रूसी महिला गोकर्ण की गुफा में मिली बिजनेसमैन पति क्या बोला ?

कर्नाटक के गोकर्ण के घने जंगलों में हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पुलिस ने एक गुफा में छिपकर रह रही रूसी महिला नीना कुटीना और उनकी दो छोटी बेटियों को खोज निकाला है। नीना जिनकी उम्र 40 साल है। वो पिछले 8 सालों से भारत में बिना वैध दस्तावेजों के जंगलों और तटीय इलाकों में रह रही थी। उनकी दो बेटियां प्रेमा और अमा भी उसी के साथ एक एकांत जीवन जी रही थी।

चौंकाने वाली बात यह है कि इतने सालों में किसी को वहां पर उनकी मौजूदगी का अंदाजा ही नहीं हुआ। इस बात का खुलासा होने के बाद कि नीना कुटीना की दोनों बेटियों के पिता एक बिजनेसमैन है। सभी हैरान रह गए। एक बिजनेसमैन की पत्नी और बच्चियों की ऐसी हालत पर हर किसी को हैरानी हुई। पुलिस ने जब मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि उनका नाम ड्रोन गोल्डस्टीन है जो कि इजराइल के निवासी हैं।

इत्तेफाक से वे भारत में ही मौजूद मिले। अब नीना के पति ड्रोन गोल्डस्टीन ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों से बहुत प्यार करते हैं और पिछले कई सालों से भारत आते जाते रहे हैं। उनका आरोप है कि नीना उन्हें बच्चों से मिलने नहीं देती और उनकी जानकारी के बिना ही बच्चों को लेकर गायब हो गई थी। अब जब बच्चों का पता चला है, वे उनकी जॉइंट कस्टडी की मांग कर रहे हैं और बेटियों को रूस भेजने के विरोध में खड़े हैं।

इस पूरी कहानी की शुरुआत तब हुई जब पुलिस को गोकर्ण के जंगलों में गश्ती के दौरान एक गुफा के पास कपड़े दिखाई दिए और एक बच्ची भागती हुई नजर आई। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वहां एक महिला अपनी बेटियों के साथ रह रही थी। पूछताछ में नीना ने बताया कि वह हिंदू आध्यात्म और प्रकृति से बेहद प्रभावित है और ईश्वर की आराधना के लिए वह गुफाओं और जंगलों में जीवन बिता रही थी। नीना के भारत आने की शुरुआत 2016 में एक बिजनेस वीजा के तहत हुई थी। लेकिन उसका वीजा 1 साल बाद ही खत्म हो गया था।

इसके बाद उसने बिना अनुमति भारत में रहना जारी रखा। वो नेपाल भी गई और फिर दोबारा भारत लौट आई। वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद वह गोकर्ण जैसे शांत और एकांत स्थानों में छिपकर जीवन बिता रही थी। फिलहाल अधिकारियों द्वारा उसे वापस रूस भेजे जाने की तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन नीना भारत छोड़ने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि वह आध्यात्मिक जीवन जी रही है और उसे जंगलों में रहना पसंद है। इस घटना ने प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक महिला इतने सालों तक गुफा में बच्चों के साथ बिना किसी की नजर में आए कैसे रह सकती है? क्या यह सिर्फ एक आध्यात्मिक खोज थी या फिर कुछ और?

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