आज साउथ सिनेमा में एक दुखद घटना सामने आई जिसमें एक स्टंट मैन का निधन हो गया। तो इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती है। तो क्या वजह देखते हैं? किस तरह से इनको रोका जा सकता है? किस तरह की और तैयारी चाहिए हमें सेट पर? सर इस तरीके की घटना जो है ना वो हमेशा नहीं होती है। अभी ये जो घटना है मेरे ख्याल से काफी सालों के बाद सुनने में आई है। आई थिंक 2015 में शायद एक हुआ था जो हेलीकॉप्टर से जंप के लिए हुआ था जो मलयालम फिल्म है।
उसके बाद से अभी सुनने में आया पूरी इंडिया में कि कहीं पर ऑनसेट किसी स्टनमैन की डेथ हुई हो। और रही बात तैयारी की तो मेरे ख्याल से जो जो मेरे मुझे जो इंफॉर्मेशन है वहां से और जो वहां की एसोसिएशन और वहां के स्टंट मैन से मैंने बात की उसके हिसाब से ये है कि वो स्टंटमैन काफी एक्सपीरियंस था अराउंड उसने नई मतलब जो मुझे बताया गया कि अराउंड 500 फिल्म में किए हैं उसने और करीबन बाइक जंप्स और कार ज्स में सबसे माहिर था वो वहां पर जी और इस बार भी उसने सारी तैयारियां तो पूरी हुई थी जो फुटेज में भी दिख रहा है कि जहाज में जैसे उसको बेल्ट बेल्ट वगैरह लगाया गया है। जो रैंप वगैरह है वो एज इट इज सिमिलर ही होता है हर जगह। इवन जब फॉरेन में भी होता है या फॉरेनर्स भी जब यहां पर आते हैं करने के लिए तो इसी टाइप का अरेंजमेंट्स करते हैं वो लोग।
मुझे लगता है कि जो उनको जो मे बी शायद हो सकता है कि कुछ बीपी हाई होगा उनका और उस वजह से शायद उनको अटैक आ गया या क्या बिकॉज़ जो जो इन मुझे हमें मिली है वहां से वो यही मिली है कि शायद अटैक आ गया था। एंड आई आई हम सब समझ सकते हैं कि अटैक का कोई टाइमिंग या कोई उसका सिम्टम्स पहले तो शुरू से नजर नहीं आता। ये मूवी स्टेट एसोसिएशन से आप जुड़े हुए भी हैं। उन लोगों के लिए काम भी करते हैं। तो ऐसी स्थिति में क्या रहता है आप लोगों का? उनके लिए किस तरह से मदद कर पाते हैं आप लोग? फर्स्ट ऑफ ऑल तो हम लोग देखते हैं कि भाई एक्सीडेंट का जो अभी जैसे जो जो भी अनफॉर्चूनेट हो गया है तो उसको किसी तरीके से उसकी लास्ट रिचुअल्स तक हम लोग मदद कर सके और फैमिली को हम लोग क्या रिलीफ दे सकते हैं एट दैट टाइम बट उसके बाद अभी मुझे साउथ का तो पता नहीं बट जैसे हमारे बॉम्बे में 2017 से हमारा इंश्योरेंस शुरू हुआ है।
तो अभी इंश्योरेंस जो है वहां पर है या नहीं है मुझे पता नहीं और मेरी इस बारे में बात भी नहीं हुई है बिकॉज़ एट दिस स्टेज मैंने मुनासिब नहीं समझा कि मैं उनसे इंश्योरेंस के बारे में पूछ सकूं वरना उनको लगेगा कि मेरा कन्वर्सेशन कहीं और है करके तो ऐसा है कि जैसे बॉम्बे में अगर ये चीजें होती है अगर ऑनसे कभी कोई एक्सीडेंट हो जाता है या कुछ होता है तो हम हमारे जो स्टंट मस है वो ऑलमोस्ट सब लोग जो है एक एक्सीडेंटल डेथ कवर में [संगीत] आते हैं। अपने हमको श्री अक्षय कुमार जी ने जो है 2017 में इंश्योरेंस की जो पॉलिसी है वो हमको गिफ्ट की है और हर साल का जो प्रीमियम है स्टंटवमेंट्स का डेथ कवर का प्लस मेडिक्लेम का जो प्रीमियम है वो जो एक्टर है अक्षय कुमार वही वही पूरा कर दो 2017 से अभी तक भर रहे हैं जी हां जी हां 2017 से ले अब तक वो भर रहे हैं जी कितने लोग होंगे ऐसे जिनका वो पे कर रहे हैं अराउंड 535 लोग हैं जिनका पे कर जी जो ऑलमोस्ट वि जीएसटी इट क्रॉसेस अराउंड 1.25 ओके जी तो सर अभी आप जैसे स्टंट करवा रहे हैं इतनी बड़ी-बड़ी फिल्मों में आप स्टंट करवा रहे हैं तो आपको क्या लगता है कि आपको किस तरह की और सुविधाएं मिलनी चाहिए जिससे सुरक्षा और बढ़ जाएगी नहीं सुविधाएं तो देखो सरकार की तरफ से तो कोई भी सुविधाएं नहीं है।
ये जो भी है हमारे प्रोड्यूसर्स और हम लोग मिलकर जो अरेंजमेंट्स करते हैं वही एक चलता है। लाइक अभी अगर डेथ हो गई है तो हम चाहेंगे कि जो प्रोड्यूसर्स है वो भी थोड़ा कंपनसेेट करें इसके अंदर क्योंकि अगर लॉस के हिसाब से अगर देखा जाए तो अभी तक हमारी फिल्म इंडस्ट्री में वर्कर्स को कोई भी एक अलग से बेंच नहीं मिली है और ना ही कोई हमारे लिए कोई अलग से एक सेक्टर ओपन हुआ है। तो टोटली अगर कहा जाए तो फिल्म इंडस्ट्री जितने भी वर्कर हैं सब इनसिक्यर्ड है। तो वी हैव नो सिक्योरिटी अबाउट जॉब, वी हैव नो सिक्योरिटी अबाउट फ्यूचर्स, नो सिक्योरिटी अबाउट लाइफ। एवरीडे अगर आप देखेंगे ना सेट पे नॉट इवन स्टंटमस बट एक स्पॉटबॉय हो या लाइटमैन हो या जूनियर आर्टिस्ट या एक्टर्स कोई भी हो वी आर ऑल एट स्टेक बिकॉज़ यहां पर कोई भी एक कहने के लिए एक एक एक जिम्मेदारी ऐसी होती है जहां हम लोग बोलते हैं कि भाई सेफ्टी इंस्ट्रक्टर तो सेफ्टी इंस्ट्रक्टर के नाम पे कोई भी डिपार्टमेंट नहीं है। आपको सारे डिपार्टमेंट मिल जाएंगे बट सेफ्टी इंस्ट्रक्टर के नाम पे कोई डिपार्टमेंट तो होना चाहिए।
हर सेट पे एक सेफ्टी इंस्ट्रक्टर होना चाहिए जो हर चीज को ध्यान में रखें लाइक लाइटिंग को लेकर के जैसे इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेस अप्लाई होते हैं लाइट के लिए प्लस जो वायरें फैली होती है प्लस उसके आसपास काम करने वाले लोगों के लिए जो डिवाइसेस होने चाहिए सेफ्टी के लिए उन सबको लेकर के होना चाहिए जो हमारे यहां इंडस्ट्री में अभी-अभी कुछ कुछ-कछ फिल्मों मतलब कुछ-कुछ प्रोड्यूसर्स ने शुरू किया है ये बट मुझे लगता है कि जो जो बजट और जो लाइक हालात है आज की इंडस्ट्री के तो वो हिसाब से बहुत सारे लोग इसको कंप्लाई नहीं कर पाते ड्यू टू आई थिंक बजट जी फिल्मों के बजट तो बहुत बढ़ रहे हैं। 500 6600 करोड़ जा रहे हैं। एक्शन और भी खतरनाक हो रहे हैं। तो आपको लगता है कि कहीं ना कहीं सरकार की तरफ से आप लोगों ने कोई बात करी हो, कोई पहल आपने उनसे डिमांड की हो? सर मैं पिछले तीन चार साल से लगा हुआ हूं उनके पीछे। जी। बट महाराष्ट्र में अक्सर यह होता है कि जब मैंने जब मैंने स्टार्ट किया था तब कांग्रेस की सरकार थी। उ
सके बाद जब बीजेपी की सरकार आई फिर इसमें भी काफी चेंजेस हो गए। तो मैं जब भी अप्लाई करता हूं चीजें आती है मीटिंग्स होती है सेक्रेटरी के साथ में बट किसी ना किसी वजह से जो मिनिस्टर है वो चेंज हो जाते हैं तो फिर सारा प्रोसीजर जीरो टू वन हो जाता है तो इसकी वजह से मैंने मैंने अप्लाई भी किया था फॉर स्किल डेवलपमेंट के नाम पर स्टंटमैन के लिए क्योंकि फिल्म सिटी इतनी बड़ी जगह है हमारी बॉम्बे में कि वहां पर हमको एटलीस्ट नहीं तो कम मैंने आई अप्लाई फॉर 10 एकर्स बट मुझे समझ सकता हूं कि 10 एक देना मुश्किल है बट एटलीस्ट थ्री टू फाइव एकड़ भी अगर मिलती है तो एक स्टंटमैन के लिए रियर्स करने के लिए सीखने के लिए बहुत कुछ करने के लिए एक चांस मिल जाता है क्योंकि जैसे अभी जो एक्सीडेंट हुआ है इसका कोई रिहर्सल हुआ नहीं होगा इसका कितना इंपैक्ट होने वाला है कितने स्पीड पे आना है इसका कोई जजमेंट हम लोग बता नहीं सकते क्योंकि गाड़ियां अलग-अलग होती है हर बार तो वी कैन नॉट मेक आउट कि कौन सी गाड़ी कितनी स्पीड में कितनी हाई उड़ेगी और जो हम लोग हॉलीवुड का अगर देखें तो हॉलीवुड में हर चीज हर स्टंट्स को वो नापतोल के करते हैं। काफी उसके ऊपर रिसर्चेस होती है और कितनी स्पीड में ड्राइवर आना चाहिए। यहां तक कि उनकी गाड़ियों की स्पीड भी लॉक कर देते हैं कि इससे ज्यादा स्पीड जाना नहीं चाहिए। तो ये सारी चीजों की फैसिलिटी अपने यहां है नहीं। जो कि मुझे लगता है कि सेफ्टी इंस्ट्रक्टर या कोई सेफ्टी डिवाइस हो तो उसके लिए हो सकता है कि हम लोग ये उसको मतलब मुकम्मल तौर से इस्तेमाल कर पाए। जी।
कभी कोई स्टंट मैन घायल हो जाता है सारी जिंदगी के लिए वो बैड रिडन हो जाता है तो आप उसकी मदद के लिए क्या करते हैं या उसकी क्या होता है उसका फिर उसके लिए हम प्रोड्यूसर से कंपनसेट मांगते हैं ना कंपनसेशन मांगते हैं जैसे बॉम्बे मिलता तो है लेकिन उसके लिए काफी जद्दोजद करनी पड़ती है कई बार लड़ाईयां भी करनी पड़ती है लड़ाई इन द सेंस उनके पीछे पड़ना पड़ता है उनके बहुत सारी शूटिंग्स को बॉयकॉट करने की कोशिश करते हैं हम लोग तब जाके ये सब चीजें होती है बट है काफी प्रोड्यूसर ऐसे हैं तो इस बात को ध्यान में रखते हैं कि एक स्टनम मैन ने जो रिस्क लिया है उनकी फिल्म के लिए तो वो इस इस बात का हकदार है कि उसको कंपनसे कंपनसेशन मिलना चाहिए। सर नॉट ऑल बट देयर आर लाइक 50% मैं कहूंगा कि लोग है कि जो कंपनसेशन इली कर देते हैं बट 50% के साथ थोड़ी देर करनी पड़ती है। जी आप आपका एक फैमिली पूरा मतलब आप लोग स्टंट से जुड़े रहे हैं। आपके पिताजी भी स्टंट स्टंट से जुड़े रहे हैं। अब आप कर रहे हैं। तो आप कितना बदलाव देखते हैं इस पूरी लंबी अवधि में? क्या बदलाव देखते हैं आप? देखिए सर मैंने तो मेरा करियर स्टार्ट किया था 89 में। जी ऑलमोस्ट 89 से मैंने काम करना शुरू किया। तब से लेके अब तक काफी बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। लाइक हमारे फादर से लेके हमारे टाइम तक तो बहुत बड़ा बदलाव हुआ था। तब से ले अब तक क्योंकि हम लोगों ने जितने भी जंप करते थे जैसे हम मैंने फ्री फॉल किया है। जंप 15 फ्लोर से किया चैनल टावर मलाड से। तो 15 फ्लोर से जब हमने जंप किया था उस टाइम पे हमने नीचे बॉक्सेस वगैरह लगाए थे। मैं और मेरा पार्टनर था जावेद।
हम दोनों ने जम की थी चोर मचाए शोर फिल्म में तो उस टाइम हमको 3000 बॉक्सेस लगाने पड़े थे पूरा दिन लग गया था द हाफ ऑफ अ डे बॉक्सेस लगाने में लग गया था और उसके बाद हमने जब बॉक्सेस में जंप करी तो वही फैसिलिटीज थी हमारे पास उस टाइम पे बिकॉज़ उस टाइम पे ग्रीन स्क्रीन क्रोमा वगैरह तो आ चुका था बट बहुत ज्यादा लागू हुआ नहीं था बिकॉज़ उसकी जो अदर डिवाइसेस है वो अब जब तब तक इंडिया में उतनी क्या कहते हैं उसको अप्लाई नहीं हुई जी तो हमने उस टाइम पे जब आज अगर मुझे किसी को 15 फ्लोर से 20 फ्लोर से जंप करवाना हो तो मैं बाकायदा उसको वायर्स पे डालूंगा। भले वो डुप्लीकेट हो चाहे एक्टर हो बिकॉज़ सेफ्टी कंसर्न हर जगह आ गई है। तो उस हिसाब से वायर्स के थ्रू ही हम लोग बिकॉज़ अभी वायर्स इजीली हम लोग इरेस कर सकते हैं। जी तो ये चेंजेस बहुत बड़ा आया जो कंप्यूटर ग्राफिक्स चाहिए या विजुअल इफेक्ट्स चाहिए उसको। इसको लेकर के काफी चेंजेस हुए हैं। लाइक पहले जैसे कि पहले हम लोग अगर एक हाइट पे से जंप भी करते थे। समझ लो कि छोटा हाइट है अराउंड 6 फीट की भी अगर हाइट है तो 6 फीट की हाइट की हमसे हम लोग ग्राउंड पे जंप करते हैं।
बट अगर आज अगर 6 फीट की 6 फीट की भी अगर हाइट है तो हम लोग उसके नीचे सेफ्टी में जो क्रैश मैट्स होते हैं वो रखते हैं ताकि प्लांटिंग अच्छे से हो। पोश्चर अच्छे से बने और फिर बाद में क्रश मैट को इलीफ्स के जरिए क्लीन अप कर दिया जाता है। अभी जैसे अगर हम लोग राज की बात को अगर ले करें जो हादसा हुआ है जी अगर देखेंगे तो रैंप नहीं टूटा अगर अगर कोई कमी होती शायद रैंप टूट गया था तो मैंने कहा कि हो सकता है कि अगर कोई अगर इन्होंने ध्यान नहीं दिया होता तो शायद गाड़ी भी टूट सकती थी नीचे से कुछ हो सकता था अगर देखा जाए तो अंदर जब उसको निकाला गया उस टाइम पे बिल्कुल बेल्ट पे बंधा हुआ था ऐसा भी नहीं था कि बेल्ट लूज होगा या बेल्ट की वजह से कहीं टकरा गया है तो वो बेसिकली दिस इज एंड एंटायरली अगर देखा जाए तो मुझे मुझे लग रहा है कि ये एक हेल्थ रिलेटेड चीज है जहां पर हार्ट अटैक आ गया।
काफी अच्छा जंप था वो। मैंने देखा है वो जंप जो ऑलमोस्ट न्यूज़ में चल रहा है और मुझे स्टंट यूनियन ऑफ़ चेन्नई ने भी भेजा है जो क्लिप्स वगैरह उसके हिसाब से स्टंट बहुत अच्छा था। अच्छा जंप भी किया था उसने। मुझे लगता है कि जो लैंडिंग जो फर्स्ट लैंडिंग लैंडिंग में जहां गाड़ी बाउंस हुई है ना शायद वहीं पर ही कुछ झटका आया होगा उसको। बिकॉज़ वो बहुत बुरी तरीके से बाउंस हुई या मे बी हो सकता है कि रैंप से पहले शायद उसका आ गया जिसकी वजह से उसका पैर पैडल पे अटक के रह गया और गाड़ी की स्पीड ज्यादा बढ़ गई।
