सैफ अली खान का पटौदी पैलेस जिसे इब्राहिम कोठी के नाम से भी जाना जाता है हरियाणा के पटौदी में स्थित है यह शानदार महल किसी रॉयल हेरिटेज से कम नहीं है और इसकी कीमत लगभग 800 करोड़ आंकी गई है आपको बता दें कि पटौदी पैलेस मुंबई में नहीं बल्कि हरियाणा में है यह पटौदी परिवार की पीढ़ियों से चली आ रही एक संपत्ति है इसे सैफ अली खान के दादा इफ्तिकार अली खान ने बनवाया था .
इसके बाद सैफ के पिता मंसूर अली खान कटौती ने भी इसे संजोया यह पैलेस लगभग 10 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 150 से ज्यादा कमरे हैं यहां बेहतरीन वास्तुकला खूबसूरत गार्डन और रॉयल डिजाइन देखने को मिलती है सैफ अली खान ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों और पटौदी पैलेस को वापस खरीदने की कहानी एक चैट शो में सांझा की थी उन्होंने बताया था कि वह जब 20 साल के थे तब वह मुंबई में आए थे और फिल्म इंडस्ट्री में सफलता पाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की अपनी इसी मेहनत की कमाई से उन्होंने पटौदी हाउस को फिर से खरीदा सैफ को नवाबी खिताब तो विरासत में मिला था लेकिन पैलेस को उन्होंने अपनी मेहनत से वापस पाया.
पहले यह महल किराए पर दिया गया था लेकिन सैफ ने इसे फिर से अपने नाम किया सैफ ने चैट शो में यह भी बताया था कि जो उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी हैं और उनके जो दादा-दादी हैं उनको पटौदी पैलेस के परिसर में ही दफनाया गया यह स्थान उनके परिवार के लिए ना केवल एक घर है बल्कि उनकी पारिवारिक विरासत और भावनाओं का एक प्रतीक भी है यह महल सिर्फ एक संपत्ति नहीं है बल्कि यह पटौदी परिवार की विरासत और उनकी रॉयल लाइफ स्टाइल का एक प्रतीक है यहां अक्सर फिल्म की शूटिंग और पारिवारिक कार्यक्रम भी आयोजित होते रहते हैं.
आपको फिल्म एनिमल याद होगी जिसमें रणवीर कपूर ने अनिल कपूर के बेटे की अहम भूमिका निभाई थी इस फिल्म की शूटिंग जिस महल में हुई थी वह सैफ अली खान का पटौदी हाउस ही था सिर्फ एनिमल ही नहीं तमाम ऐसी फिल्में हैं जिसके सींस पटौदी हाउस में फिल्माए गए हैं क्या आप जानते हैं कि जो रॉबर्ट्स की फिल्म ईट प्रे लव की शूटिंग पटौदी पैलेस में हुई थी साथ ही क्या आप जानते हैं कि मंगल पांडे वीर जारा और मेरे ब्रदर की दुल्हन की शूटिंग के लिए भी भव्य पटौदी पैलेस का ही इस्तेमाल किया गया था इस पैलेस का निर्माण सन 1900 में शुरू हुआ था रॉबर्ट टोर रसेल जो एक ब्रिटिश वास्तुकार है उन्होंने इसे डिजाइन किया था जो उस समय की राजसी और आधुनिक शैली का मिश्रण दर्शाता है महल के डिजाइन में यूरोपीय और भारतीय वास्तुकला का अनोखा मिश्रण है इसमें लंबे गलियारे ऊंची छतें और खुले बागान शामिल है जो इसे शाही और भव्य बनाते हैं.
