी होती है।

अपने लवर का इंतजार करती है कोर्ट मैरिज के लिए। अ मोमेंट टू रिमेंबर में दिखाया गया है कि हीरोइन रेलवे स्टेशन पर बैठी होती है। अपने लवर का इंतजार कर रही होती है। दोनों भागने वाले होते हैं और अगले ही सीन में बताया जाता है कि लवर नहीं आता है। दोनों ही फिल्मों में दिखाया गया है कि लवर ने धोखा दे दिया है। इसके बाद सयाना फिल्म में दिखाया गया है कि अब हीरोइन की लाइफ में एक नए लड़के की एंट्री होती है और इस नए लड़के को हीरोइन पहली बार तब देखती है जब वह अपने पिता के साथ होती है। ओरियन फिल्म में भी यही दिखाया गया है कि हीरोइन की लाइफ में नए लड़के की एंट्री होती है और वह नया लड़का उसे तभी दिखता है जब वह अपने पिता के साथ होती है।

सयारा फिल्म में दिखाया गया है कि नए लड़के से हीरोइन की पहली मुलाकात तब होती है जब हीरोइन अपनी डायरी भूल जाती है और लड़का उसे वह डायरी लौटाने आता है। कोरियन फिल्म में भी यही दिखाया गया है कि नए लड़के से लड़की की मुलाकात तब होती है जब वो अपनी कोल्ड ड्रिंक भूल जाती है और लड़का उसे वह कोल्ड ड्रिंक देने के लिए आता है। सयारा फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की के इस नए अफेयर के बारे में जब लड़की के पेरेंट्स को पता चलता है तो वह उसे उसका पास्ट याद दिलाते हैं और कहते हैं कि सतर्क रहना लड़की को टेंशन होती है और वह स्ट्रेस में आकर बेहोश हो जाती है। बेहोश होने के बाद लड़की जब उठती है तो वह हॉस्पिटल में होती है और पता चलता है कि उसे एक बीमारी है। यह बीमारी भूलने की बीमारी है जिसे अल्जाइमर्स कहा जाता है। कोरियन फिल्म में भी यही दिखाया गया है कि जब लड़की के अफेयर के बारे में उसके पेरेंट्स को पता चलता है तो पेरेंट्स के साथ लड़की की बातचीत होती है। लड़की स्ट्रेस में आती है।

वह बेहोश हो जाती है और फिर डॉक्टर्स उसे बताते हैं कि उसे अल्जाइमर्स है यानी कि भूलने की बीमारी। इसके बाद फिल्म में जगह-जगह कई चीजें दिखाई गई है। जहां पर लड़की बहुत सारी चीजें भूलती है। जैसे कि सयारा में दिखाया गया कि हीरोइन अपना फोन भूल जाती है। अपने बॉयफ्रेंड को देखकर वो अपने एक्स बॉयफ्रेंड का नाम लेती है। यानी कि अपने करंट बॉयफ्रेंड का नाम भी भूल जाती है। यह दोनों ही चीजें कोरियन फिल्म में भी दिखाई गई है। सयारा फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की अपना स्ट्रेस दूर करने के लिए क्रिकेट खेलती है। कोरियन फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की अपना स्ट्रेस दूर करने के लिए बेसबॉल खेलती है। सयारा फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की का जो एक्स बॉयफ्रेंड जो उसे धोखा देकर चला गया था वह वापस उसकी जिंदगी में आ जाता है।

कोरियन फिल्म में भी यही दिखाया गया है कि उसके एक्स की उसकी जिंदगी में रीएंट्री हो जाती है। सैयरा फिल्म में जब लड़की के नए बॉयफ्रेंड को पता चलता है कि लड़की को अल्जाइमर्स हैं तो वह लड़की को कहता है कि कोई बात नहीं तुम पिछला भूलती जाओगी।

हम हर दिन नई मेमोरी बनाएंगे। कोरियन फिल्म में भी लवर यही कहता है। सयाना फिल्म में दिखाया जाता है कि लड़का और लड़की दोनों लिव इन में रह रहे होते हैं और तब एक दिन लड़की डिसाइड करती है कि मेरी वजह से इसका बिजनेस और इसकी ग्रोथ रुक रही है। मेरी बीमारी की वजह से यह आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसीलिए मैं इसे छोड़कर चली जाती हूं। तो लड़का अपने काम के लिए निकलता है। लड़की पीछे से घर छोड़कर चली जाती है।

कोरियन फिल्म में भी यही दिखाया गया है। सयाना फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की अपने लवर को छोड़कर पहाड़ी रीजन में एक गर्ल्स हॉस्पिटल में जाकर एडमिट हो जाती है और वहां पर वो चिट्ठियां लिखती है। कोरियन फिल्म में भी दिखाया है कि लड़की एक माउंटेन वाले रीजन में चली जाती है। वहां पर वो अपना इलाज करवा रही होती है। वो चिट्ठियां लिखती है। उसने अपने रूम में बॉयफ्रेंड के साथ अपनी तस्वीरें लगाई होती है। सयारा में भी दिखाया गया है कि रूम के अंदर तस्वीरें लगाई गई है। सयारा फिल्म में दिखाया गया है कि बॉयफ्रेंड जब लड़की को ढूंढता हुआ पहाड़ी एरिया में जाता है तो उसे पता चलता है कि लड़की जो है महिला आश्रम में है और नर्स उसे लड़की की हालत के बारे में बताती है कि अब भूलने की बीमारी और ज्यादा बढ़ गई है और उसे और भी चीजें याद नहीं रहने लगी है। कोरियन फिल्म में भी सेम चीज होती है कि लड़की हॉस्पिटल में होती है। बॉयफ्रेंड जब ढूंढने जाता है तो नर्स सेम चीज कहती है। सयाना में दिखाया गया है कि लड़का जब ढूंढता हुआ लड़की के रूम में जाता है तो लड़की बालकनी में बैठी होती है और जैसे ही लड़काउसके सामने जाता है तो लड़की उसे पहचान नहीं पाती है।

वह कहती है कि आप कौन? आपका इंट्रोडक्शन दीजिए। कोरियन फिल्म में भी यही होता है कि लड़की बालकनी में होती है। लड़का वहां जाता है और लड़की उसे पहचान नहीं पाती है क्योंकि उसकी मेमोरी जा चुकी है। सयाना फिल्म में लड़का लड़की का लिखा हुआ गाना सुनाकर उसकी याददाश्त लाने की कोशिश करता है। तो कोरियन फिल्म में लड़का लड़की का फेवरेट परफ्यूम लगाकर उसकी याददाश्त लाने की कोशिश करता है।

तो दोनों ही फिल्मों में इतनी सिमिलरिटीज है। लेकिन उसके बावजूद सयाना के मेकर्स का कहना है कि उनकी यह फिल्म ओरिजिनल स्टोरी है और मोहित सूरी जो लव स्टोरीज के एक्सपर्ट है। उन्होंने काफी मेहनत से यह फिल्म लिखी है। 2004 में आई वो फिल्म और 2025 में आई इस फिल्म में इतनी सिमिलरिटीज होना क्या सिर्फ आपको एक इत्तेफाक लगता।

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