थाइलैंड में बौद्ध भिक्षुओं से दोस्ती कर ठगी करने वाली मिस गोल्फ कौन है?

मिस गोल्फ नाम की एक महिला जो पहले बौद्ध भिक्षुओं से दोस्ती करती है। उनके करीब आती है। फिर उन्हें ब्लैकमेल करके उनसे हजारों डॉलर मांगती है। कौन है यह मिस गोल्फ? थाईलैंड के खबर ने बौद्ध समाज के लोगों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। बौद्ध भिक्षुओं का वो चेहरा सामने आया है जो अभी तक पर्दे के पीछे छिपा था। मामला एक भद्दे स्कैम से जुड़ा हुआ है जिसमें अब तक नौ बौद्ध भिक्षुओं को मठ से निकाला जा चुका है और एक महिला की गिरफ्तारी भी हुई है।

थाई मीडिया औरबीबीसी की रिपोर्ट के हवाले से यह पता चला है कि महिला एक के बाद एक कई बौद्ध भिक्षुओं के करीब गई। उसने पहले तो दोस्ती की फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए और हर बार इसका वीडियो रिकॉर्ड किया। बाद में इन वीडियोस के जरिए भिक्षुओं को करना शुरू किया। डराया गया दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए तो यह वीडियोस वायरल कर दिए जाएंगे।

यूरो न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक यह महिला भिक्षुओं के संपर्क में आई थी। थाईलैंड के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला ने कम से कम नौ भिक्षुओं को अपने जाल में फंसाया और फिर उनसे करीब101 करोड़ की फिरौती वसूली।

दरअसल थाईलैंड के एक मंदिर के भिक्षु के खिलाफ शिकायत आई कि वह महिला के साथ किसी गुप्त रिलेशनशिप में है। शुरुआत में मामला दबा दिया गया लेकिन फिर कई और नाम सामने आए। मंदिरों में सीसीटीवी फुटेज, चैट्स, बैंक ट्रांजैक्शन और फोन रिकॉर्ड्स को खंगाला गया। जिसके बाद पता चला कि मामला सिर्फ एक दो भिक्षुओं का नहीं है। यह एक संगठित जुथ का मामला है। जिसमें धार्मिक वेशभूषा के पीछे छिपे कुछ लोग शामिल हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस महिला की पहचान हुई है। 30साल की विलावन एमसावट के रूप में। एक समय पर यह खुद भी बौद्ध धर्म में प्रशिक्षु रही है। उसी दौरान उसने मंदिर और भिक्षुओं की कार्यशैली को करीब से जाना। बाद में धर्म की राह छोड़ दी लेकिन पुरुषों की कमजोरियों को एक की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी पता चला कि विलावन वीडियो रिकॉर्ड करती थी।

एक भिक्षु के कमरे में छिपा कैमरा भी बरामद हुआ जिससे वीडियो रिकॉर्डिंग होती थी। इन सबके बदले में महिला ने पैसों के अलावा महंगे गिफ्ट्स, सोना और यहां तक कि जमीनें भी हथिया ली। थाईलैंड के नेशनल पुलिस चीफ का कहना है कि यह मामला सिर्फ मोरल डाउनफॉल यानी नैतिक पतन का नहीं है बल्कि धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और ईमानदारी पर भी बड़ा सवाल है।

फिलहाल इस महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और यह पूरा मामला अब कोर्ट में गया है। बड़ी बात यह है कि इस मामले में जिन नौ बौद्ध भिक्षुओं को मठ से निकाला गया है। उनमें से कई काफी ऊंचे पदों पर थे। थाईलैंड में बौद्ध भिक्षुओं को समाज में बहुत सम्मान की नजर से देखा जाता है। ऐसे में इस स्कैम ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। थाई सरकार अब पूरे मामले की तह में जाकर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आगे से इस तरह की घटनाएं ना हो।

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